{"_id":"5b4b98f44f1c1b8f568b476b","slug":"91531681012-fatehabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"हेडिंग : लोकतंत्र के मूलमंत्र चर्चा, परिचर्चा व संवाद से मानसून सत्र में सांसद व विधायक लेंगे निर्णय : राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हेडिंग : लोकतंत्र के मूलमंत्र चर्चा, परिचर्चा व संवाद से मानसून सत्र में सांसद व विधायक लेंगे निर्णय : राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद
Updated Mon, 16 Jul 2018 12:26 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा है कि लोकतंत्र का मूल मंत्र चर्चा, परिचर्चा और संवाद हैं, जिसकी सीख कबीरवाणी से मिली है। जल्द संसद व राज्यों की विधानसभाओं में मानसून सत्र शुरू होगा। उम्मीद करता हूं कि देश के सांसद व विधायक इस मूलमंत्र पर चलकर जनहित में निर्णय लेंगे।
वे रविवार को फतेहाबाद में संत शिरोमणि कबीर दास के प्रकोटोत्सव के उपलक्ष्य में आयोजित कबीर महाकुंभ को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। इससे पूर्व भोड़ियाखेड़ा स्थित खेल स्टेडियम में बनाए गए हेलीपैड पर प्रदेश के राज्यपाल प्रोफेसर कप्तान सिंह सोलंकी, प्रदेश के परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार, राज्य मंत्री मनीष ग्रोवर, उपायुक्त डॉ. हरदीप सिंह ने पुष्प गुच्छ भेंटकर राष्ट्रपति महोदय का स्वागत किया।
राष्ट्रपति ने कहा कि संत कबीरदास किसी एक समाज के नहीं बल्कि सर्वसमाज के पथ प्रदर्शक थे, उनकी वाणी में एक ऐसे समाज की रचना की जिसमें ऊंच-नीच, जात-पात व अन्य किसी भी प्रकार के भेदभाव की कोई जगह नहीं हैं। संत कबीर ने किसी को भी पंथ, जाति, भाषा इत्यादि में नहीं बांधा। उनकी वाणी में समरसता, सरलता के साथ-साथ सामाजिक न्याय का भाव देखने को मिलता है। उन्हीं की वाणी के अनुरूप देश के संविधान को तैयार किया गया है, जिसमें कार्यपालिका और विधायिका सक्रिय रहती है। उन्होंने कहा कि कबीर पंथ निरपेक्षता का मार्ग है और संविधान भी इसके लिए वचनबद्ध है।
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बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का अभियान के चलते हरियाणा में बढ़ी लड़कियों की संख्या
राष्ट्रपति ने कहा कि 22 जनवरी 2015 को हरियाणा के पानीपत की धरती से बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का अभियान शुरू किया गया। इसके चलते प्रदेश में लड़कों के मुकाबले लड़कियों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। इसके लिए हरियाणा सरकार बधाई की पात्र है। उन्होंने कहा कि राज्यपाल प्रोफेसर कप्तान सिंह सोलंकी समाज के उन वर्गों के प्रति बहुत संवेदनशील हैं जो दिव्यांग या किसी बीमारी से पीड़ित हैं। आपदा पीड़ितों के लिए भी राज्यपाल सदैव सहयोग के लिए तत्पर रहते हैं। हरियाणा के राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी को हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल का भी अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है।
