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143 दिन बाद चौथी और पांचवीं के विद्यार्थी पहुंचे स्कूल, 182 स्कूलों ने ही दी हाजिरी रिपोर्ट
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प्राइमरी स्कूल में पढ़ते हुए विद्यार्थी।
- फोटो : Fatehabad
कोरोना महामारी की दूसरी लहर के दौरान बंद किए गए प्राइमरी स्कूल कक्षा चौथी और पांचवीं के लिए बुधवार को खुल गए। 143 दिनों बाद विद्यार्थी स्कूल पहुंचे। सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की थर्मल स्क्रीनिंग से जांच की गई और इसके बाद ही कक्षाओं में भेजा गया। लेकिन निजी स्कूलों में कोरोना गाइडलाइन का पालन नहीं दिखा।
विद्यार्थियों को बिना जांच सीधा कक्षाओं में भेजा गया। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक पहले दिन 60 फीसदी विद्यार्थी स्कूल पहुंचे है। जिले के सरकारी और निजी स्कूलों में चौथी और पांचवीं कक्षा में करीब 30 हजार विद्यार्थी है। इसमें आधे विद्यार्थियों को स्कूल बुलाया गया था। इसमें करीब 60 फीसदी विद्यार्थी स्कूल आए। जिले में 389 सरकारी प्राइमरी स्कूल है, इसके अलावा 185 निजी स्कूल है। जिला मौलिक शिक्षा विभाग ने स्कूलों से कक्षा चौथी और पांचवीं के विद्यार्थियों की हाजिरी रिपोर्ट मांगी थी। लेकिन देर शाम तक मात्र 182 स्कूलों ने ही विद्यार्थियों की हाजिरी रिपोर्ट दी है। इसमें अधिकतर सरकारी स्कूल शामिल हैं।
अभी शुरू नहीं हुई पहली से तीसरी कक्षा
शिक्षा विभाग ने कक्षा पहली से तीसरी शुरू नहीं की है। करीब 40 हजार विद्यार्थी कक्षा पहली से तीसरी में है। कोरोना महामारी की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए शिक्षा विभाग ने अभी पहली से तीसरी कक्षा शुरू करने के आदेश नहीं दिए है। शिक्षा विभाग अभी इन्हें ऑनलाइन ही पढ़ा रहा है।
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कोट
हम खुद चाहते थे कि स्कूल खुले
घर पर ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे थे लेकिन ज्यादा समझ नहीं आ रहा था। अब हम खुद चाहते थे कि स्कूल खुले। स्कूल आकर अच्छा लगा है। माता-पिता भी स्कूल खुलने से खुश है।
- अंजलि, कक्षा चौथी।
स्कूल आकर बहुत अच्छा लगा
स्कूल बंद होने के कारण दोस्तों से नहीं मिल पाए थे। स्कूल आकर पहले दोस्तों से मिले और उनके साथ छुट्टियों में जो किया वह बातें शेयर की। पहले दिन स्कूल आकर बहुत अच्छा लगा।
-गुरप्रीत, कक्षा चौथी।
हम स्कूल आकर पढ़ना चाहते हैं
मैनुअल पढ़ाई में जो समझ आता है वह ऑनलाइन पढ़ाई में नहीं आ रहा था। हम स्कूल आकर पढ़ना चाहते हैं। अगर रोजाना स्कूल बुलाया जाए तो ज्यादा अच्छा है।
- विवेक, कक्षा पांचवीं।
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विद्यार्थियों को बिना जांच सीधा कक्षाओं में भेजा गया। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक पहले दिन 60 फीसदी विद्यार्थी स्कूल पहुंचे है। जिले के सरकारी और निजी स्कूलों में चौथी और पांचवीं कक्षा में करीब 30 हजार विद्यार्थी है। इसमें आधे विद्यार्थियों को स्कूल बुलाया गया था। इसमें करीब 60 फीसदी विद्यार्थी स्कूल आए। जिले में 389 सरकारी प्राइमरी स्कूल है, इसके अलावा 185 निजी स्कूल है। जिला मौलिक शिक्षा विभाग ने स्कूलों से कक्षा चौथी और पांचवीं के विद्यार्थियों की हाजिरी रिपोर्ट मांगी थी। लेकिन देर शाम तक मात्र 182 स्कूलों ने ही विद्यार्थियों की हाजिरी रिपोर्ट दी है। इसमें अधिकतर सरकारी स्कूल शामिल हैं।
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अभी शुरू नहीं हुई पहली से तीसरी कक्षा
शिक्षा विभाग ने कक्षा पहली से तीसरी शुरू नहीं की है। करीब 40 हजार विद्यार्थी कक्षा पहली से तीसरी में है। कोरोना महामारी की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए शिक्षा विभाग ने अभी पहली से तीसरी कक्षा शुरू करने के आदेश नहीं दिए है। शिक्षा विभाग अभी इन्हें ऑनलाइन ही पढ़ा रहा है।
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हम खुद चाहते थे कि स्कूल खुले
घर पर ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे थे लेकिन ज्यादा समझ नहीं आ रहा था। अब हम खुद चाहते थे कि स्कूल खुले। स्कूल आकर अच्छा लगा है। माता-पिता भी स्कूल खुलने से खुश है।
- अंजलि, कक्षा चौथी।
स्कूल आकर बहुत अच्छा लगा
स्कूल बंद होने के कारण दोस्तों से नहीं मिल पाए थे। स्कूल आकर पहले दोस्तों से मिले और उनके साथ छुट्टियों में जो किया वह बातें शेयर की। पहले दिन स्कूल आकर बहुत अच्छा लगा।
-गुरप्रीत, कक्षा चौथी।
हम स्कूल आकर पढ़ना चाहते हैं
मैनुअल पढ़ाई में जो समझ आता है वह ऑनलाइन पढ़ाई में नहीं आ रहा था। हम स्कूल आकर पढ़ना चाहते हैं। अगर रोजाना स्कूल बुलाया जाए तो ज्यादा अच्छा है।
- विवेक, कक्षा पांचवीं।

स्कूल में विद्यार्थियों की थर्मल स्क्रीनिंग करते शिक्षक।- फोटो : Fatehabad