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मंकीपॉक्स को लेकर जिले में अलर्ट, अस्पतालों में बनाए जाएंगे आइसोलेशन वार्ड
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डॉ. सपना गहलावत, सिविल सर्जन।
- फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद। मंकीपॉक्स को लेकर जिले में अलर्ट जारी कर दिया गया है। जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड बनाने के आदेश दिए गए हैं। इसको लेकर सिविल सर्जन डॉ. सपना गहलावत ने चिकित्सा अधिकारियों की बैठक लेकर अलर्ट रहने को कहा है।
इसके अलावा 21 दिन पहले विदेश से लौटे नागरिक में इसको लेकर लक्षण दिखते हैं तो उसे आइसोलेट किया जाएगा और सैंपल पुणे लैब में भेजा जाएगा। सिविल सर्जन डॉ. सपना गहलावत ने कहा कि मंकीपॉक्स भी चेचक जैसी बीमारी है और चेचक का टीका मंकीपॉक्स के बचाव में 80 फीसदी तक कारगर है। इसको लेकर सतर्क रहने की जरूरत है लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है, ये अधिक संक्रमित और जानलेवा नहीं है।
ये है मंकीपॉक्स के लक्षण
मंकीपॉक्स आमतौर पर फ्लू जैसी बीमारी है। बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, अत्याधिक थकान, गले में खराश, खांसी, लिम्फ नोडस में सूजन, शरीर व चेहरे पर लाल रंग के दाने होना।
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उपचार
चिकित्सकों के मुताबिक इस बीमारी में विशेष उपचार की जरूरत नहीं होती है। अधिकांश लक्षण दो से चार सप्ताह तक रहते हैं। जो व्यक्ति पिछले 21 दिनों में विदेश की यात्रा करके आया है और उसमें लक्षण हैं तो उसे स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर जांच करवानी होगी। संक्रमित पाए गए व्यक्ति को आइसोलेशन वार्ड में रखा जाएगा ताकि एक से दूसरा संक्रमित न हो सके। छोटे बच्चों व गर्भवती को सावधानी बरतनी होगी।
कोट
चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि ऐसे किसी व्यक्ति की सूचना मिलने पर उसे तुरंत आइसोलेट करें व उसका सैंपल भिजवाएं। स्वास्थ्य केंद्रों पर आइसोलेशन वार्ड बनाने के निर्देश दिए गए है।
-डॉ. सपना गहलावत, सिविल सर्जन
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इसके अलावा 21 दिन पहले विदेश से लौटे नागरिक में इसको लेकर लक्षण दिखते हैं तो उसे आइसोलेट किया जाएगा और सैंपल पुणे लैब में भेजा जाएगा। सिविल सर्जन डॉ. सपना गहलावत ने कहा कि मंकीपॉक्स भी चेचक जैसी बीमारी है और चेचक का टीका मंकीपॉक्स के बचाव में 80 फीसदी तक कारगर है। इसको लेकर सतर्क रहने की जरूरत है लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है, ये अधिक संक्रमित और जानलेवा नहीं है।
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ये है मंकीपॉक्स के लक्षण
मंकीपॉक्स आमतौर पर फ्लू जैसी बीमारी है। बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, अत्याधिक थकान, गले में खराश, खांसी, लिम्फ नोडस में सूजन, शरीर व चेहरे पर लाल रंग के दाने होना।
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उपचार
चिकित्सकों के मुताबिक इस बीमारी में विशेष उपचार की जरूरत नहीं होती है। अधिकांश लक्षण दो से चार सप्ताह तक रहते हैं। जो व्यक्ति पिछले 21 दिनों में विदेश की यात्रा करके आया है और उसमें लक्षण हैं तो उसे स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर जांच करवानी होगी। संक्रमित पाए गए व्यक्ति को आइसोलेशन वार्ड में रखा जाएगा ताकि एक से दूसरा संक्रमित न हो सके। छोटे बच्चों व गर्भवती को सावधानी बरतनी होगी।
कोट
चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि ऐसे किसी व्यक्ति की सूचना मिलने पर उसे तुरंत आइसोलेट करें व उसका सैंपल भिजवाएं। स्वास्थ्य केंद्रों पर आइसोलेशन वार्ड बनाने के निर्देश दिए गए है।
-डॉ. सपना गहलावत, सिविल सर्जन