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आशा वर्करों ने स्थगित की हड़ताल, आंदोलन रहेगा जारी
Updated Mon, 18 Jun 2018 11:16 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। मानी गई मांगों को बिना शर्त लागू करने की मांग को लेकर हड़ताल कर रही आशा वर्करों ने जनहित में हड़ताल को स्थगित कर दिया है लेकिन मांगों को लेकर उनका आंदोलन जारी रहेगा। अगर सरकार ने 15 जुलाई तक आशा वर्करों के साथ हुए समझौते का नोटिफिकेशन लागू नहीं किया तो प्रदेशभर की आशा वर्कर 16 जुलाई को मुख्यमंत्री के करनाल स्थित निवास पर महापड़ाव डालेंगी। यह बात नागरिक अस्पताल के बाहर आशा वर्करों के धरने को संबोधित करते हुए आशा वर्कर्स यूनियन की जिला प्रधान शीला शक्करपुरा ने कही।
सोमवार को आशा वर्करों ने उपायुक्त फतेहाबाद के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। आशा वर्करों को संबोधित करते हुए सीटू जिला उपप्रधान रमेश जाण्डली, सचिव ओमप्रकाश अनेजा, शीला शक्करपुरा, ब्रह्मी देवी, वीना सहनाल, सुनीता भोजराम, सुमन धारनियां, अनिता इंदाछुई ने कहा कि 28 जून को आशा, आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हैल्पर्स, मिड डे मील वर्कर्स जेल भरो आंदोलन में बढ़चढ़ कर भाग लेंगी। 1 से 10 जुलाई तक परियोजना कर्मियों की बैठकें आयोजित की जाएंगी और 16 जुलाई को मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा। उपायुक्त को सौंपे ज्ञापन में आशा वर्करों ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री से हुए समझौते को 4 माह बीत जाने के बावजूद लागू नहीं किया गया है। सरकार व विभाग के ढिलाई भरे रुख से आशा वर्करों में सरकार की मंशा को लेकर संदेह पैदा हो रहा है। ज्ञापन में उन्होंने आशा को मिलने वाले फिक्स वेतन 1 हजार में 3 हजार की अतिरिक्त बढ़ोतरी का फैसला लागू करने, प्रोत्साहन राशियों में बढ़ोतरी लागू करने, आशा वर्कर्स को एंड्रायड फोन देने, अलमारी व रजिस्टर देने, आशा वर्कर की दुर्घटना में मृत्यु होने की स्थिति में 3 लाख मुआवजा देने, आशाओं को बीमा योजना के दायरे में लाने, एएनएम, स्टाफ नर्स की भर्ती में आशाओं के कार्य अनुभव को प्राथमिकता देने की मांग की गई है। धरने में मनीता, सरीना, माया, उषा जांगड़ा, सुनीता, सुशीला समैण, सुनीता दरियापुर, अनिता बड़ोपल, राजबाला एमपी रोही, राजबाला दहमान सहित सैकड़ों आशा वर्करों ने भाग लिया।
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फतेहाबाद। मानी गई मांगों को बिना शर्त लागू करने की मांग को लेकर हड़ताल कर रही आशा वर्करों ने जनहित में हड़ताल को स्थगित कर दिया है लेकिन मांगों को लेकर उनका आंदोलन जारी रहेगा। अगर सरकार ने 15 जुलाई तक आशा वर्करों के साथ हुए समझौते का नोटिफिकेशन लागू नहीं किया तो प्रदेशभर की आशा वर्कर 16 जुलाई को मुख्यमंत्री के करनाल स्थित निवास पर महापड़ाव डालेंगी। यह बात नागरिक अस्पताल के बाहर आशा वर्करों के धरने को संबोधित करते हुए आशा वर्कर्स यूनियन की जिला प्रधान शीला शक्करपुरा ने कही।
सोमवार को आशा वर्करों ने उपायुक्त फतेहाबाद के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। आशा वर्करों को संबोधित करते हुए सीटू जिला उपप्रधान रमेश जाण्डली, सचिव ओमप्रकाश अनेजा, शीला शक्करपुरा, ब्रह्मी देवी, वीना सहनाल, सुनीता भोजराम, सुमन धारनियां, अनिता इंदाछुई ने कहा कि 28 जून को आशा, आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हैल्पर्स, मिड डे मील वर्कर्स जेल भरो आंदोलन में बढ़चढ़ कर भाग लेंगी। 1 से 10 जुलाई तक परियोजना कर्मियों की बैठकें आयोजित की जाएंगी और 16 जुलाई को मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा। उपायुक्त को सौंपे ज्ञापन में आशा वर्करों ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री से हुए समझौते को 4 माह बीत जाने के बावजूद लागू नहीं किया गया है। सरकार व विभाग के ढिलाई भरे रुख से आशा वर्करों में सरकार की मंशा को लेकर संदेह पैदा हो रहा है। ज्ञापन में उन्होंने आशा को मिलने वाले फिक्स वेतन 1 हजार में 3 हजार की अतिरिक्त बढ़ोतरी का फैसला लागू करने, प्रोत्साहन राशियों में बढ़ोतरी लागू करने, आशा वर्कर्स को एंड्रायड फोन देने, अलमारी व रजिस्टर देने, आशा वर्कर की दुर्घटना में मृत्यु होने की स्थिति में 3 लाख मुआवजा देने, आशाओं को बीमा योजना के दायरे में लाने, एएनएम, स्टाफ नर्स की भर्ती में आशाओं के कार्य अनुभव को प्राथमिकता देने की मांग की गई है। धरने में मनीता, सरीना, माया, उषा जांगड़ा, सुनीता, सुशीला समैण, सुनीता दरियापुर, अनिता बड़ोपल, राजबाला एमपी रोही, राजबाला दहमान सहित सैकड़ों आशा वर्करों ने भाग लिया।
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