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Fatehabad News: बाढ़ के बाद अब सांपों के झुंड बने मुसीबत, एक सप्ताह में 152 सांप पकड़े

Sun, 30 Jul 2023 02:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो अशोक दधीच, संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद (हरियाणा)
अशोक दधीच, संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद (हरियाणा) Published by: अमर उजाला ब्यूरो Updated Sun, 30 Jul 2023 02:00 AM IST
सार

शनिवार को 75 सांपों को रेस्क्यू किया गया। एक सप्ताह में 152 सांप पकड़े जा चुके हैं। नागरिक अस्पताल में एंटी स्नेक बाइट के सिर्फ 52 इंजेक्शन ही उपलब्ध है। सड़क किनारे पेड़ों से कॉमन सैंड बोहा तो घरों से रैट स्नैक व स्पेक्टिकल कोबरा प्रजाति के सांप मिल रहे हैं।

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After the flood, snakes became a problem, 152 snakes were caught in a week
फतेहाबाद के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र से बाढ़ का पानी घटने के बाद पकड़े गए सांप। 

विस्तार

फतेहाबाद जिले के बढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अब सांपों ने डेरा डाल लिया है। जैसे-जैसे बाढ़ का पानी उतर रहा है तो लगातार सांप निकल रहे हैं, जिससे लोग दहशत में हैं। फतेहाबाद में शनिवार को 75 सांपों को रेस्क्यू किया गया है। पिछले एक सप्ताह में स्नेक कैचर की टीम के साथ वन विभाग 152 सांपों को पकड़ चुका है। जिले में सांप काटने के अब तक तीन मामले भी सामने आ चुके हैं। वहीं नागरिक अस्पताल में एंटी स्नेक बाइट के सिर्फ 52 इंजेक्शन ही उपलब्ध हैं।

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बाढ़ के बाद फतेहाबाद में लगातार सांपों का निकलने का सिलसिला जारी है। हालात यह हो गए हैं कि बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र में सड़क के किनारों ही नहीं बल्कि पेड़ों पर भी सांपों ने अपना बसेरा बना लिया है। हर पेड़ पर सांप लिपटे हुए नजर आते हैं। पिछले दो दिनों से लगातार वन्य प्राणी विभाग व स्नेक कैचर पवन जोगपाल के पास लगातार फोन आ रहे हैं।
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लोग लगातार वन्य प्राणी विभाग को इसकी सूचना दे रहे हैं। शुक्रवार को पेड़ों पर डेरा डाले बैठे सांपों को वन्य प्राणी विभाग व स्नेक कैचर पवन जोगपाल की टीम ने 72 सांपों को रेस्क्यू किया। वहीं शनिवार को 75 सांपों को रेस्क्यू किया गया है, सबसे ज्यादा सांप माजरा रोड, रतिया रोड और आर्यन स्कूल के पास पेड़ से पकड़े गए हैं। इसके पहले पांच सांपों को रेस्क्यू किया गया है।
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अधिकतर सांप कॉमन सैंड बोहा प्रजाति के, नहीं होते जहरीले
स्नेक कैचर पवन जोगपाल ने बताया कि जो सांप पकड़े गए हैं, उनमें अधिकतर सांप कॉमन सैंड बोहा प्रजाति के हैं। यह सांप जहरीले नहीं होते और पानी में अधिक तैर भी नहीं सकते। यह सांप खेतों में रहते हैं और किसानों के सहायक होते हैं। देसी भाषा में इनको दोमुहां सांप बोला जाता है। अधिक न तैरने के कारण यह पेड़ों पर शरण ले लेते हैं।

उन्होंने बताया कि इसके अलावा रैट स्नेक व स्पेक्टिकल कोबरा प्रजाति के सांप भी पकड़े गए हैं। उन्होंने बताया कि रैट स्नेक व कोबरा पानी में तैर सकते हैं और लंबा सफर तय करके किनारों पर आ जाते हैं। उन्होंने बताया कि अब तक 106 सांपों का रेस्क्यू करके उनको जंगल में छोड़ा जा चुका है। शनिवार को रतिया रोड पर भी कोबरा सांप को रेस्क्यू किया गया है। वहीं पिछले दिनाें पुलिस लाइन में एक घर से कोबरा सांप को पकड़ा गया था।

अब तक सांप काटने के तीन मामले आए सामने
जिले में अब तक सांप के काटने के तीन मामले सामने आ चुके हैं। इनमें एक मामला रतिया क्षेत्र का है। वहीं शुक्रवार को भी बनावाली सोतर में एक युवक को सांप ने काट लिया, जिसे नागरिक अस्पताल में भर्ती करवाया गया। वहीं एक अन्य स्थान पर भी व्यक्ति को सांप ने काटा है। नागरिक अस्पताल में इस समय 52 इंजेक्शन एंटी स्नेक बाइक डोज के हैं, लेकिन जिस प्रकार से सांप निकल रहे हैं, यह कम दिखाई दे रहे हैं।


घर में हैं सांप तो 8168193563 पर करें संपर्क
पवन जोगपाल ने बताया कि फतेहाबाद में बाढ़ के कारण कई जहरीले जीव व सांप लोगों की ढाणियों में हो सकते हैं, अगर ऐसी कोई समस्या आती है तो लोग उनके नंबर 81681-93563 पर संपर्क करें। घरों से सांपों या अन्य जहरीले जीवों को निकाल दिया जाएगा। इसमें वन्य प्राणी विभाग का भी सहयोग लिया जा सकता है।

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