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Fatehabad News: डेढ़ माह से चिप कार्ड की कमी से अटके 972 ड्राइविंग लाइसेंस
Sun, 30 Nov 2025 11:31 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sun, 30 Nov 2025 11:31 PM IST
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फतेहाबाद के लघु सचिवालय में स्थित ई-दिशा केंद्र। संवाद
फतेहाबाद। जिले में पिछले करीब डेढ़ माह से नए व पुराने ड्राइविंग लाइसेंस का इंतजार कर रहे आवेदकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसका कारण कोई प्रशासनिक देरी नहीं, बल्कि लाइसेंस प्रिंट करने के लिए इस्तेमाल होने वाले चिप वाले स्मार्ट कार्ड की कमी होना है।
करीब डेढ़ माह से विभाग के पास चिप कार्ड का स्टॉक पूरी तरह से खत्म हो चुका है। इस वजह से, जिन नागरिकों के लाइसेंस की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, उनके भौतिक स्मार्ट ड्राइविंग लाइसेंस प्रिंट होकर नहीं मिल पा रहे हैं। इस समस्या के कारण अकेले फतेहाबाद में करीब एक हजार लोगों के ड्राइविंग लाइसेंस रुके पड़े हैं।
जानकारी के अनुसार ई-दिशा केंद्र में बनने वाले ड्राइविंग लाइसेंस को लेकर जो चिप वाले कार्ड देने होते है, उसकी सप्लाई एक निजी कंपनी को दी हुई है। जो काफी समय से कार्ड की सप्लाई नहीं कर पा रही है। संवाद
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आवेदक परेशान, ई-दिशा केंद्र के चक्कर काट रहे लोग
ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन करने वाले और टेस्ट पास कर चुके नागरिक अब ई-दिशा केंद्र के लगातार चक्कर काट रहे हैं। बिना कार्ड के, उनका लाइसेंस केवल एक डिजिटल रिकॉर्ड बनकर रह गया है, जिसे हर जगह वैध दस्तावेज के तौर पर इस्तेमाल करने में दिक्कतें आ रही हैं। वहीं जिन लोगों के ड्राइविंग लाइसेंस गुम हो चुके है, वे आवेदन तो कर चुके हैं, लेकिन उन्हें भी ड्राइविंग लाइसेंस फिजिकल तौर पर नहीं मिल रहा है। चूंकि स्मार्ट ड्राइविंग लाइसेंस चिप आधारित होते हैं, इसलिए उन्हें प्रिंट करने के लिए खास तरह के कार्ड की जरूरत होती है।
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डिजिटल कॉपी से काम चलाने की मजबूरी
ड्राइविंग लाइसेंस के आवेदकों को डीजी लॉकर या एम-परिवहन एप पर उपलब्ध डिजिटल ड्राइविंग लाइसेंस की कॉपी से काम चलाना पड़ रहा हैं। केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार, ये डिजिटल दस्तावेज कानूनी रूप से मान्य हैं, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों या तकनीकी रूप से कम जानकार लोगों के लिए यह अभी भी एक बड़ी चुनौती है।
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कार्ड की सप्लाई के अधिकारी लिख चुके हैं पत्र
फतेहाबाद के ई-दिशा केंद्र में बनने वाले ड्राइविंग लाइसेंस के लिए उपयोग होने वाले चिप वाले कार्ड को लेकर प्रशासनिक अधिकारी कार्ड सप्लाई करने वाली कंपनी को कार्ड की सप्लाई के लिए बार-बार पत्र लिख चुकी है। लगभग ई-दिशा केंद्र में 20 अक्तूबर से कार्ड की सप्लाई बाधित है। तब से अब तक सैकड़ों आवेदकों के चिप वाले ड्राइविंग लाइसेंस नहीं बने हैं।
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फतेहाबाद निवासी अमित ने बताया कि उनका ड्राइविंग लाइसेंस गुम हो गया, जिसके बाद उन्होंने दोबारा ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन किया हुआ है। लेकिन अभी तक ड्राइविंग लाइसेंस बनकर नहीं आया है। जिस कारण अब गाड़ी चलाने में भी डरता हूं, क्योंकि हार्ड कॉपी न होने पर ट्रैफिक पुलिस चालान कर सकती है।
