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अब सरकार अपने स्तर पर करवाएगी आपकी प्रोपर्टी का सर्वे, फतेहाबाद में टीमों ने शुरू किया काम
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सरकार अब अपने स्तर पर करवाएगी आपकी प्रॉपर्टी का सर्वे
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। जल्द ही आपके घर-दुकान पर नगर परिषद की एक विशेष टीम मोबाइल-फीता और कागजात लेकर पहुंचे तो चौंकिएगा नहीं। ये लोग आपकी इमारत का प्रॉपर्टी टैक्स के लिए सर्वे करने के लिए आएंगे। दरअसल नगर परिषद के बाद अब प्रदेश सरकार अपने स्तर पर पूरे प्रदेश के मकानों-दुकानों का सर्वे करवाने जा रही है। इसके लिए जयपुर की एक कंपनी याशी कंसलटैंसी को टेंडर दिया गया है। फतेहाबाद में तो ये प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इससे पहले नगर परिषद साल 2016-17 में भी फतेहाबाद शहर का सर्वे करवा चुकी है। लेकिन कंपनी से पैसों के लेन-देन के विवाद के चलते नगर परिषद को आधा-अधूरे आंकड़े ही मिल सके थे। अब चूंकि प्रदेश सरकार अपने स्तर पर ये काम करवा रही है तो नगर परिषद प्रशासन को भी उम्मीद है कि उसे इस बार शहर की प्रॉपर्टी का सही और सटीक आंकड़ा मिल सकेगा जिसकी मदद से वो प्रॉपर्टी टैक्स कलेक्शन बढ़ा सके। इसके अलावा सरकार ने अब प्रॉपर्टी टैक्स भरने में छूट की समय सीमा भी बढ़ाकर 31 मार्च तक कर दी है।
पिछले सर्वे में 10 हजार से बढ़कर 24 हजार तक पहुंचा था प्रॉपर्टी यूनिट्स का आंकड़ा
फतेहाबाद में साल 2016-17 से पहले प्रॉपर्टी टैक्स कलैक्शन काफी कम था। इसके पीछे बड़ी वजह थी कि इस दौरान नगर परिषद के रिकॉर्ड में महज दस हजार यूनिट्स ही थी। मतलब ये था कि नगर परिषद के रिकार्ड के अनुसार फतेहाबाद शहर में महज दस हजार घर या दुकानें थी। चूंकि फतेहाबाद में 2016-17 से पहले लंबे समय शहर में प्रॉपर्टी टैक्स का सर्वे नहीं हुआ था। जिसके कारण सालों तक नगर परिषद प्रशासन इसी आंकड़े के आधार पर ही प्रॉपर्टी टैक्स की रिकवरी करता रहा। इसके बाद साल 2016-17 में जब प्रॉपर्टी सर्वे किया गया तो ये आंकड़ा बढ़कर 24400 तक पहुंच गया। इसके चलते नगर परिषद की प्रॉपर्टी टैक्स से होने वाली आय में भी बढ़ोतरी होनी तय थी। लेकिन इससे पहले ही नप प्रशासन व संबंधित कंपनी के बीच कुछ विवाद हो गया और कंपनी ने पूरा रिकार्ड नगर परिषद को नहीं दिया।
रिकार्ड नहीं होने से बिल नहीं बांट पा रहा नप प्रशासन
नगर परिषद प्रशासन के पास इस समय प्रॉपर्टी टैक्स सर्वे का पर्याप्त रिकॉर्ड नहीं है जिसके कारण वो शहर में प्रॉपर्टी टैक्स के बिल भी नहीं बंटवा पा रहा। ऐसे में नगर परिषद की रिकवरी महज यहीं तक सीमित रह गई है कि अपनी जरूरतों के चलते जो लोग खुद प्रॉपर्टी टैक्स भरने आ जाते हैं, उनकी रसीद काट दी जाती है। लेकिन इसके चलते नगर परिषद को पर्याप्त आय नहीं हो पा रही है। अब चूंकि प्रदेश सरकार ने अपने स्तर पर प्रॉपर्टी टैक्स सर्वे का काम शुरू करवा दिया है, इससे नगर परिषद को जल्द ही सटीक रिकॉर्ड उपलब्ध हो जाएगा और इस साल तक नगर परिषद बिल के आधार पर बेहतर रिकवरी कर सकेगी।
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आपसे इन कागजात की हो सकती है डिमांड
1. आधार कार्ड
2. पुराना बिजली बिल
3. पुराने हाउस टैक्स का बिल या रसीद
4. प्रॉपर्टी की तीन फोटो
प्रदेश सरकार ने अपने स्तर पर प्रॉपर्टी सर्वे का काम शुरू करवा दिया है। इससे हमें भी लाभ मिलेगा क्योंकि हमें पूरे शहर का सटीक रिकॉर्ड मिल जाएगा। भविष्य में इसी रिकार्ड के आधार पर बिल तैयार हो सकेंगे जिससे नगर परिषद की आय बढ़ेगी।
- दर्शन नागपाल, नगर परिषद अध्यक्ष, फतेहाबाद ।
हमारी टीम ने पूरे शहर में सर्वे का काम शुरू कर दिया है। लोगों से भी आह्वान है कि सर्वे के लिए आने वाली टीम का पूरा सहयोग करें ताकि फतेहाबाद शहर का पूरा रिकार्ड सही ढंग से एकत्रित हो सके।
