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Fatehabad News: मंकीपॉक्स को लेकर अलर्ट जारी, तीन ऑक्सीजन प्लांट और वेंटिलेटर समेत व्यवस्थाएं जांचने के लिए होगी मॉक-ड्रिल
Wed, 11 Sep 2024 01:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Wed, 11 Sep 2024 01:27 AM IST
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फतेहाबाद। मंकीपॉक्स को लेकर जिले में अलर्ट जारी किया गया है। अस्पतालों में स्पेशल वार्ड बनाने के निर्देश दिए गए है। अगर बाहर से आने वाले किसी व्यक्ति में मंकीपॉक्स के लक्षण दिखते हैं तो उसे स्पेशल वार्ड में आइसोलेट किया जाएगा है। जांच के लिए सैंपल दिल्ली भेजा जाएगा। ये ही नहीं स्वास्थ्य विभाग कोरोना महामारी के दौरान की गई व्यवस्थाओं की समीक्षा के लिए मॉक ड्रिल करवाने जा रहा है। हालांकि जिले में मंकीपॉक्स आशंकित केस भी सामने नहीं आया है।
जिले के सीएचसी से लेकर नागरिक अस्पताल में मॉक ड्रिल की जाएगी। मॉक ड्रिल में खासकर जिले के तीन अस्पतालों में चल रहे ऑक्सीजन प्लांट की स्थिति को जांचा जाएगा। इसके अलावा अस्पताल में वेंटिलेटर, दवाइयां, एंबुलेंस की स्थिति जांची जाएगी। स्टाफ की सक्रियता को भी जांचा जाएगा कि कितनी देरी में मरीज को उपचार उपलब्ध करवाया जाता है। केंद्र सरकार की तरफ से वीरवार को मॉकड्रिल करवाई जानी है।
ये हैं मंकीपॉक्स के लक्षण
जिला महामारी रोकथाम विशेषज्ञ डॉ. विष्णु मित्तल का कहना है कि शरीर पर चकत्ते और बड़े-बड़े दाने होना मंकीपॉक्स संक्रमण के लक्षण होते हैं। मरीज को बुखार, मांसपेशियों में दर्द या गले में खराश होना भी लक्षण है। चकत्ते हथेली, तलवों, चेहरे, मुंह, गले में हो सकते हैं। मरीज को थकान भी रहती है। इसके लक्षण वायरस के संपर्क में आने के 21 दिनों के भीतर शुरू होते हैं और इसका असर दो-चार हफ्तों तक भी रह सकता है।
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ऐसे करे बचाव
विशेषज्ञों के मुताबिक मंकीपॉक्स वायरल बीमारी है। इससे बचाव को लेकर त्वचा या गुप्तांगों पर घाव वाले लोगों के करीब जाने से बचना चाहिए। बीमार लोगों द्वारा इस्तेमाल किए गए कपड़े, बिस्तर, या स्वास्थ्य संस्थानों में उपयोग की गई वस्तुओं से दूर रहना चाहिए।
जिले में है तीन ऑक्सीजन प्लांट, एक नहीं सक्रिय
कोरोना महामारी के दौरान जिले में तीन ऑक्सीजन प्लांट शुरू किए गए। जिसमें फतेहाबाद नागरिक अस्पताल में 500 एलपीएम, टोहाना में 200 और रतिया में 250 एलपीएम यानि लीटर प्रति मिनट क्षमता के प्लांट शामिल हैं। फतेहाबाद और टोहाना का ऑक्सीजन प्लांट एक्टिव है जबकि रतिया का प्लांट सक्रिय नहीं है।
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जिले में डेंगू के मिल चुके हैं सात केस
स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू को लेकर भी अलर्ट जारी कर रखा है। जिले में डेंगू के सात केस मिल चुके हैं। हालांकि स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है। करीब डेढ़ हजार घरों में लारवा मिल चुका है। विभाग रेपिड फीवर सर्वे भी बुधवार को पूरा होगा।
मंकीपॉक्स को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। इसको लेकर सिविल सर्जन की तरफ से अस्पताल इंचार्ज को निर्देश जारी किए गए है। लोगों से भी अपील है कि सावधानी बरतें। अगर किसी में लक्षण हैं तो जांच जरूर करवाएं।
- डॉ. विष्णु मित्तल, जिला महामारी रोकथाम विशेषज्ञ
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जिले के सीएचसी से लेकर नागरिक अस्पताल में मॉक ड्रिल की जाएगी। मॉक ड्रिल में खासकर जिले के तीन अस्पतालों में चल रहे ऑक्सीजन प्लांट की स्थिति को जांचा जाएगा। इसके अलावा अस्पताल में वेंटिलेटर, दवाइयां, एंबुलेंस की स्थिति जांची जाएगी। स्टाफ की सक्रियता को भी जांचा जाएगा कि कितनी देरी में मरीज को उपचार उपलब्ध करवाया जाता है। केंद्र सरकार की तरफ से वीरवार को मॉकड्रिल करवाई जानी है।
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ये हैं मंकीपॉक्स के लक्षण
जिला महामारी रोकथाम विशेषज्ञ डॉ. विष्णु मित्तल का कहना है कि शरीर पर चकत्ते और बड़े-बड़े दाने होना मंकीपॉक्स संक्रमण के लक्षण होते हैं। मरीज को बुखार, मांसपेशियों में दर्द या गले में खराश होना भी लक्षण है। चकत्ते हथेली, तलवों, चेहरे, मुंह, गले में हो सकते हैं। मरीज को थकान भी रहती है। इसके लक्षण वायरस के संपर्क में आने के 21 दिनों के भीतर शुरू होते हैं और इसका असर दो-चार हफ्तों तक भी रह सकता है।
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ऐसे करे बचाव
विशेषज्ञों के मुताबिक मंकीपॉक्स वायरल बीमारी है। इससे बचाव को लेकर त्वचा या गुप्तांगों पर घाव वाले लोगों के करीब जाने से बचना चाहिए। बीमार लोगों द्वारा इस्तेमाल किए गए कपड़े, बिस्तर, या स्वास्थ्य संस्थानों में उपयोग की गई वस्तुओं से दूर रहना चाहिए।
जिले में है तीन ऑक्सीजन प्लांट, एक नहीं सक्रिय
कोरोना महामारी के दौरान जिले में तीन ऑक्सीजन प्लांट शुरू किए गए। जिसमें फतेहाबाद नागरिक अस्पताल में 500 एलपीएम, टोहाना में 200 और रतिया में 250 एलपीएम यानि लीटर प्रति मिनट क्षमता के प्लांट शामिल हैं। फतेहाबाद और टोहाना का ऑक्सीजन प्लांट एक्टिव है जबकि रतिया का प्लांट सक्रिय नहीं है।
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जिले में डेंगू के मिल चुके हैं सात केस
स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू को लेकर भी अलर्ट जारी कर रखा है। जिले में डेंगू के सात केस मिल चुके हैं। हालांकि स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है। करीब डेढ़ हजार घरों में लारवा मिल चुका है। विभाग रेपिड फीवर सर्वे भी बुधवार को पूरा होगा।
मंकीपॉक्स को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। इसको लेकर सिविल सर्जन की तरफ से अस्पताल इंचार्ज को निर्देश जारी किए गए है। लोगों से भी अपील है कि सावधानी बरतें। अगर किसी में लक्षण हैं तो जांच जरूर करवाएं।
- डॉ. विष्णु मित्तल, जिला महामारी रोकथाम विशेषज्ञ