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एक धमाका हुआ और लगा अब अंत आ गया...
ब्यूरो/ अमर उजाला, फतेहाबाद
Updated Mon, 27 Mar 2017 12:19 AM IST
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मौके पर पहुंचे आरपीएफ कर्मचारी।
- फोटो : fatehabad
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टोहाना के गांव कालवन के पास मानव रहित क्रॉसिंग पर हुए रेल हादसे में भले ही कोई यात्री घायल या हताहत ना हुआ हो लेकिन मौत का खौफ वहां मौजूद हरेक यात्री के चेहरे पर साफ तौर पर नजर आया। ट्रेन के रोड रोलर से टकराने और पटरी से उतरने के दौरान हुए धमाकों ने ट्रेन में सवार प्रत्येक यात्री के मन में एक पल के लिए अनहोनी की आशंका हो गई। कई यात्रियों ने ये कहा भी सही कि 'एक धमाका हुआ और लगा अब अंत आ गया। कुछ लोगों ने हादसे के लिए रेलवे की लापरवाही को भी जिम्मेदार बताया।
धमाका हुआ और ऊपर रखा सामान नीचे आ गिरा
मैं दिल्ली से चलकर फिरोजपुर की ओर जा रहा था। टोहाना पहुंचने से पहले एकाएक गाड़ी जोरदार धमाके के साथ रुक गई। इससे पहले कुछ समझ पाता, आसपास के यात्री घबरा गए और आनन-फानन में बाहर निकलने की कोशिश करने लगे। गनीमत यह रही कि भगदड़ में किसी को चोट नहीं लगी। सच कहूं तो मौत के मुंह से बचकर निकले हैं। आज के टाइम में भी मानवरहित रेलवे क्रॉसिंग होना अचरज भरा है।
मोतू शाह, रेल यात्री
मौत को बहुत नजदीक से देखा
मेरा डिब्बा बिल्कुल इंजन के पीछे लगा हुआ था। मैं अपनी सीट पर बैठा था और अचानक धमाके की आवाज हुई और पूरा डिब्बा हिल गया। मेरे साथ बैठे यात्री बदहवास हो गए। ऐसा लगा मानो भूकंप आया है। बाकी यात्रियों के साथ बाहर निकला तो देखा कि रोड रोलर ट्रेन की चपेट में आ चुका है और ड्राइवर की लाश वहीं पड़ी है।
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हरपाल सिंह, गांव के पूर्व सरपंच एवं रेल यात्री
जपते आ रहे थे भगवान का नाम, जान बची तो जोर से लगाए जयकारे
मथुरा से आ रहे आरके गोयल ने बताया कि उनके ग्रुप के 43 सदस्य एक ही डिब्बे में सवार थे जो वृंदावन से धार्मिक यात्रा से लौट रहे थे। गोयल ने बताया कि उनके किसी साथी को चोट नहीं लगी। हादसे के बाद जब किसी यात्री को भी चोट नहीं लगी तो भी उन्होंने और उनके साथियों ने भगवान का जयकारा लगाया।
20 मिनट देरी से चल रही थी ट्रेन, आठ सौ यात्री थे सवार
रेलवे यात्रियों के अनुसार, दुर्घटना का शिकार हुई जनता एक्सप्रेस अपने तय समय से लगभग 20 मिनट की देरी से चल रही थी। इस ट्रेन में रेलवे अधिकारियों के मुताबिक लगभग आठ सौ के करीब यात्री सवार थे। कुछ यात्री जो आसपास के इलाकों से थे, वे निजी साधनों से चले गए और जो यात्री रह गए थे, उन्हें प्राथमिक संभाल के बाद उसी ट्रेन में रवाना कर दिया गया।
हादसे की खबर मिलते ही स्टेशन की ओर दौड़े परिजन
कालवन के पास रेल के पटरी से उतरने की खबर मिलते ही टोहाना शहर में भी लोगों में हड़कंप मच गया। लोग आनन-फानन में रेलवे स्टेशन की ओर दौड़े। हादसे के कुछ ही देर में दर्जनों लोग स्टेशन पर पहुंच गए और पूछताछ केंद्र से हादसे के बारे में जानकारी लेने लगे। कुछ लोग ट्रेन में सवार अपने रिश्तेदारों और दोस्तों से फोन कर हाल चाल पूछते भी दिखे।