- प्रवीण नारंग, इंचार्ज, प्रोपर्टी सर्वे फतेहाबाद ।
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। जल्द ही आपके घर-दुकान पर नगर परिषद की एक विशेष टीम मोबाइल-फीता और कागजात लेकर पहुंचे तो चौंकिएगा नहीं। ये लोग आपकी इमारत का प्रॉपर्टी टैक्स के लिए सर्वे करने के लिए आएंगे। दरअसल नगर परिषद के बाद अब प्रदेश सरकार अपने स्तर पर पूरे प्रदेश के मकानों-दुकानों का सर्वे करवाने जा रही है। इसके लिए जयपुर की एक कंपनी याशी कंसलटैंसी को टेंडर दिया गया है। फतेहाबाद में तो ये प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इससे पहले नगर परिषद साल 2016-17 में भी फतेहाबाद शहर का सर्वे करवा चुकी है। लेकिन कंपनी से पैसों के लेन-देन के विवाद के चलते नगर परिषद को आधा-अधूरे आंकड़े ही मिल सके थे। अब चूंकि प्रदेश सरकार अपने स्तर पर ये काम करवा रही है तो नगर परिषद प्रशासन को भी उम्मीद है कि उसे इस बार शहर की प्रॉपर्टी का सही और सटीक आंकड़ा मिल सकेगा जिसकी मदद से वो प्रॉपर्टी टैक्स कलेक्शन बढ़ा सके। इसके अलावा सरकार ने अब प्रॉपर्टी टैक्स भरने में छूट की समय सीमा भी बढ़ाकर 31 मार्च तक कर दी है।
पिछले सर्वे में 10 हजार से बढ़कर 24 हजार तक पहुंचा था प्रॉपर्टी यूनिट्स का आंकड़ा
फतेहाबाद में साल 2016-17 से पहले प्रॉपर्टी टैक्स कलैक्शन काफी कम था। इसके पीछे बड़ी वजह थी कि इस दौरान नगर परिषद के रिकॉर्ड में महज दस हजार यूनिट्स ही थी। मतलब ये था कि नगर परिषद के रिकार्ड के अनुसार फतेहाबाद शहर में महज दस हजार घर या दुकानें थी। चूंकि फतेहाबाद में 2016-17 से पहले लंबे समय शहर में प्रॉपर्टी टैक्स का सर्वे नहीं हुआ था। जिसके कारण सालों तक नगर परिषद प्रशासन इसी आंकड़े के आधार पर ही प्रॉपर्टी टैक्स की रिकवरी करता रहा। इसके बाद साल 2016-17 में जब प्रॉपर्टी सर्वे किया गया तो ये आंकड़ा बढ़कर 24400 तक पहुंच गया। इसके चलते नगर परिषद की प्रॉपर्टी टैक्स से होने वाली आय में भी बढ़ोतरी होनी तय थी। लेकिन इससे पहले ही नप प्रशासन व संबंधित कंपनी के बीच कुछ विवाद हो गया और कंपनी ने पूरा रिकार्ड नगर परिषद को नहीं दिया।
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रिकार्ड नहीं होने से बिल नहीं बांट पा रहा नप प्रशासन
नगर परिषद प्रशासन के पास इस समय प्रॉपर्टी टैक्स सर्वे का पर्याप्त रिकॉर्ड नहीं है जिसके कारण वो शहर में प्रॉपर्टी टैक्स के बिल भी नहीं बंटवा पा रहा। ऐसे में नगर परिषद की रिकवरी महज यहीं तक सीमित रह गई है कि अपनी जरूरतों के चलते जो लोग खुद प्रॉपर्टी टैक्स भरने आ जाते हैं, उनकी रसीद काट दी जाती है। लेकिन इसके चलते नगर परिषद को पर्याप्त आय नहीं हो पा रही है। अब चूंकि प्रदेश सरकार ने अपने स्तर पर प्रॉपर्टी टैक्स सर्वे का काम शुरू करवा दिया है, इससे नगर परिषद को जल्द ही सटीक रिकॉर्ड उपलब्ध हो जाएगा और इस साल तक नगर परिषद बिल के आधार पर बेहतर रिकवरी कर सकेगी।
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आपसे इन कागजात की हो सकती है डिमांड
1. आधार कार्ड
2. पुराना बिजली बिल
3. पुराने हाउस टैक्स का बिल या रसीद
4. प्रॉपर्टी की तीन फोटो
प्रदेश सरकार ने अपने स्तर पर प्रॉपर्टी सर्वे का काम शुरू करवा दिया है। इससे हमें भी लाभ मिलेगा क्योंकि हमें पूरे शहर का सटीक रिकॉर्ड मिल जाएगा। भविष्य में इसी रिकार्ड के आधार पर बिल तैयार हो सकेंगे जिससे नगर परिषद की आय बढ़ेगी।
- दर्शन नागपाल, नगर परिषद अध्यक्ष, फतेहाबाद ।
हमारी टीम ने पूरे शहर में सर्वे का काम शुरू कर दिया है। लोगों से भी आह्वान है कि सर्वे के लिए आने वाली टीम का पूरा सहयोग करें ताकि फतेहाबाद शहर का पूरा रिकार्ड सही ढंग से एकत्रित हो सके।
- प्रवीण नारंग, इंचार्ज, प्रोपर्टी सर्वे फतेहाबाद ।