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जिले में 762 विद्यार्थी ड्रॉप आउट, 26 शिक्षा प्रेरक करवाएंगे ब्रिज कोर्स
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फतेहाबाद स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल।
- फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद। शिक्षा का अधिकार सभी को मिले, ये नारा विभाग दे रहा है। लेकिन जिले में हजारों बच्चे ऐसे भी हैं जो स्कूलों से काफी दूर है। इसमें स्लम बस्ती, ईंट-भट्ठे और ग्रामीण क्षेत्र शामिल हैं। समग्र शिक्षा विभाग के सर्वे में भी सामने आ चुका है कि जिले में सैकड़ों बच्चे शिक्षा से वंचित हैं और स्कूल से बाहर हैं। 7 से 14 आयु वर्ग के करीब 762 बच्चे स्कूल नहीं जा रहे हैं।
ये सर्वे रिपोर्ट मार्च माह की है। सर्वे में सामने आए बच्चों को पढ़ाने के लिए समग्र शिक्षा विभाग की तरफ से अभियान शुरू होने जा रहा है। शिक्षा प्रेरक इन बच्चों का स्कूल में दाखिला करवाएंगे साथ ही इन्हें ब्रिज कोर्स करवाएंगे। यानी 9 माह तक इन्हें बेसिक सलेबस करवाया जाएगा। समग्र शिक्षा विभाग जिले में 26 शिक्षा प्रेरक रखने जा रहा है। इसको लेकर कार्रवाई भी शुरू हो चुकी है। इन शिक्षा प्रेरकों की भर्ती होने के बाद इन विद्यार्थियों को ब्रिज कोर्स करवाया जाएगा।
दोबारा होगा सर्वे
समग्र शिक्षा विभाग की तरफ से मार्च माह में सर्वे करवाया गया था। इसमें 7 से 14 आयु वर्ग के 762 विद्यार्थी सामने आए थे जो कि स्कूल नहीं जा रहे थे। इन विद्यार्थियों में सबसे ज्यादा ईंट-भट्ठों पर काम करने वाले मजदूरों के बच्चे थे, अधिकारियों की माने तो ईंट-भट्ठों पर काम बंद होने के कारण मजदूर चले गए और कोरोना महामारी के चलते स्कूल भी बंद हो गए। अब स्कूल भी खुल गए हैं और मजदूर भी वापस लौटने लगे हैं। इसके चलते विभाग दोबारा सर्वे करवा रहा है।
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कोट
आउट ऑफ स्कूल बच्चों का शिक्षा प्रेरक स्कूलों में पंजीकरण करवाएंगे। ये ही नहीं इन विद्यार्थियों को ब्रिज कोर्स भी करवाएंगे ताकि विद्यार्थी को बेसिक जानकारी हो पाए। इसके अलावा विभाग आउट ऑफ स्कूल बच्चों को लेकर दोबारा सर्वे करवा रहा है।
- नरेश कुमार, सहायक परियोजना संयोजक।
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ये सर्वे रिपोर्ट मार्च माह की है। सर्वे में सामने आए बच्चों को पढ़ाने के लिए समग्र शिक्षा विभाग की तरफ से अभियान शुरू होने जा रहा है। शिक्षा प्रेरक इन बच्चों का स्कूल में दाखिला करवाएंगे साथ ही इन्हें ब्रिज कोर्स करवाएंगे। यानी 9 माह तक इन्हें बेसिक सलेबस करवाया जाएगा। समग्र शिक्षा विभाग जिले में 26 शिक्षा प्रेरक रखने जा रहा है। इसको लेकर कार्रवाई भी शुरू हो चुकी है। इन शिक्षा प्रेरकों की भर्ती होने के बाद इन विद्यार्थियों को ब्रिज कोर्स करवाया जाएगा।
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दोबारा होगा सर्वे
समग्र शिक्षा विभाग की तरफ से मार्च माह में सर्वे करवाया गया था। इसमें 7 से 14 आयु वर्ग के 762 विद्यार्थी सामने आए थे जो कि स्कूल नहीं जा रहे थे। इन विद्यार्थियों में सबसे ज्यादा ईंट-भट्ठों पर काम करने वाले मजदूरों के बच्चे थे, अधिकारियों की माने तो ईंट-भट्ठों पर काम बंद होने के कारण मजदूर चले गए और कोरोना महामारी के चलते स्कूल भी बंद हो गए। अब स्कूल भी खुल गए हैं और मजदूर भी वापस लौटने लगे हैं। इसके चलते विभाग दोबारा सर्वे करवा रहा है।
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कोट
आउट ऑफ स्कूल बच्चों का शिक्षा प्रेरक स्कूलों में पंजीकरण करवाएंगे। ये ही नहीं इन विद्यार्थियों को ब्रिज कोर्स भी करवाएंगे ताकि विद्यार्थी को बेसिक जानकारी हो पाए। इसके अलावा विभाग आउट ऑफ स्कूल बच्चों को लेकर दोबारा सर्वे करवा रहा है।
- नरेश कुमार, सहायक परियोजना संयोजक।