राष्ट्रपति ने कहा कि संत कबीर के अलावा महात्मा गांधी, डॉ. भीमराव अंबेडकर, दीन दयाल उपाध्याय के साथ-साथ अन्य महापुरुषों ने देश में समरसता, सरलता और ऊंच-नीच व भेदभाव को दूर करने में चेतना जगाने का काम किया। उन्होंने उपस्थित लोगों से संवाद स्थापित करते हुए कहा कि आप सभी को पता है कि कबीर के परिजन बुनकर का काम करते थे और अपने जीवनयापन के लिए संत कबीर ने भी यह काम किया। उन्होंने कहा कि संत कबीर ने उस समय समाज के ताने-बाने को एक रास्ता देने के लिए गरीब, उपेक्षित और पीड़ित, जो उस समय अपनी पीड़ा का उल्लेख नहीं कर सकते थे, को एक रास्ता दिखाया और लोग संत कबीर की वाणी सुनने लगे तथा उनके अनुयायी बनने लगे।
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जात पात पूछे नहीं कोई, जो हरि को भजे व वह हरि का होय
राष्ट्रपति ने संत कबीर के दोहे जात-पात पूछे नहीं कोई, जो हरि को भजे, वह हरि का होय, का उच्चारण करते हुए कहा कि संत कबीर एक समाज सुधारक भी थे। उन्होंने जाति-पाति, ऊंच-नीच और उस समय की कुरीतियों के साथ-साथ भेदभाव जैसी कुरीति को समाप्त करने के प्रति लोगों में चेतना जगाई। उन्होंने कहा कि संत कबीर की सरलता बहुत ही दुर्लभ है और यह आज भी प्रासंगिक है। उन्होंने कहा था कि जो सच्चा है उसके दिल में ईश्वर रहता है। उन्होंने कहा कि समाज की यह विडंबना है कि व्यक्ति को आज कुल, जाति, क्षेत्र से जाना जाता है जबकि असल में मानव को गुणों और अवगुणों से पहचाना जाना चाहिए, जिसके गुण श्रेष्ठ हैं वह महान हो जाता है। उन्होंने कहा कि संत कबीर इतने महान थे कि गुरु नानक देव जी भी अपने प्रवचनों में उनकी वाणी का उल्लेख करते हैं।
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जिस समाज में महिलाएं आगे आती हैं वह समाज प्रगति करता है : राज्यपाल
राज्यपाल प्रोफेसर कप्तान सिंह सोलंकी ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रपति फतेहाबाद जिला में पहली बार आए हैं और राज्यपाल होने के नाते वे उनसे निवेदन करते हैं कि उनकी यह कृृपा दृृष्टि हरियाणा पर सदैव बनी रही। उन्होंने महिलाओं की उपस्थिति को देख कर कहा कि आज महिलाओं की उपस्थिति अच्छी है और यह चमत्कारी है, जिस समाज में महिलाएं आगे आती हैं वह समाज और देश प्रगति और उत्थान के रास्ते पर आगे बढ़ता है। उन्होंने संत कबीर के संबंध में कहा कि वे हर सामान्यजन के अंदर बैठे हैं जो उनसे प्रभावित है और उनके दोहे आज भी प्रासंगिक हैं जिनका जीवन में प्रभाव पड़ता है।
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मंत्री पंवार ने पढ़ा मुख्यमंत्री का संदेश
परिवहन मंत्री कृृष्ण लाल पंवार ने मुख्यमंत्री का संदेश पढ़ते हुए कहा कि संत कबीर का आगमन या जन्म ऐसे समय में हुआ, जब समाज, रुढ़िवादिता और अज्ञानता से ग्रसित था और ऐसे समय में संत कबीर अवतार की तरह लोगों के बीच पहुंचे और उन्होंने लोगों को व्यावहारिक जीवन शैली जीना सिखाया। इस मौके पर पलवल जिला परिषद की अध्यक्ष चमेली देवी और मध्यप्रदेश के पूर्व राज्यसभा सांसद मध्यप्रदेश दादा नारायण सिंह केसरी ने भी आए हुए लोगों को संबोधित किया। इस अवसर पर कार्यक्रम के आयोजक जय भगवान कायत व अन्य पदाधिकारियों ने मुख्यातिथि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी, परिवहन मंत्री कृृष्ण लाल पंवार, कार्यक्रम के आयोजक दादा नारायाण सिंह केसरी को स्मृृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर संजय जैन व नोरंग गुप्ता द्वारा तैयार किया गया मेगा ब्लड डोनेशन ड्राइव का बैनर का अनावरण तथा डाक्टर जय नारायण द्वारा लिखित पुस्तक का भी विमोचन राष्ट्रपति व राज्यपाल द्वारा किया गया। कार्यक्रम में मंच का संचालन चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय के कुलपति विजय कायत ने किया।
