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फर्जी तरीके से दिया लोन, बैंक मैनेजर व विकास अधिकारी सहित 6 पर केस दर्ज
Updated Sat, 10 Feb 2018 12:49 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद।
दी फतेहाबाद सहकारी बैंक लिमिटेड कुकड़ावाली के मैनेजर, विकास अधिकारी और चार अन्य फर्जी तरीके से लोन देने का मामले में फंस गए हैं। फतेहाबाद सदर पुलिस ने सहकारी समितियां के सहायक रजिस्ट्रार श्योनारायण की शिकायत पर दोनों अधिकारियों सहित 6 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी व जालसाजी का मुकदमा दर्ज किया है। इन लोगों पर केंचुआ पालन स्कीम के तहत ये सारी गड़बड़ी करने का आरोप है। जिस व्यक्ति की शिकायत पर हुई जांच में इस मामले का खुलासा हुआ है, उसके खिलाफ भी पुलिस ने मामला दर्ज किया है।
पुलिस को दी शिकायत में सहायक रजिस्ट्रार श्योनारायण ने बताया कि पवन कुमार निवासी लाडवी की एक शिकायत पर उनको जांच सौंपी गई थी। जिसमें पता चला था कि सहकारी बैंक कुकड़ावाली के शाखा प्रबंधक दलीप कुमार व विकास अधिकारी भीम सिंह ने गांव बोदीवाली निवासी विक्रम सिंह को 8 लाख 50 हजार का लोन केंचुआ पालन के लिए दिए थे। इस लोन के लिए विक्रम के गारंटर के रूप में लाडवी निवासी पवन कुमार की जमीन को गिरवी रखा गया था। विक्रम सिंह ने तय समय बीतने के बावजूद लोन की राशि बैंक में जमा नहीं करवाई जिसके चलते बैंक अधिकारियों ने गारंटर पवन निवासी लाडवी की जमीन को बैंक ने रहन कर लिया।
बाद में सहायक रजिस्ट्रार की जांच में पाया गया कि विक्रम सिंह ने अपने घर में ऐसा कोई प्लांट नहीं लगाया है। यह सब अधिकारियों की मिलीभगत से उसको लोन दिया गया। जांच में यह भी पाया गया कि शिकायतकर्ता पवन कुमार ने अपनी सहमति से ही अपनी जमीन की रजिस्ट्री बैंक में दी थी। इसके अलावा इस मामले में अनिल कुमार व विनोद कुमार निवासी शेखुपुर दड़ौली की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई। विक्रम सिंह द्वारा लोन के लिए जो प्रार्थना पत्र दिया व उसके द्वारा दिए गए ब्लैंक चेक के हस्ताक्षर भी अलग पाए गए। पुलिस ने इस संबंध में बैंक के शाखा प्रबंधक दलीप कुमार, विकास अधिकारी भीम सिंह, विक्रम सिंह, पवन कुमार, अनिल व विनोद के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज करके जांच आरंभ कर दी है। फिलहाल आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जा सका है।
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फतेहाबाद।
दी फतेहाबाद सहकारी बैंक लिमिटेड कुकड़ावाली के मैनेजर, विकास अधिकारी और चार अन्य फर्जी तरीके से लोन देने का मामले में फंस गए हैं। फतेहाबाद सदर पुलिस ने सहकारी समितियां के सहायक रजिस्ट्रार श्योनारायण की शिकायत पर दोनों अधिकारियों सहित 6 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी व जालसाजी का मुकदमा दर्ज किया है। इन लोगों पर केंचुआ पालन स्कीम के तहत ये सारी गड़बड़ी करने का आरोप है। जिस व्यक्ति की शिकायत पर हुई जांच में इस मामले का खुलासा हुआ है, उसके खिलाफ भी पुलिस ने मामला दर्ज किया है।
पुलिस को दी शिकायत में सहायक रजिस्ट्रार श्योनारायण ने बताया कि पवन कुमार निवासी लाडवी की एक शिकायत पर उनको जांच सौंपी गई थी। जिसमें पता चला था कि सहकारी बैंक कुकड़ावाली के शाखा प्रबंधक दलीप कुमार व विकास अधिकारी भीम सिंह ने गांव बोदीवाली निवासी विक्रम सिंह को 8 लाख 50 हजार का लोन केंचुआ पालन के लिए दिए थे। इस लोन के लिए विक्रम के गारंटर के रूप में लाडवी निवासी पवन कुमार की जमीन को गिरवी रखा गया था। विक्रम सिंह ने तय समय बीतने के बावजूद लोन की राशि बैंक में जमा नहीं करवाई जिसके चलते बैंक अधिकारियों ने गारंटर पवन निवासी लाडवी की जमीन को बैंक ने रहन कर लिया।
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बाद में सहायक रजिस्ट्रार की जांच में पाया गया कि विक्रम सिंह ने अपने घर में ऐसा कोई प्लांट नहीं लगाया है। यह सब अधिकारियों की मिलीभगत से उसको लोन दिया गया। जांच में यह भी पाया गया कि शिकायतकर्ता पवन कुमार ने अपनी सहमति से ही अपनी जमीन की रजिस्ट्री बैंक में दी थी। इसके अलावा इस मामले में अनिल कुमार व विनोद कुमार निवासी शेखुपुर दड़ौली की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई। विक्रम सिंह द्वारा लोन के लिए जो प्रार्थना पत्र दिया व उसके द्वारा दिए गए ब्लैंक चेक के हस्ताक्षर भी अलग पाए गए। पुलिस ने इस संबंध में बैंक के शाखा प्रबंधक दलीप कुमार, विकास अधिकारी भीम सिंह, विक्रम सिंह, पवन कुमार, अनिल व विनोद के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज करके जांच आरंभ कर दी है। फिलहाल आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जा सका है।
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