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कोरोना से 7 मरीजों ने तोड़ा दम, चौबीस घंटे में 307 नए संक्रमित मिले
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जिले में कोरोना से होने वाली मौतों का सिलसिला जारी है। शनिवार को स्वास्थ्य विभाग ने 7 लोगों की कोरोना से मौत की पुष्टि की है। अब तक जिले में 332 लोगों की कोरोना से मौत हो चुकी है। शनिवार को 307 नए लोगों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। इस बीच राहत की खबर ये है कि शनिवार को 273 ऐसे लोगों को अस्पताल से छुट्टी भी मिली है, जो कोरोना को मात दे चुके हैं।
फिलहाल स्थिति ये है कि शहरों की तुलना में ग्रामीण क्षेत्र में हालात बेकाबू हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों की मानें तो यह सब लापरवाही का नतीजा है। ग्रामीण क्षेत्र में कुछ लोग तो कोरोना को महामारी मानते ही नहीं है। अशिक्षित लोग आज भी इस महामारी को लेकर मनगढंत बातें करते हैं। जो लोग इसे गंभीर समस्या मानते हैं, वे भी सुरक्षा उपायों के प्रति गंभीर नहीं रहे। लोग न तो मास्क का इस्तेमाल करते और न ही सामाजिक दूरी का ध्यान रखते। अब हालात बेकाबू हुए हैं तो लोग नियमों के प्रति गंभीरता दिखाने लगे हैं। पिछले एक साल से वे हल्के में ले रहे थे। इसलिए अब स्वास्थ्य विभाग का पूरा फोकस ग्रामीण क्षेत्रों पर ही है।
इन लोगों की हुई मौत
गांव बोस्ती के 65 वर्षीय बुजुर्ग की भूना के नागरिक अस्पताल में मौत।
टोहाना के 35 वर्षीय युवक की निजी अस्पताल में मौत हो गई।
फतेहाबाद के 75 वर्षीय बुजुर्ग ने निजी अस्पताल में दम तोड़ा।
रतिया निवासी 78 वर्षीय बुजुर्ग की रतिया के नागरिक अस्पताल में मौत।
गांव लाली निवासी 58 वर्षीय महिला फतेहाबाद के निजी अस्पताल में भर्ती थी।
टोहाना का 30 वर्षीय युवक हिसार के प्राइवेट अस्पताल में भर्ती था।
गांव नाढ़ोड़ी निवासी 63 वर्षीय महिला नागरिक अस्पताल में उपचाराधीन थी।
75 प्रतिशत मरीज हो रहे ठीक
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक अब तक औसतन रिकवरी रेट 75 प्रतिशत है। अब तक 1 लाख 77 हजार लोगों के सैंपल लिए गए हैं, जिनमें 14 हजार लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई है। राहत की बात ये है कि उनमें से करीब 11 हजार लोग ठीक होकर लौट गए। लगभग 3000 हजार लोग ऐसे रहे हैं, जिन्होंने परहेज के साथ उपचार लिया और घर पर ही ठीक हो गए। रोजाना करीब 1500 लोगों के सैंपल लिए जा रहे हैं ताकि कोरोना मरीजों की पहचान की जा सके और संक्रमण को आगे बढ़ने से रोका जा सके।
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भट्टू क्षेत्र में सबसे अधिक केस
शनिवार को सबसे अधिक केस भट्टू क्षेत्र में मिले हैं। यहां 63 केस आए हैं। भट्टू क्षेत्र में अब तक 2060 लोगों में कोरोना संक्रमण हो चुका है। दूसरे नंबर पर फतेहाबाद शहरी क्षेत्र रहा, जहां 60 केस आए। इसके अलावा भूना में भी 60, रतिया ग्रामीण में 36, टोहाना शहरी में 35, बड़ोपल व जाखल में 18-18, रतिया शहरी में 17 केस दर्ज किए गए हैं।
कोट