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फतेहाबाद। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा है कि लोकतंत्र का मूल मंत्र चर्चा, परिचर्चा और संवाद हैं, जिसकी सीख कबीरवाणी से मिली है। जल्द संसद व राज्यों की विधानसभाओं में मानसून सत्र शुरू होगा। उम्मीद करता हूं कि देश के सांसद व विधायक इस मूलमंत्र पर चलकर जनहित में निर्णय लेंगे।
वे रविवार को फतेहाबाद में संत शिरोमणि कबीर दास के प्रकोटोत्सव के उपलक्ष्य में आयोजित कबीर महाकुंभ को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। इससे पूर्व भोड़ियाखेड़ा स्थित खेल स्टेडियम में बनाए गए हेलीपैड पर प्रदेश के राज्यपाल प्रोफेसर कप्तान सिंह सोलंकी, प्रदेश के परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार, राज्य मंत्री मनीष ग्रोवर, उपायुक्त डॉ. हरदीप सिंह ने पुष्प गुच्छ भेंटकर राष्ट्रपति महोदय का स्वागत किया।
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राष्ट्रपति ने कहा कि संत कबीरदास किसी एक समाज के नहीं बल्कि सर्वसमाज के पथ प्रदर्शक थे, उनकी वाणी में एक ऐसे समाज की रचना की जिसमें ऊंच-नीच, जात-पात व अन्य किसी भी प्रकार के भेदभाव की कोई जगह नहीं हैं। संत कबीर ने किसी को भी पंथ, जाति, भाषा इत्यादि में नहीं बांधा। उनकी वाणी में समरसता, सरलता के साथ-साथ सामाजिक न्याय का भाव देखने को मिलता है। उन्हीं की वाणी के अनुरूप देश के संविधान को तैयार किया गया है, जिसमें कार्यपालिका और विधायिका सक्रिय रहती है। उन्होंने कहा कि कबीर पंथ निरपेक्षता का मार्ग है और संविधान भी इसके लिए वचनबद्ध है।
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बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का अभियान के चलते हरियाणा में बढ़ी लड़कियों की संख्या
राष्ट्रपति ने कहा कि 22 जनवरी 2015 को हरियाणा के पानीपत की धरती से बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का अभियान शुरू किया गया। इसके चलते प्रदेश में लड़कों के मुकाबले लड़कियों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। इसके लिए हरियाणा सरकार बधाई की पात्र है। उन्होंने कहा कि राज्यपाल प्रोफेसर कप्तान सिंह सोलंकी समाज के उन वर्गों के प्रति बहुत संवेदनशील हैं जो दिव्यांग या किसी बीमारी से पीड़ित हैं। आपदा पीड़ितों के लिए भी राज्यपाल सदैव सहयोग के लिए तत्पर रहते हैं। हरियाणा के राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी को हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल का भी अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है।
राष्ट्रपति ने कहा कि संत कबीर के अलावा महात्मा गांधी, डॉ. भीमराव अंबेडकर, दीन दयाल उपाध्याय के साथ-साथ अन्य महापुरुषों ने देश में समरसता, सरलता और ऊंच-नीच व भेदभाव को दूर करने में चेतना जगाने का काम किया। उन्होंने उपस्थित लोगों से संवाद स्थापित करते हुए कहा कि आप सभी को पता है कि कबीर के परिजन बुनकर का काम करते थे और अपने जीवनयापन के लिए संत कबीर ने भी यह काम किया। उन्होंने कहा कि संत कबीर ने उस समय समाज के ताने-बाने को एक रास्ता देने के लिए गरीब, उपेक्षित और पीड़ित, जो उस समय अपनी पीड़ा का उल्लेख नहीं कर सकते थे, को एक रास्ता दिखाया और लोग संत कबीर की वाणी सुनने लगे तथा उनके अनुयायी बनने लगे।
