{"_id":"60fb030e8ebc3e5882536ddc","slug":"97-lakh-rupees-spent-on-dharamshala-road-still-no-solution-for-water-drainage-fatehabad-news-hsr606910847","type":"story","status":"publish","title_hn":"धर्मशाला रोड पर 97 लाख रुपये खर्च, फिर भी नहीं पानी की निकासी का समाधान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धर्मशाला रोड पर 97 लाख रुपये खर्च, फिर भी नहीं पानी की निकासी का समाधान
विज्ञापन
धर्मशाला रोड पर बारिश के बाद दो दिन तक इसी तरह जल भराव रहता है।
- फोटो : Fatehabad
शहर में हाल ही में धर्मशाला रोड का नए सिरे से निर्माण करवाने के बावजूद समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है। यहां पर पहले पानी निकासी की समस्या रहती थी। उम्मीद यही थी कि रोड नया बनने के साथ ही समस्या का निवारण होगा, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। एक बार बारिश होने के बाद जलभराव हो जाता है और फिर पानी की निकासी नहीं हो पाती। पानी सूखाने के लिए सूर्यदेव पर ही निर्भर रहना पड़ता है। लंबे समय से समस्या झेल रहे दुकानदारों में अब रोष बढ़ने लगा है।
बीते वर्ष यह रोड काफी चर्चा में था। यहां पर बरसाती पानी काफी भरा हुआ था। सीवरेज के खुले ढक्कन की वजह से पानी में गिरकर एक युवक डूब गया था। उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। इसके बाद स्थानीय लोगों में काफी रोष था, क्योंकि इस रोड पर पानी की निकासी की समस्या ज्यादा थी। इसी के चलते करीब 97 लाख रुपये की लागत से यह रोड तैयार किया गया है। बकायदा पानी की निकासी के लिए कन्या स्कूल में डिस्पोजल वाटर टैंक भी बनाया जाना है। अब समस्या ये है कि रोड के दोनों तरफ की जगह नीची रह गई है, जिसके चलते पानी भर जाता है। वहीं, शहर के नागरिक अधिकार मंच का कहना है कि इस रोड पर पानी निकासी की व्यवस्था पानी के प्राकृतिक प्रवाह के अनुकूल नहीं बनाई गई। इसलिए यह समस्या आ रही है। इसको लेकर संगठन के लोग वीरवार को ही डीसी से मिले हैं। डीसी महावीर कौशिक ने आश्वासन दिया है कि समस्या का निवारण करवाया जाएगा।
यहां दो दिन तक पानी ही जमा रहता है
यहां पर पानी निकासी की समस्या रहती थी। इसी वजह से बार-बार मांग उठी तो रोड नए सिरे से बनाया गया है। मगर इस बारिश में पता चला है कि समस्या जस की तस है। यहां दो दिन तक पानी ही जमा रहता है। मच्छरों की भरमार रहती है।
विज्ञापन
करण, दुकानदार।
समस्या के निवारण पर किसी का ध्यान नही
इस रोड को नए सिरे से बनाने की मांग लंबे समय से उठ रही थी। नगर परिषद ने करीब एक करोड़ रुपये खर्च कर दिए। अब लेवल दुरुस्त करने के नाम पर अलग से रुपये खर्च किए जाएंगे। यही खेल चल रहा है। समस्या के निवारण पर किसी का ध्यान नहीं होता।
जतिन चौधरी, दुकानदार।
हमने डीसी को भी शिकायत पत्र सौंपा है