हादसे से पटरी भी हुई क्षतिग्रस्त
कालवन रेल हादसे के चलते पटरी भी कई जगह से क्षतिग्रस्त हुई है। कई जगह से पटरियां बीच में से टूट गई हैं। रेलवे स्टेशन मास्टर मदन लाल मीणा ने बताया कि क्षतिग्रस्त पटरियों की सूचना उच्चाधिकारियों को दे दी गई है। इस पटरी पर फिलहाल रिपेयरिंग का काम शुरू किया जाएगा, उसके बाद ही कोई ट्रेन इस पटरी से गुजरेगी।
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धमाका हुआ और ऊपर रखा सामान नीचे आ गिरा
मैं दिल्ली से चलकर फिरोजपुर की ओर जा रहा था। टोहाना पहुंचने से पहले एकाएक गाड़ी जोरदार धमाके के साथ रुक गई। इससे पहले कुछ समझ पाता, आसपास के यात्री घबरा गए और आनन-फानन में बाहर निकलने की कोशिश करने लगे। गनीमत यह रही कि भगदड़ में किसी को चोट नहीं लगी। सच कहूं तो मौत के मुंह से बचकर निकले हैं। आज के टाइम में भी मानवरहित रेलवे क्रॉसिंग होना अचरज भरा है।
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मोतू शाह, रेल यात्री
मौत को बहुत नजदीक से देखा
मेरा डिब्बा बिल्कुल इंजन के पीछे लगा हुआ था। मैं अपनी सीट पर बैठा था और अचानक धमाके की आवाज हुई और पूरा डिब्बा हिल गया। मेरे साथ बैठे यात्री बदहवास हो गए। ऐसा लगा मानो भूकंप आया है। बाकी यात्रियों के साथ बाहर निकला तो देखा कि रोड रोलर ट्रेन की चपेट में आ चुका है और ड्राइवर की लाश वहीं पड़ी है।
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हरपाल सिंह, गांव के पूर्व सरपंच एवं रेल यात्री
जपते आ रहे थे भगवान का नाम, जान बची तो जोर से लगाए जयकारे
मथुरा से आ रहे आरके गोयल ने बताया कि उनके ग्रुप के 43 सदस्य एक ही डिब्बे में सवार थे जो वृंदावन से धार्मिक यात्रा से लौट रहे थे। गोयल ने बताया कि उनके किसी साथी को चोट नहीं लगी। हादसे के बाद जब किसी यात्री को भी चोट नहीं लगी तो भी उन्होंने और उनके साथियों ने भगवान का जयकारा लगाया।
20 मिनट देरी से चल रही थी ट्रेन, आठ सौ यात्री थे सवार
रेलवे यात्रियों के अनुसार, दुर्घटना का शिकार हुई जनता एक्सप्रेस अपने तय समय से लगभग 20 मिनट की देरी से चल रही थी। इस ट्रेन में रेलवे अधिकारियों के मुताबिक लगभग आठ सौ के करीब यात्री सवार थे। कुछ यात्री जो आसपास के इलाकों से थे, वे निजी साधनों से चले गए और जो यात्री रह गए थे, उन्हें प्राथमिक संभाल के बाद उसी ट्रेन में रवाना कर दिया गया।
हादसे की खबर मिलते ही स्टेशन की ओर दौड़े परिजन
कालवन के पास रेल के पटरी से उतरने की खबर मिलते ही टोहाना शहर में भी लोगों में हड़कंप मच गया। लोग आनन-फानन में रेलवे स्टेशन की ओर दौड़े। हादसे के कुछ ही देर में दर्जनों लोग स्टेशन पर पहुंच गए और पूछताछ केंद्र से हादसे के बारे में जानकारी लेने लगे। कुछ लोग ट्रेन में सवार अपने रिश्तेदारों और दोस्तों से फोन कर हाल चाल पूछते भी दिखे।
हादसे से पटरी भी हुई क्षतिग्रस्त
कालवन रेल हादसे के चलते पटरी भी कई जगह से क्षतिग्रस्त हुई है। कई जगह से पटरियां बीच में से टूट गई हैं। रेलवे स्टेशन मास्टर मदन लाल मीणा ने बताया कि क्षतिग्रस्त पटरियों की सूचना उच्चाधिकारियों को दे दी गई है। इस पटरी पर फिलहाल रिपेयरिंग का काम शुरू किया जाएगा, उसके बाद ही कोई ट्रेन इस पटरी से गुजरेगी।