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Fatehabad News: एनीमिया मुक्त अभियान शुरू, ट्रेनिंग पर आए विद्यार्थियों को दे दी खून जांच की जिम्मेदारी
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जिले में लगाए गए एनीमिया मुक्त अभियान के दौरान जांच करते हुए स्वास्थ्यकर्मी
फतेहाबाद। स्वास्थ्य विभाग का 100 दिन एनीमिया मुक्त अभियान मंगलवार को शुरू हो गया। विभाग की अलग-अलग टीमों ने अस्पताल और फील्ड में कैंप लगाकर खून की जांच की। नागरिक अस्पताल में भी एनीमिया मुक्त को लेकर काउंटर लगाया गया। इस काउंटर पर जांच के लिए ट्रेनिंग पर आए विद्यार्थियों को ही जिम्मेदारी दे दी गई। लेकिन जांच के लिए जो एचबी मीटर दिया गया वह भी सही काम करता नहीं मिला। विद्यार्थियों ने कहा कि इससे आइडिया मिल रहा है और अगर किसी में ज्यादा खून की कमी मिलती है तो उसका सीबीसी टेस्ट करवाया जाएगा।
वहीं देर शाम तक पोर्टल में तकनीकी दिक्कत के कारण एनीमिया मुक्त के तहत चिह्नित लोगों की पहले दिन हुई जांच का पता नहीं चल पाया। विभाग का ये अभियान 100 दिनों तक चलना है। इसको लेकर टीमों का गठन किया गया है और इसमें तीन सदस्य शामिल किए गए है। एक एएनएम, सीएचओ और एमपीएचडब्ल्यू मेल शामिल है। विभाग ने जिले में 2615 कैंप लगाने का लक्ष्य रखा है। जांच के दौरान अगर किसी में एचबी कम मिलता है तो उसका उपचार शुरू होगा और फॉलोप लिया जाएगा।
6 श्रेणी के लोगों को किया गया है शामिल
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की माने तो करीब 54 फीसदी लोगों में खून की कमी है। इसी के चलते बीमारियों की चपेट में आने की आशंका रहती है। जिले में 324540 लोगों में खून की जांच की जानी है। जिसमें 6 माह से 59 माह के बच्चे, 5 से 9 साल के बच्चे, 10 से 19 साल की किशोरियों, गर्भवती महिलाएं और स्तनपान करवाने वाली महिलाएं शामिल होंगी।
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कोट
विभाग की तरफ से कैंप लगाकर एचबी जांच की गई है। इसको लेकर अलग-अलग टीमों का गठन किया गया है। पोर्टल में दिक्कत के कारण आंकड़ा नहीं मिल पाया है कि कितने लोगों की टेस्टिंग हुई है।
- डॉ. भरत सहारण, उप सिविल सर्जन
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वहीं देर शाम तक पोर्टल में तकनीकी दिक्कत के कारण एनीमिया मुक्त के तहत चिह्नित लोगों की पहले दिन हुई जांच का पता नहीं चल पाया। विभाग का ये अभियान 100 दिनों तक चलना है। इसको लेकर टीमों का गठन किया गया है और इसमें तीन सदस्य शामिल किए गए है। एक एएनएम, सीएचओ और एमपीएचडब्ल्यू मेल शामिल है। विभाग ने जिले में 2615 कैंप लगाने का लक्ष्य रखा है। जांच के दौरान अगर किसी में एचबी कम मिलता है तो उसका उपचार शुरू होगा और फॉलोप लिया जाएगा।
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6 श्रेणी के लोगों को किया गया है शामिल
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की माने तो करीब 54 फीसदी लोगों में खून की कमी है। इसी के चलते बीमारियों की चपेट में आने की आशंका रहती है। जिले में 324540 लोगों में खून की जांच की जानी है। जिसमें 6 माह से 59 माह के बच्चे, 5 से 9 साल के बच्चे, 10 से 19 साल की किशोरियों, गर्भवती महिलाएं और स्तनपान करवाने वाली महिलाएं शामिल होंगी।
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विभाग की तरफ से कैंप लगाकर एचबी जांच की गई है। इसको लेकर अलग-अलग टीमों का गठन किया गया है। पोर्टल में दिक्कत के कारण आंकड़ा नहीं मिल पाया है कि कितने लोगों की टेस्टिंग हुई है।
- डॉ. भरत सहारण, उप सिविल सर्जन