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Fatehabad News: पराली प्रबंधन के लिए सीएम से मिला प्रतिनिधिमंडल
Fri, 31 Oct 2025 10:55 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Fri, 31 Oct 2025 10:55 PM IST
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फतेहाबाद। बीमा कंपनियों की मनमानी, पराली प्रबंधन सहित किसानों की अन्य मांगों के लिए शुक्रवार को पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति का प्रतिनिधिमंडल राज्य प्रधान मनदीप नथवान के नेतृत्व में फतेहाबाद पहुंचे मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मिला और उन्हें मांग पत्र सौंपा।
किसान संघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री के सामने कृषि विभाग के अधिकारियों और बीमा कंपनियों की मिलीभगत के आरोप लगाते हुए जांच करवाने और दोषी अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। राज्य प्रधान मनदीप नथवान ने कहा कि फतेहाबाद में फसल बीमा कम्पनी ने काफी गांवों में ऑब्जेक्शन लगा दिया है जबकि हालात यह है कि इन गांवों में फसलें भारी बरसात के कारण 100 प्रतिशत खराब हो चुकी है।
बीमा कंपनी की ओर से लगाए गए ऑब्जेक्शन को हटाया जाए और इसमें कृषि अधिकारी भी शामिल हैं, जिसकी उच्चस्तरीय जांच करवाकर किसानों को बीमा क्लेम दिलवाया जाए।
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नथवान ने कहा कि कुछ बैंकों ने बीमा के नाम पर प्रीमियम काट लिया लेकिन पॉलिसी जारी नहीं की। प्रशासन की ओर से पराली प्रबंधन के लिए कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। गेहूं की फसल लेट हो रही है जिस कारण किसानों को मजबूरी में आग लगानी पड़ती है। इस पर किसानों पर मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं जोकि गलत है। किसान संघर्ष समिति ने कहा कि इस बार बरसात व जलभराव के कारण धान की पैदावार कम हुई है।
ऐसे में किसानों को धान पर 500 रुपये प्रति क्विंटल मुआवजा दिया जाए। इस अवसर पर किसान संघर्ष समिति से संदीप सिवाच, ओमप्रकाश, सतीश बेनीवाल, रविन्द्र हिजरावां, सतपाल खाबड़ा आदि मौजूद रहे।
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किसान संघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री के सामने कृषि विभाग के अधिकारियों और बीमा कंपनियों की मिलीभगत के आरोप लगाते हुए जांच करवाने और दोषी अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। राज्य प्रधान मनदीप नथवान ने कहा कि फतेहाबाद में फसल बीमा कम्पनी ने काफी गांवों में ऑब्जेक्शन लगा दिया है जबकि हालात यह है कि इन गांवों में फसलें भारी बरसात के कारण 100 प्रतिशत खराब हो चुकी है।
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बीमा कंपनी की ओर से लगाए गए ऑब्जेक्शन को हटाया जाए और इसमें कृषि अधिकारी भी शामिल हैं, जिसकी उच्चस्तरीय जांच करवाकर किसानों को बीमा क्लेम दिलवाया जाए।
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नथवान ने कहा कि कुछ बैंकों ने बीमा के नाम पर प्रीमियम काट लिया लेकिन पॉलिसी जारी नहीं की। प्रशासन की ओर से पराली प्रबंधन के लिए कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। गेहूं की फसल लेट हो रही है जिस कारण किसानों को मजबूरी में आग लगानी पड़ती है। इस पर किसानों पर मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं जोकि गलत है। किसान संघर्ष समिति ने कहा कि इस बार बरसात व जलभराव के कारण धान की पैदावार कम हुई है।
ऐसे में किसानों को धान पर 500 रुपये प्रति क्विंटल मुआवजा दिया जाए। इस अवसर पर किसान संघर्ष समिति से संदीप सिवाच, ओमप्रकाश, सतीश बेनीवाल, रविन्द्र हिजरावां, सतपाल खाबड़ा आदि मौजूद रहे।