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Fatehabad News: गांव गोरखपुर के बेटे अभिनव सिवाच ने यूपीएससी की परीक्षा में पाई 12वीं रैंक
Tue, 23 May 2023 11:19 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Tue, 23 May 2023 11:19 PM IST
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अपने पिता सतबीर सिवाच और मां सुमनलता के साथ यूपीएससी में 12वीं रैंक पाने वाले अभिनव सिवाच।
फतेहाबाद/भूना। जिले के भूना खंड के गांव गोरखपुर के निवासी अभिनव सिवाच ने यूपीएससी की परीक्षा में देशभर में 12वीं रैंक हासिल की है। 28 वर्षीय अभिनव सिवाच ने इससे पहले वर्ष 2021 में भी यूपीएससी की परीक्षा में 16वीं रैंक प्राप्त की थी। मगर उन्हें यूटी कैडर मिल गया। फिलहाल वह दिल्ली में अंडर ट्रेनिंग के दौरान एसडीएम के पद पर कार्यरत थे। इस दौरान भी उन्होंने पुन: यूपीएससी परीक्षा की तैयारी की और अपने हरियाणा कैडर में आकर आईएएस के तौर पर सेवा करने का जज्बा बनाए रखा। अब आए परिणाम ने अभिनव को सुखद अहसास करवाया है।
अभिनव बताते हैं कि एसडीएम के पद से संतुष्टि नहीं थी। वह खुद के प्रदेश में बतौर आईएएस जनसेवा करना चाहते हैं। इसलिए दोबारा प्रयास किया। हालांकि, विश्वास नहीं था कि इतना बेहतर रैंक मिलेगा। 12वीं रैंक मिली तो खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
35 लाख रुपये पैकेज की कंपनी की नौकरी छोड़ की थी यूपीएससी की तैयारी
अभिनव सिवाच को आईएएस बनने का ऐसा जुनून था कि उन्होंने वर्ष 2018 में कोलकाता स्थित मल्टीनेशनल कंपनी में 35 लाख रुपये सालाना पैकेज वाली सलाहकार की नौकरी छोड़ दी। उन्होंने यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी। वर्ष 2019 में नायब तहसीलदार के पद पर सरकारी नौकरी मिल गई। मगर अभिनव का एकमात्र लक्ष्य आईएएस बनना था। इसलिए उन्होंने नायब तहसीलदार के पद पर रहते हुए टोहाना, भूना व हिसार में सेवाएं दी। इसके बाद साल 2020 में उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा दी। इस परीक्षा के दिसंबर 2021 में आए परिणाम में अभिनव ने 16वीं रैंक हासिल की। मगर उनको यूटी कैडर मिला।
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पिता हैं गुरुग्राम में आबकारी एवं कराधान उपायुक्त
अभिनव के पिता सतबीर सिवाच इस समय गुरुग्राम में आबकारी एवं कराधान उपायुक्त के पद पर तैनात हैं। उनकी मां सुमनलता गृहिणी हैं। अभिनव बताते हैं कि उन्हें आईएएस बनने की प्रेरणा भी अपने पिता सतबीर सिवाच से मिली। बचपन से ही वह अपने पिता को बतौर अफसर सेवा करते हुए देखते थे।
गांव में खुशी का माहौल
गांव गोरखपुर में अभिनव सिवाच की उपलब्धि से ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। सरपंच मनदीप योगी, ग्रामीण प्रताप सिवाच, रामचंद्र सिवाच, ओमप्रकाश शर्मा, सतपाल पालू, आजाद सिवाच, बलजीत सिंह, राजेंद्र शर्मा, रिछपाल सिवाच, राजकुमार शर्मा ने कहा कि गांव के बेटे अभिनव सिवाच ने यूपीएससी की परीक्षा में देशभर में 12वां रैंक प्राप्त करके गांव को गौरवान्वित किया है। गांव के युवाओं के लिए वह रोल मॉडल हैं।
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अभिनव बताते हैं कि एसडीएम के पद से संतुष्टि नहीं थी। वह खुद के प्रदेश में बतौर आईएएस जनसेवा करना चाहते हैं। इसलिए दोबारा प्रयास किया। हालांकि, विश्वास नहीं था कि इतना बेहतर रैंक मिलेगा। 12वीं रैंक मिली तो खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
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35 लाख रुपये पैकेज की कंपनी की नौकरी छोड़ की थी यूपीएससी की तैयारी
अभिनव सिवाच को आईएएस बनने का ऐसा जुनून था कि उन्होंने वर्ष 2018 में कोलकाता स्थित मल्टीनेशनल कंपनी में 35 लाख रुपये सालाना पैकेज वाली सलाहकार की नौकरी छोड़ दी। उन्होंने यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी। वर्ष 2019 में नायब तहसीलदार के पद पर सरकारी नौकरी मिल गई। मगर अभिनव का एकमात्र लक्ष्य आईएएस बनना था। इसलिए उन्होंने नायब तहसीलदार के पद पर रहते हुए टोहाना, भूना व हिसार में सेवाएं दी। इसके बाद साल 2020 में उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा दी। इस परीक्षा के दिसंबर 2021 में आए परिणाम में अभिनव ने 16वीं रैंक हासिल की। मगर उनको यूटी कैडर मिला।
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पिता हैं गुरुग्राम में आबकारी एवं कराधान उपायुक्त
अभिनव के पिता सतबीर सिवाच इस समय गुरुग्राम में आबकारी एवं कराधान उपायुक्त के पद पर तैनात हैं। उनकी मां सुमनलता गृहिणी हैं। अभिनव बताते हैं कि उन्हें आईएएस बनने की प्रेरणा भी अपने पिता सतबीर सिवाच से मिली। बचपन से ही वह अपने पिता को बतौर अफसर सेवा करते हुए देखते थे।
गांव में खुशी का माहौल
गांव गोरखपुर में अभिनव सिवाच की उपलब्धि से ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। सरपंच मनदीप योगी, ग्रामीण प्रताप सिवाच, रामचंद्र सिवाच, ओमप्रकाश शर्मा, सतपाल पालू, आजाद सिवाच, बलजीत सिंह, राजेंद्र शर्मा, रिछपाल सिवाच, राजकुमार शर्मा ने कहा कि गांव के बेटे अभिनव सिवाच ने यूपीएससी की परीक्षा में देशभर में 12वां रैंक प्राप्त करके गांव को गौरवान्वित किया है। गांव के युवाओं के लिए वह रोल मॉडल हैं।