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Fatehabad News: हाउस की बैठक में 4 तालाबों पर बने 1155 घर न तोड़े जाने का रखा प्रस्ताव
Wed, 15 Jul 2026 10:55 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Wed, 15 Jul 2026 10:55 PM IST
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भूना। नगर पालिका हाउस की मीटिंग में प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए चेयरपर्सन व पार्षदगणस्त्रोत न
भूना। नगर पालिका हाउस की बैठक बुधवार दोपहर बाद चेयरपर्सन अर्पणा पसरीजा की अध्यक्षता में हुई। बैठक में शहर के चार तालाबों की भूमि पर बने मकानों को नहीं हटाने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। चेयरपर्सन द्वारा सदन के पटल पर रखे गए प्रस्ताव का वाइस चेयरमैन नरेंद्र बागड़ी सहित 13 पार्षदों ने समर्थन किया। हालांकि दो पार्षद बैठक में मौजूद नहीं थे लेकिन उनके प्रतिनिधि शामिल हुए।
बैठक में चेयरपर्सन अर्पणा पसरीजा ने कहा कि शहर के चार तालाबों की भूमि पर करीब 1155 परिवार वर्षों से रह रहे हैं। यदि इन परिवारों को हटाया गया तो बड़ी संख्या में लोग बेघर हो जाएंगे। उन्होंने बताया कि वार्ड 10 स्थित खसरा नंबर 853 की जोहड़ भूमि पर 225, पुराने बाजार के साथ खसरा नंबर 854 पर 350, रामलीला ग्राउंड के पीछे खसरा नंबर 855 पर 50 तथा बगला जोहड़ की खसरा नंबर 856 की भूमि पर 530 मकान बने हुए हैं। चेयरपर्सन ने प्रस्ताव पर सदन की राय मांगी जिस पर सभी पार्षदों ने एकमत होकर समर्थन किया।
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हाउस के फैसले पर रही नजर
बैठक के दौरान बड़ी संख्या में वे लोग भी नगर पालिका कार्यालय पहुंचे जिनके मकान जोहड़ की भूमि पर बने हुए हैं। उल्लेखनीय है कि इसी मुद्दे पर 10 जुलाई को पिछली हाउस बैठक में 10 पार्षदों ने बहिष्कार कर दिया था। उधर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के अधिवक्ता एवं भूना निवासी सिमरनजीत सिंह ने चेयरपर्सन द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि अभी तक केवल एक ही तालाब की विभागीय स्तर पर निशानदेही हुई है इसलिए सभी तालाबों के संबंध में बताए गए आंकड़े आधिकारिक नहीं माने जा सकते। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रस्ताव मानवीय संवेदना से अधिक राजनीतिक उद्देश्य से लाया गया है। इसके साथ ही कहा कि तालाबों के सिकुड़ने का खामियाजा बारिश के दौरान पूरे शहर को जलभराव के रूप में भुगतना पड़ता है।
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बैठक में कब्जों के समय और संख्या पर भी उठे सवाल
बैठक के दौरान वाइस चेयरमैन नरेंद्र बागड़ी ने कहा कि वर्ष 2022 के बाद जोहड़ की भूमि पर सबसे अधिक अवैध कब्जे हुए हैं। उनका आरोप था कि वोट बैंक की राजनीति के चलते इन कब्जों को बढ़ावा मिला। वहीं वार्ड 10 के पार्षद रोहतास गोयल ने कहा कि वर्ष 2002 में तत्कालीन सरपंच सुदर्शना द्वारा कराई गई निशानदेही के दौरान खसरा नंबर 853 पर केवल 87 अवैध कब्जे पाए गए थे। इसके बाद लगातार कब्जों की संख्या बढ़ती गई।
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बैठक की कार्यवाही में प्रस्ताव दर्ज कर लिया गया है और इसे आवश्यक मंजूरी के लिए उच्च अधिकारियों को भेजा जाएगा।
- दीपक कुमार, सचिव नगर पालिका
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बैठक में चेयरपर्सन अर्पणा पसरीजा ने कहा कि शहर के चार तालाबों की भूमि पर करीब 1155 परिवार वर्षों से रह रहे हैं। यदि इन परिवारों को हटाया गया तो बड़ी संख्या में लोग बेघर हो जाएंगे। उन्होंने बताया कि वार्ड 10 स्थित खसरा नंबर 853 की जोहड़ भूमि पर 225, पुराने बाजार के साथ खसरा नंबर 854 पर 350, रामलीला ग्राउंड के पीछे खसरा नंबर 855 पर 50 तथा बगला जोहड़ की खसरा नंबर 856 की भूमि पर 530 मकान बने हुए हैं। चेयरपर्सन ने प्रस्ताव पर सदन की राय मांगी जिस पर सभी पार्षदों ने एकमत होकर समर्थन किया।
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हाउस के फैसले पर रही नजर
बैठक के दौरान बड़ी संख्या में वे लोग भी नगर पालिका कार्यालय पहुंचे जिनके मकान जोहड़ की भूमि पर बने हुए हैं। उल्लेखनीय है कि इसी मुद्दे पर 10 जुलाई को पिछली हाउस बैठक में 10 पार्षदों ने बहिष्कार कर दिया था। उधर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के अधिवक्ता एवं भूना निवासी सिमरनजीत सिंह ने चेयरपर्सन द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि अभी तक केवल एक ही तालाब की विभागीय स्तर पर निशानदेही हुई है इसलिए सभी तालाबों के संबंध में बताए गए आंकड़े आधिकारिक नहीं माने जा सकते। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रस्ताव मानवीय संवेदना से अधिक राजनीतिक उद्देश्य से लाया गया है। इसके साथ ही कहा कि तालाबों के सिकुड़ने का खामियाजा बारिश के दौरान पूरे शहर को जलभराव के रूप में भुगतना पड़ता है।
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बैठक में कब्जों के समय और संख्या पर भी उठे सवाल
बैठक के दौरान वाइस चेयरमैन नरेंद्र बागड़ी ने कहा कि वर्ष 2022 के बाद जोहड़ की भूमि पर सबसे अधिक अवैध कब्जे हुए हैं। उनका आरोप था कि वोट बैंक की राजनीति के चलते इन कब्जों को बढ़ावा मिला। वहीं वार्ड 10 के पार्षद रोहतास गोयल ने कहा कि वर्ष 2002 में तत्कालीन सरपंच सुदर्शना द्वारा कराई गई निशानदेही के दौरान खसरा नंबर 853 पर केवल 87 अवैध कब्जे पाए गए थे। इसके बाद लगातार कब्जों की संख्या बढ़ती गई।
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बैठक की कार्यवाही में प्रस्ताव दर्ज कर लिया गया है और इसे आवश्यक मंजूरी के लिए उच्च अधिकारियों को भेजा जाएगा।
- दीपक कुमार, सचिव नगर पालिका