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धुंध के बाद अब पाले के आसार, सरसों को हो सकता है नुकसान
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फतेहाबाद। पिछले करीब एक माह से धुंध और हवा के वातावरण के बाद मौसम विभाग ने अब पाला पड़ने की आशंका जताई है। ऐसे में सरसों की फसल को नुकसान हो सकता है। हालांकि मौजूदा मौसम गेहूं की फसल के लिए वरदान माना जा रहा है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि पाला पड़ते ही सरसों की उस फसल को नुकसान होगा जिसपर फलियां लग गई हैं।
जिले में इस समय 1 लाख 89 हजार हेक्टेयर भूमि पर गेहूं और 15210 हेक्टेयर पर सरसों की बिजाई की गई है। वीरवार को अधिकतम तापमान 17 व न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वीरवार को पूरा दिन धूप निकली रही जिसके चलते तापमान में बढ़ोतरी हुई। धूप निकलने के कारण मौसम विभाग ने अचानक मौसम बदलने की भविष्यवाणी की है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि महीना भर धुंध व हवा से मिला-जुला मौसम रहा। ऐसे में फसल को नुकसान की अपेक्षा फायदा ही हुआ। अब हवा रुकती है तो पाला पड़ेगा जो सरसों की फसल के लिए नुकसानदायक है। खासकर अगेती बीजी गई सरसों की फसल जिसपर फलियां लग चुकी हैं, उस पर नुकसान की आशंका ज्यादा है। हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय मौसम विभाग के अनुसार चार या पांच जनवरी को धुंध रहेगी। 6 से 8 जनवरी तक बरसात की संभावना है। ऐसे में गेहूं को तो फायदा होगा लेकिन सरसों की फसल को नुकसान होगा। मुख्य कारण 9 और 10 जनवरी को दोबारा धूप निकलना है। धूप के बाद पाला पड़ेगा जिससे खेतों में बर्फ की पतली चादर सी जम जाती है और फसलों पर ओस की बजाये बर्फ की चादर बिछ जाती है। कृषि विभाग के अधिकारी राकेश के अनुसार इस दफा किसानों को सरसों की फसल में पानी लगाने की आवश्यकता है, इससे तापमान में दो डिग्री बढ़ोतरी हो जाती है जिससे सरसों के नुकसान से बचा जा सकता है।
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जिले में इस समय 1 लाख 89 हजार हेक्टेयर भूमि पर गेहूं और 15210 हेक्टेयर पर सरसों की बिजाई की गई है। वीरवार को अधिकतम तापमान 17 व न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वीरवार को पूरा दिन धूप निकली रही जिसके चलते तापमान में बढ़ोतरी हुई। धूप निकलने के कारण मौसम विभाग ने अचानक मौसम बदलने की भविष्यवाणी की है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि महीना भर धुंध व हवा से मिला-जुला मौसम रहा। ऐसे में फसल को नुकसान की अपेक्षा फायदा ही हुआ। अब हवा रुकती है तो पाला पड़ेगा जो सरसों की फसल के लिए नुकसानदायक है। खासकर अगेती बीजी गई सरसों की फसल जिसपर फलियां लग चुकी हैं, उस पर नुकसान की आशंका ज्यादा है। हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय मौसम विभाग के अनुसार चार या पांच जनवरी को धुंध रहेगी। 6 से 8 जनवरी तक बरसात की संभावना है। ऐसे में गेहूं को तो फायदा होगा लेकिन सरसों की फसल को नुकसान होगा। मुख्य कारण 9 और 10 जनवरी को दोबारा धूप निकलना है। धूप के बाद पाला पड़ेगा जिससे खेतों में बर्फ की पतली चादर सी जम जाती है और फसलों पर ओस की बजाये बर्फ की चादर बिछ जाती है। कृषि विभाग के अधिकारी राकेश के अनुसार इस दफा किसानों को सरसों की फसल में पानी लगाने की आवश्यकता है, इससे तापमान में दो डिग्री बढ़ोतरी हो जाती है जिससे सरसों के नुकसान से बचा जा सकता है।
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