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पूरे प्रदेश में ये दिक्कत आ रही है। चिप कार्ड के बारे में उच्च अधिकारियों को लिख चुके है, उम्मीद है जल्द समाधान होगा।
-राजेश कुमार, एसडीएम।
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करीब डेढ़ माह से विभाग के पास चिप कार्ड का स्टॉक पूरी तरह से खत्म हो चुका है। इस वजह से, जिन नागरिकों के लाइसेंस की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, उनके भौतिक स्मार्ट ड्राइविंग लाइसेंस प्रिंट होकर नहीं मिल पा रहे हैं। इस समस्या के कारण अकेले फतेहाबाद में करीब एक हजार लोगों के ड्राइविंग लाइसेंस रुके पड़े हैं।
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जानकारी के अनुसार ई-दिशा केंद्र में बनने वाले ड्राइविंग लाइसेंस को लेकर जो चिप वाले कार्ड देने होते है, उसकी सप्लाई एक निजी कंपनी को दी हुई है। जो काफी समय से कार्ड की सप्लाई नहीं कर पा रही है। संवाद
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आवेदक परेशान, ई-दिशा केंद्र के चक्कर काट रहे लोग
ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन करने वाले और टेस्ट पास कर चुके नागरिक अब ई-दिशा केंद्र के लगातार चक्कर काट रहे हैं। बिना कार्ड के, उनका लाइसेंस केवल एक डिजिटल रिकॉर्ड बनकर रह गया है, जिसे हर जगह वैध दस्तावेज के तौर पर इस्तेमाल करने में दिक्कतें आ रही हैं। वहीं जिन लोगों के ड्राइविंग लाइसेंस गुम हो चुके है, वे आवेदन तो कर चुके हैं, लेकिन उन्हें भी ड्राइविंग लाइसेंस फिजिकल तौर पर नहीं मिल रहा है। चूंकि स्मार्ट ड्राइविंग लाइसेंस चिप आधारित होते हैं, इसलिए उन्हें प्रिंट करने के लिए खास तरह के कार्ड की जरूरत होती है।
डिजिटल कॉपी से काम चलाने की मजबूरी
ड्राइविंग लाइसेंस के आवेदकों को डीजी लॉकर या एम-परिवहन एप पर उपलब्ध डिजिटल ड्राइविंग लाइसेंस की कॉपी से काम चलाना पड़ रहा हैं। केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार, ये डिजिटल दस्तावेज कानूनी रूप से मान्य हैं, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों या तकनीकी रूप से कम जानकार लोगों के लिए यह अभी भी एक बड़ी चुनौती है।
कार्ड की सप्लाई के अधिकारी लिख चुके हैं पत्र
फतेहाबाद के ई-दिशा केंद्र में बनने वाले ड्राइविंग लाइसेंस के लिए उपयोग होने वाले चिप वाले कार्ड को लेकर प्रशासनिक अधिकारी कार्ड सप्लाई करने वाली कंपनी को कार्ड की सप्लाई के लिए बार-बार पत्र लिख चुकी है। लगभग ई-दिशा केंद्र में 20 अक्तूबर से कार्ड की सप्लाई बाधित है। तब से अब तक सैकड़ों आवेदकों के चिप वाले ड्राइविंग लाइसेंस नहीं बने हैं।
फतेहाबाद निवासी अमित ने बताया कि उनका ड्राइविंग लाइसेंस गुम हो गया, जिसके बाद उन्होंने दोबारा ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन किया हुआ है। लेकिन अभी तक ड्राइविंग लाइसेंस बनकर नहीं आया है। जिस कारण अब गाड़ी चलाने में भी डरता हूं, क्योंकि हार्ड कॉपी न होने पर ट्रैफिक पुलिस चालान कर सकती है।
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पूरे प्रदेश में ये दिक्कत आ रही है। चिप कार्ड के बारे में उच्च अधिकारियों को लिख चुके है, उम्मीद है जल्द समाधान होगा।
-राजेश कुमार, एसडीएम।