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जात पात पूछे नहीं कोई, जो हरि को भजे व वह हरि का होय
राष्ट्रपति ने संत कबीर के दोहे जात-पात पूछे नहीं कोई, जो हरि को भजे, वह हरि का होय, का उच्चारण करते हुए कहा कि संत कबीर एक समाज सुधारक भी थे। उन्होंने जाति-पाति, ऊंच-नीच और उस समय की कुरीतियों के साथ-साथ भेदभाव जैसी कुरीति को समाप्त करने के प्रति लोगों में चेतना जगाई। उन्होंने कहा कि संत कबीर की सरलता बहुत ही दुर्लभ है और यह आज भी प्रासंगिक है। उन्होंने कहा था कि जो सच्चा है उसके दिल में ईश्वर रहता है। उन्होंने कहा कि समाज की यह विडंबना है कि व्यक्ति को आज कुल, जाति, क्षेत्र से जाना जाता है जबकि असल में मानव को गुणों और अवगुणों से पहचाना जाना चाहिए, जिसके गुण श्रेष्ठ हैं वह महान हो जाता है। उन्होंने कहा कि संत कबीर इतने महान थे कि गुरु नानक देव जी भी अपने प्रवचनों में उनकी वाणी का उल्लेख करते हैं।
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जिस समाज में महिलाएं आगे आती हैं वह समाज प्रगति करता है : राज्यपाल
राज्यपाल प्रोफेसर कप्तान सिंह सोलंकी ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रपति फतेहाबाद जिला में पहली बार आए हैं और राज्यपाल होने के नाते वे उनसे निवेदन करते हैं कि उनकी यह कृृपा दृृष्टि हरियाणा पर सदैव बनी रही। उन्होंने महिलाओं की उपस्थिति को देख कर कहा कि आज महिलाओं की उपस्थिति अच्छी है और यह चमत्कारी है, जिस समाज में महिलाएं आगे आती हैं वह समाज और देश प्रगति और उत्थान के रास्ते पर आगे बढ़ता है। उन्होंने संत कबीर के संबंध में कहा कि वे हर सामान्यजन के अंदर बैठे हैं जो उनसे प्रभावित है और उनके दोहे आज भी प्रासंगिक हैं जिनका जीवन में प्रभाव पड़ता है।
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मंत्री पंवार ने पढ़ा मुख्यमंत्री का संदेश
परिवहन मंत्री कृृष्ण लाल पंवार ने मुख्यमंत्री का संदेश पढ़ते हुए कहा कि संत कबीर का आगमन या जन्म ऐसे समय में हुआ, जब समाज, रुढ़िवादिता और अज्ञानता से ग्रसित था और ऐसे समय में संत कबीर अवतार की तरह लोगों के बीच पहुंचे और उन्होंने लोगों को व्यावहारिक जीवन शैली जीना सिखाया। इस मौके पर पलवल जिला परिषद की अध्यक्ष चमेली देवी और मध्यप्रदेश के पूर्व राज्यसभा सांसद मध्यप्रदेश दादा नारायण सिंह केसरी ने भी आए हुए लोगों को संबोधित किया। इस अवसर पर कार्यक्रम के आयोजक जय भगवान कायत व अन्य पदाधिकारियों ने मुख्यातिथि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी, परिवहन मंत्री कृृष्ण लाल पंवार, कार्यक्रम के आयोजक दादा नारायाण सिंह केसरी को स्मृृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर संजय जैन व नोरंग गुप्ता द्वारा तैयार किया गया मेगा ब्लड डोनेशन ड्राइव का बैनर का अनावरण तथा डाक्टर जय नारायण द्वारा लिखित पुस्तक का भी विमोचन राष्ट्रपति व राज्यपाल द्वारा किया गया। कार्यक्रम में मंच का संचालन चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय के कुलपति विजय कायत ने किया।