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Fatehabad News: जाखल में बाढ़ न आए, तैयारी में जुटा प्रशासन
Fri, 20 Jun 2025 11:40 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Fri, 20 Jun 2025 11:40 PM IST
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सफाई करते मनरेगा मजदूर।
जाखल। वर्ष 2023 में मानसून सीजन के दौरान आई बाढ़ से सबक लेते हुए प्रशासन अभी से सर्तक हो गया है। तब बाढ़ ने क्षेत्र में कहर बरपाया था। क्षेत्र से गुजरती घग्गर नदी व रंगोई नाले लगते कई गांव बाढ़ से प्रभावित हुए। उस दौरान बाढ़ से लोगों का काफी नुकसान हुआ था।
2023 में आई बाढ़ से प्रशासन ने भी सबक सीखा है। मानसून के दौरान बाढ़ बचाव प्रबंधों को लेकर सिंचाई विभाग इस बार अभी से सचेत है। खंड सिंचाई विभाग ने अभी से बाढ़ बचाव कार्य शुरू कर दिया हैं। सिंचाई विभाग घग्गर नदी व इसके सहायक रंगोई नाले में जल प्रवाहित के प्रबंधों के लिए मनरेगा श्रमिकों से सफाई करवा रहा है।
सिंचाई विभाग के अधिकारियों के अनुसार गांव म्योंद व शकरपुरा के पास रंगोई नाले की सफाई की जा रही है। मनरेगा कर्मियों नाले से जलकुंभी व खरपतवार बाहर निकाल रहे हैं।
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इसके अलावा रंगोई नाले पर जहां पर भी तटबंध कमजोर है, उन्हें दुरुस्त कराया जा रहा है। विभाग का दावा है कि मानसून से पूर्व नाले व घग्गर के दरवाजों की सफाई के साथ कमजोर तटबंधों को मजबूत करने का कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
इसके अलावा आवश्यकता अनुसार नदी के किनारों पर मिट्टी के ढेर लगाने के साथ-साथ आपात स्थिति से निपटने के लिए पहले ही मिट्टी के हजारों बैग भरकर बाढ़ बचाव से निपटने की तैयारी इंतजाम किए जाएंगे।
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कहां-कहां हुआ था नुकसान
वर्ष 2023 में घग्गर नदी में आई बाढ़ से गांव शकरपुरा के पास रंगोई नाला टूटने से आसपास क्षेत्र में पानी भरने से भारी नुकसान हुआ था। इसके साथ ही जाखल के पास से गुजरती घग्गर नदी का तटबंध टूटने से पानी जाखल की सच कैंटीन के पास से पुलिस थाना के पीछे से होकर नायक बस्ती की तरफ खेतों में होकर पंजाब की तरफ भर गया था। इसके अलावा शहर के बलरा रोड की तरफ से जाखल मंडी की तरफ से प्रवेश करने लगा और खेतों में पानी बढ़ना शुरू हो गया था।
हजारों एकड़ फसल हुई थी खराब
उस समय बाढ़ से हजारों हेक्टेयर फसल पानी से तबाह हो गई थी। किसान लाभ सिंह, हरनेक सिंह, बलकार सिंह, नसीब सिंह, रणजीत सिंह आदि ने बताया कि उस दौरान बाढ़े से हजारों हेक्टेयर भूमि बाढ़ से नष्ट हो गई थी। किसानों ने मुआवजे की मांग को लेकर उप तहसील कार्यालय में धरना प्रदर्शन भी किया था।
1993 में भी आई थी बाढ़
वर्ष 1993 में आई बाढ़ की यादें आज भी लोगों के जहन में हैं। इस दौरान पानी का बहाव पहले से अधिक था। इस बाढ़ ने क्षेत्र के लोगों को पलायन करने पर मजबूर कर दिया था।
:: मानसून आने में अभी कुछ समय बाकी है। प्रशासन बाढ़ से निपटने के लिए तैयारियां पूर्ण करने में जुटे हुए हैं। प्रशासन किसी भी तरह की हालत से निपटने को लेकर पूरी तरह से तैयार है।
-संजीव सिंगला, एसडीओ, सिंचाई विभाग, टोहाना
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2023 में आई बाढ़ से प्रशासन ने भी सबक सीखा है। मानसून के दौरान बाढ़ बचाव प्रबंधों को लेकर सिंचाई विभाग इस बार अभी से सचेत है। खंड सिंचाई विभाग ने अभी से बाढ़ बचाव कार्य शुरू कर दिया हैं। सिंचाई विभाग घग्गर नदी व इसके सहायक रंगोई नाले में जल प्रवाहित के प्रबंधों के लिए मनरेगा श्रमिकों से सफाई करवा रहा है।
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सिंचाई विभाग के अधिकारियों के अनुसार गांव म्योंद व शकरपुरा के पास रंगोई नाले की सफाई की जा रही है। मनरेगा कर्मियों नाले से जलकुंभी व खरपतवार बाहर निकाल रहे हैं।
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इसके अलावा रंगोई नाले पर जहां पर भी तटबंध कमजोर है, उन्हें दुरुस्त कराया जा रहा है। विभाग का दावा है कि मानसून से पूर्व नाले व घग्गर के दरवाजों की सफाई के साथ कमजोर तटबंधों को मजबूत करने का कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
इसके अलावा आवश्यकता अनुसार नदी के किनारों पर मिट्टी के ढेर लगाने के साथ-साथ आपात स्थिति से निपटने के लिए पहले ही मिट्टी के हजारों बैग भरकर बाढ़ बचाव से निपटने की तैयारी इंतजाम किए जाएंगे।
कहां-कहां हुआ था नुकसान
वर्ष 2023 में घग्गर नदी में आई बाढ़ से गांव शकरपुरा के पास रंगोई नाला टूटने से आसपास क्षेत्र में पानी भरने से भारी नुकसान हुआ था। इसके साथ ही जाखल के पास से गुजरती घग्गर नदी का तटबंध टूटने से पानी जाखल की सच कैंटीन के पास से पुलिस थाना के पीछे से होकर नायक बस्ती की तरफ खेतों में होकर पंजाब की तरफ भर गया था। इसके अलावा शहर के बलरा रोड की तरफ से जाखल मंडी की तरफ से प्रवेश करने लगा और खेतों में पानी बढ़ना शुरू हो गया था।
हजारों एकड़ फसल हुई थी खराब
उस समय बाढ़ से हजारों हेक्टेयर फसल पानी से तबाह हो गई थी। किसान लाभ सिंह, हरनेक सिंह, बलकार सिंह, नसीब सिंह, रणजीत सिंह आदि ने बताया कि उस दौरान बाढ़े से हजारों हेक्टेयर भूमि बाढ़ से नष्ट हो गई थी। किसानों ने मुआवजे की मांग को लेकर उप तहसील कार्यालय में धरना प्रदर्शन भी किया था।
1993 में भी आई थी बाढ़
वर्ष 1993 में आई बाढ़ की यादें आज भी लोगों के जहन में हैं। इस दौरान पानी का बहाव पहले से अधिक था। इस बाढ़ ने क्षेत्र के लोगों को पलायन करने पर मजबूर कर दिया था।
:: मानसून आने में अभी कुछ समय बाकी है। प्रशासन बाढ़ से निपटने के लिए तैयारियां पूर्ण करने में जुटे हुए हैं। प्रशासन किसी भी तरह की हालत से निपटने को लेकर पूरी तरह से तैयार है।
-संजीव सिंगला, एसडीओ, सिंचाई विभाग, टोहाना