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Fatehabad News: बोरियों में कैद ज्ञान का खजाना, पुस्तकालय का नहीं पक्का ठिकाना
Sat, 27 Jun 2026 10:41 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sat, 27 Jun 2026 10:41 PM IST
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शहर के हिसार रोड पर बने नए बस स्टैंड के भवन में रखी गई जिला पुस्तकालय की पुस्तकें। संवाद
फतेहाबाद। विद्यार्थी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर अपना भविष्य संवार सकें, इसके लिए जिला पुस्तकालय बनाया गया लेकिन न तो इसे स्थायी ठिकाना मिला है और न ही किताबें रखने की पर्याप्त जगह। अभी बाल भवन में संचालित पुस्तकालय में महज तीन हजार पुस्तकें हैं जबकि 18 हजार से अधिक पुस्तकें बस स्टैंड परिसर में बोरियों में बंद पड़ी धूल फांक रही हैं।
जिला पुस्तकालय को एक साल पहले बस स्टैंड परिसर से बाल भवन में शिफ्ट किया गया था। यहां न तो रात में रोशनी का उचित प्रबंध है और न ही पर्याप्त जगह। इसी वजह से पुस्तकालय के लिए आईं करीब 21 हजार पुस्तकों में से केवल तीन हजार पुस्तकें ही यहां रखी जा सकी हैं। विद्यार्थी प्रियंका और मंजू ने बताया कि बाल भवन स्थित कक्ष में कम से कम 100 सीटों की व्यवस्था होनी चाहिए लेकिन यहां मात्र 30 सीटें ही हैं। छात्र राजकुमार ने बताया कि हरियाणा सीईटी ग्रुप-डी के आवेदन शुरू हो चुके हैं और अगले कुछ महीनों में परीक्षा होने की उम्मीद है। इसके चलते तैयारी करने वाले युवाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। पुस्तकालय के लिए विभिन्न विषयों और भाषाओं की 21 हजार से अधिक पुस्तकों की व्यवस्था है। इनमें से 18 हजार किताबें बस स्टैंड परिसर में रखी हैं। बाल भवन के प्रांगण और गली में रोशनी का प्रबंध नहीं होने से रात के समय पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। बारिश के दौरान यहां दो से ढाई फीट तक पानी भर जाता है।
कन्या प्राथमिक पाठशाला के भवन को जर्जर घोषित किया
जिला पुस्तकालय के लिए सबसे पहले शहर की कन्या प्राथमिक पाठशाला में एक कमरा आवंटित किया गया था लेकिन वहां संचालन शुरू होने से पहले ही भवन के कमरों को जर्जर घोषित कर दिया गया। इसके बाद पुस्तकालय को नए बस स्टैंड परिसर में शिफ्ट किया और वहां से बाल भवन में स्थानांतरित कर दिया। बाल भवन में जगह कम होने के कारण महज तीन हजार पुस्तकें रखी जा सकीं। शेष 18 हजार पुस्तकें बस स्टैंड परिसर में ही बोरियों में बंद हैं।
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जिला प्रशासन के आदेश पर पुस्तकालय को नए बस स्टैंड परिसर में शिफ्ट किया था। इसके बाद युवाओं की मांग पर इसे बाल भवन में संचालित किया गया। पुस्तकालय के लिए स्थायी भवन उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। बस स्टैंड परिसर में रखीं किताबें खराब नहीं हो इसकी भी देखरेख की व्यवस्था की जाएगी।
- लखबीर कौर, जिला नोडल अधिकारी, जिला पुस्तकालय, फतेहाबाद
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जिला पुस्तकालय को एक साल पहले बस स्टैंड परिसर से बाल भवन में शिफ्ट किया गया था। यहां न तो रात में रोशनी का उचित प्रबंध है और न ही पर्याप्त जगह। इसी वजह से पुस्तकालय के लिए आईं करीब 21 हजार पुस्तकों में से केवल तीन हजार पुस्तकें ही यहां रखी जा सकी हैं। विद्यार्थी प्रियंका और मंजू ने बताया कि बाल भवन स्थित कक्ष में कम से कम 100 सीटों की व्यवस्था होनी चाहिए लेकिन यहां मात्र 30 सीटें ही हैं। छात्र राजकुमार ने बताया कि हरियाणा सीईटी ग्रुप-डी के आवेदन शुरू हो चुके हैं और अगले कुछ महीनों में परीक्षा होने की उम्मीद है। इसके चलते तैयारी करने वाले युवाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। पुस्तकालय के लिए विभिन्न विषयों और भाषाओं की 21 हजार से अधिक पुस्तकों की व्यवस्था है। इनमें से 18 हजार किताबें बस स्टैंड परिसर में रखी हैं। बाल भवन के प्रांगण और गली में रोशनी का प्रबंध नहीं होने से रात के समय पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। बारिश के दौरान यहां दो से ढाई फीट तक पानी भर जाता है।
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कन्या प्राथमिक पाठशाला के भवन को जर्जर घोषित किया
जिला पुस्तकालय के लिए सबसे पहले शहर की कन्या प्राथमिक पाठशाला में एक कमरा आवंटित किया गया था लेकिन वहां संचालन शुरू होने से पहले ही भवन के कमरों को जर्जर घोषित कर दिया गया। इसके बाद पुस्तकालय को नए बस स्टैंड परिसर में शिफ्ट किया और वहां से बाल भवन में स्थानांतरित कर दिया। बाल भवन में जगह कम होने के कारण महज तीन हजार पुस्तकें रखी जा सकीं। शेष 18 हजार पुस्तकें बस स्टैंड परिसर में ही बोरियों में बंद हैं।
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जिला प्रशासन के आदेश पर पुस्तकालय को नए बस स्टैंड परिसर में शिफ्ट किया था। इसके बाद युवाओं की मांग पर इसे बाल भवन में संचालित किया गया। पुस्तकालय के लिए स्थायी भवन उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। बस स्टैंड परिसर में रखीं किताबें खराब नहीं हो इसकी भी देखरेख की व्यवस्था की जाएगी।
- लखबीर कौर, जिला नोडल अधिकारी, जिला पुस्तकालय, फतेहाबाद