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Fatehabad News: नई कॉलोनियों में प्रॉपर्टी आईडी सर्वे के लिए एजेंसी ने सात रुपये प्रति यूनिट खर्चा घटाया
Tue, 16 Jan 2024 02:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Tue, 16 Jan 2024 02:03 AM IST
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फतेहाबाद। नगर परिषद की सीमा बढ़ने के बाद शामिल हुईं नई कॉलोनियों के करीब सात हजार घरों का प्रॉपर्टी आईडी सर्वे जल्द शुरू होने वाला है। नगर परिषद अधिकारियों ने गाजियाबाद की जीआईएस एजेंसी को रेट कम करने का प्रस्ताव भेजा था। एजेंसी ने रेट में मामूली कटौती करते हुए 118 रुपये प्रति यूनिट मांगा है। एजेंसी ने सात रुपये प्रति यूनिट रेट घटाया है। नगर परिषद अब डीएमसी को अप्रूव्ल के लिए प्रस्ताव भेजेगी। मंजूरी मिलने के बाद एजेंसी को वर्क ऑर्डर जारी होगा।
एजेंसी के सर्वे के बाद नगर परिषद प्रॉपर्टी आईडी को लेकर आपत्तियां मांगेगी। इसके बाद फाइनल डाटा एनडीसी पोर्टल पर दर्ज होगा। नगर परिषद की करीब दो साल पहले सीमा बढ़ाई गई थी। सीमा बढ़ने के बाद शहर की हंस कॉलोनी, स्वामी नगर, हरनाम सिंह कॉलोनी, आदर्श कॉलोनी, कालीदास कॉलोनी, आजाद नगर, हिसार रोड आदि क्षेत्र शामिल हुआ। ये कॉलोनियां नगर परिषद क्षेत्र में तो शामिल हो गई है लेकिन प्रॉपर्टी आईडी नहीं बनी है और इस कारण रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है। प्रॉपर्टी आईडी बनने के बाद विकास शुल्क लगेगा और गृहकर भी प्रॉपर्टी मालिकों को चुकाना होगा।
याशी कंपनी ने किया था सर्वे, हो चुका है रद्द
नगर परिषद की बढ़ी सीमा में पिछले साल याशी कंपनी ने डोर टू डोर सर्वे किया था। लेकिन सर्वे में प्रदेश स्तर पर गड़बड़ियां मिलने के बाद याशी कंपनी के सर्वे को रद्द कर दिया गया था। इसके बाद नगर परिषद ने टेंडर लगाया था। सर्वे के लिए एजेंसी तैयार हुई थी लेकिन कॉलोनियां अवैध होने के कारण मंजूरी नहीं मिली थी।
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प्रॉपर्टी मालिकों को कलेक्टर रेट का 5 फीसदी विकास शुल्क देना होगा
नगर परिषद की सीमा में 13 कॉलोनियां वैध हो चुकी हैं। जिसमें नगर परिषद सीमा में शामिल हुई कॉलोनियां भी शामिल हैं। इन कॉलोनियों के प्रॉपर्टी मालिकों को कलेक्टर रेट का 5 फीसदी या फिर 240 रुपये प्रति स्कवेयर मीटर के हिसाब से विकास शुल्क देना होगा।
ईओ ने संभाला कार्यभार
नगर परिषद ईओ राजेंद्र सोनी ने सोमवार को कार्यभार संभाल लिया। ईओ ऋषिकेश चौधरी के तबादले के बाद यहां पर पद खाली था। शुक्रवार को यूएलबी की तरफ से निर्देश जारी किए गए थे।
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प्रॉपर्टी आईडी सर्वे नगर परिषद की बढ़ी हुई सीमा में जल्द शुरू हो जाएगा। इसको लेकर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। प्रॉपर्टी आईडी सर्वे होने के बाद इन कॉलोनियों में रजिस्ट्रियां भी शुरू हो जाएंगी।
- राजेंद्र सिंह खिंची, प्रधान नगर परिषद
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एजेंसी के सर्वे के बाद नगर परिषद प्रॉपर्टी आईडी को लेकर आपत्तियां मांगेगी। इसके बाद फाइनल डाटा एनडीसी पोर्टल पर दर्ज होगा। नगर परिषद की करीब दो साल पहले सीमा बढ़ाई गई थी। सीमा बढ़ने के बाद शहर की हंस कॉलोनी, स्वामी नगर, हरनाम सिंह कॉलोनी, आदर्श कॉलोनी, कालीदास कॉलोनी, आजाद नगर, हिसार रोड आदि क्षेत्र शामिल हुआ। ये कॉलोनियां नगर परिषद क्षेत्र में तो शामिल हो गई है लेकिन प्रॉपर्टी आईडी नहीं बनी है और इस कारण रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है। प्रॉपर्टी आईडी बनने के बाद विकास शुल्क लगेगा और गृहकर भी प्रॉपर्टी मालिकों को चुकाना होगा।
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याशी कंपनी ने किया था सर्वे, हो चुका है रद्द
नगर परिषद की बढ़ी सीमा में पिछले साल याशी कंपनी ने डोर टू डोर सर्वे किया था। लेकिन सर्वे में प्रदेश स्तर पर गड़बड़ियां मिलने के बाद याशी कंपनी के सर्वे को रद्द कर दिया गया था। इसके बाद नगर परिषद ने टेंडर लगाया था। सर्वे के लिए एजेंसी तैयार हुई थी लेकिन कॉलोनियां अवैध होने के कारण मंजूरी नहीं मिली थी।
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प्रॉपर्टी मालिकों को कलेक्टर रेट का 5 फीसदी विकास शुल्क देना होगा
नगर परिषद की सीमा में 13 कॉलोनियां वैध हो चुकी हैं। जिसमें नगर परिषद सीमा में शामिल हुई कॉलोनियां भी शामिल हैं। इन कॉलोनियों के प्रॉपर्टी मालिकों को कलेक्टर रेट का 5 फीसदी या फिर 240 रुपये प्रति स्कवेयर मीटर के हिसाब से विकास शुल्क देना होगा।
ईओ ने संभाला कार्यभार
नगर परिषद ईओ राजेंद्र सोनी ने सोमवार को कार्यभार संभाल लिया। ईओ ऋषिकेश चौधरी के तबादले के बाद यहां पर पद खाली था। शुक्रवार को यूएलबी की तरफ से निर्देश जारी किए गए थे।
प्रॉपर्टी आईडी सर्वे नगर परिषद की बढ़ी हुई सीमा में जल्द शुरू हो जाएगा। इसको लेकर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। प्रॉपर्टी आईडी सर्वे होने के बाद इन कॉलोनियों में रजिस्ट्रियां भी शुरू हो जाएंगी।
- राजेंद्र सिंह खिंची, प्रधान नगर परिषद