फिलहाल कोरोना की रोकथाम में स्वास्थ्य विभाग से ज्यादा आमजन को भूमिका निभानी होगी। यदि कोरोना के लक्षण दिखाई देते हैं तो मरीज खुद की अपनी जांच करवाए ताकि उसका परिवार सुरक्षित रहे। खांसी, जुकाम व बुखार जैसे लक्षण होने पर रोगी को लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। लापरवाही ही जानलेवा साबित हो रही है।
-डॉ. विष्णु मित्तल, महामारी नियंत्रण अधिकारी, फतेहाबाद।
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फिलहाल स्थिति ये है कि शहरों की तुलना में ग्रामीण क्षेत्र में हालात बेकाबू हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों की मानें तो यह सब लापरवाही का नतीजा है। ग्रामीण क्षेत्र में कुछ लोग तो कोरोना को महामारी मानते ही नहीं है। अशिक्षित लोग आज भी इस महामारी को लेकर मनगढंत बातें करते हैं। जो लोग इसे गंभीर समस्या मानते हैं, वे भी सुरक्षा उपायों के प्रति गंभीर नहीं रहे। लोग न तो मास्क का इस्तेमाल करते और न ही सामाजिक दूरी का ध्यान रखते। अब हालात बेकाबू हुए हैं तो लोग नियमों के प्रति गंभीरता दिखाने लगे हैं। पिछले एक साल से वे हल्के में ले रहे थे। इसलिए अब स्वास्थ्य विभाग का पूरा फोकस ग्रामीण क्षेत्रों पर ही है।
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इन लोगों की हुई मौत
गांव बोस्ती के 65 वर्षीय बुजुर्ग की भूना के नागरिक अस्पताल में मौत।
टोहाना के 35 वर्षीय युवक की निजी अस्पताल में मौत हो गई।
फतेहाबाद के 75 वर्षीय बुजुर्ग ने निजी अस्पताल में दम तोड़ा।
रतिया निवासी 78 वर्षीय बुजुर्ग की रतिया के नागरिक अस्पताल में मौत।
गांव लाली निवासी 58 वर्षीय महिला फतेहाबाद के निजी अस्पताल में भर्ती थी।
टोहाना का 30 वर्षीय युवक हिसार के प्राइवेट अस्पताल में भर्ती था।
गांव नाढ़ोड़ी निवासी 63 वर्षीय महिला नागरिक अस्पताल में उपचाराधीन थी।
75 प्रतिशत मरीज हो रहे ठीक
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक अब तक औसतन रिकवरी रेट 75 प्रतिशत है। अब तक 1 लाख 77 हजार लोगों के सैंपल लिए गए हैं, जिनमें 14 हजार लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई है। राहत की बात ये है कि उनमें से करीब 11 हजार लोग ठीक होकर लौट गए। लगभग 3000 हजार लोग ऐसे रहे हैं, जिन्होंने परहेज के साथ उपचार लिया और घर पर ही ठीक हो गए। रोजाना करीब 1500 लोगों के सैंपल लिए जा रहे हैं ताकि कोरोना मरीजों की पहचान की जा सके और संक्रमण को आगे बढ़ने से रोका जा सके।
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भट्टू क्षेत्र में सबसे अधिक केस
शनिवार को सबसे अधिक केस भट्टू क्षेत्र में मिले हैं। यहां 63 केस आए हैं। भट्टू क्षेत्र में अब तक 2060 लोगों में कोरोना संक्रमण हो चुका है। दूसरे नंबर पर फतेहाबाद शहरी क्षेत्र रहा, जहां 60 केस आए। इसके अलावा भूना में भी 60, रतिया ग्रामीण में 36, टोहाना शहरी में 35, बड़ोपल व जाखल में 18-18, रतिया शहरी में 17 केस दर्ज किए गए हैं।
कोट
फिलहाल कोरोना की रोकथाम में स्वास्थ्य विभाग से ज्यादा आमजन को भूमिका निभानी होगी। यदि कोरोना के लक्षण दिखाई देते हैं तो मरीज खुद की अपनी जांच करवाए ताकि उसका परिवार सुरक्षित रहे। खांसी, जुकाम व बुखार जैसे लक्षण होने पर रोगी को लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। लापरवाही ही जानलेवा साबित हो रही है।
-डॉ. विष्णु मित्तल, महामारी नियंत्रण अधिकारी, फतेहाबाद।