हमारे संगठन ने पहले ही चेताया था कि धर्मशाला रोड की निकासी की व्यवस्था पानी के प्राकृतिक बहाव के अनुकूल नहीं है। जनस्वास्थ्य विभाग को कई बार ज्ञापन भी सौंपे गए थे। नगर परिषद को भी कई बार अवगत कराया गया। प्रशासन को देखना चाहिए था कि बरसाती पानी प्राकृतिक रूप से किस दिशा में जा रहा है। किसी ने ध्यान नहीं दिया। इसी वजह से समस्या आ रही है। हमने डीसी को भी शिकायत पत्र सौंपा है।
मोहनलाल नारंग, संयोजक, नागरिक अधिकार मंच।
कोट
धर्मशाला रोड के निर्माण व पानी निकासी संबंधी समस्या को लेकर संस्था सदस्यों ने शिकायत पत्र सौंपा था। उस पर अधिकारियों से रिपोर्ट ली जाएगी।
महावीर कौशिक, डीसी, फतेहाबाद।
विज्ञापन
बीते वर्ष यह रोड काफी चर्चा में था। यहां पर बरसाती पानी काफी भरा हुआ था। सीवरेज के खुले ढक्कन की वजह से पानी में गिरकर एक युवक डूब गया था। उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। इसके बाद स्थानीय लोगों में काफी रोष था, क्योंकि इस रोड पर पानी की निकासी की समस्या ज्यादा थी। इसी के चलते करीब 97 लाख रुपये की लागत से यह रोड तैयार किया गया है। बकायदा पानी की निकासी के लिए कन्या स्कूल में डिस्पोजल वाटर टैंक भी बनाया जाना है। अब समस्या ये है कि रोड के दोनों तरफ की जगह नीची रह गई है, जिसके चलते पानी भर जाता है। वहीं, शहर के नागरिक अधिकार मंच का कहना है कि इस रोड पर पानी निकासी की व्यवस्था पानी के प्राकृतिक प्रवाह के अनुकूल नहीं बनाई गई। इसलिए यह समस्या आ रही है। इसको लेकर संगठन के लोग वीरवार को ही डीसी से मिले हैं। डीसी महावीर कौशिक ने आश्वासन दिया है कि समस्या का निवारण करवाया जाएगा।
विज्ञापन
यहां दो दिन तक पानी ही जमा रहता है
यहां पर पानी निकासी की समस्या रहती थी। इसी वजह से बार-बार मांग उठी तो रोड नए सिरे से बनाया गया है। मगर इस बारिश में पता चला है कि समस्या जस की तस है। यहां दो दिन तक पानी ही जमा रहता है। मच्छरों की भरमार रहती है।
विज्ञापन
करण, दुकानदार।
समस्या के निवारण पर किसी का ध्यान नही
इस रोड को नए सिरे से बनाने की मांग लंबे समय से उठ रही थी। नगर परिषद ने करीब एक करोड़ रुपये खर्च कर दिए। अब लेवल दुरुस्त करने के नाम पर अलग से रुपये खर्च किए जाएंगे। यही खेल चल रहा है। समस्या के निवारण पर किसी का ध्यान नहीं होता।
जतिन चौधरी, दुकानदार।
हमने डीसी को भी शिकायत पत्र सौंपा है
हमारे संगठन ने पहले ही चेताया था कि धर्मशाला रोड की निकासी की व्यवस्था पानी के प्राकृतिक बहाव के अनुकूल नहीं है। जनस्वास्थ्य विभाग को कई बार ज्ञापन भी सौंपे गए थे। नगर परिषद को भी कई बार अवगत कराया गया। प्रशासन को देखना चाहिए था कि बरसाती पानी प्राकृतिक रूप से किस दिशा में जा रहा है। किसी ने ध्यान नहीं दिया। इसी वजह से समस्या आ रही है। हमने डीसी को भी शिकायत पत्र सौंपा है।
मोहनलाल नारंग, संयोजक, नागरिक अधिकार मंच।
कोट
धर्मशाला रोड के निर्माण व पानी निकासी संबंधी समस्या को लेकर संस्था सदस्यों ने शिकायत पत्र सौंपा था। उस पर अधिकारियों से रिपोर्ट ली जाएगी।
महावीर कौशिक, डीसी, फतेहाबाद।