{"_id":"60899ca08ebc3ed1e9643711","slug":"6000-doses-of-corona-vaccine-spoiled-fatehabad-news-rtk6064161116","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोरोना वैक्सीन की 6000 डोज हो गई खराब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोरोना वैक्सीन की 6000 डोज हो गई खराब
विज्ञापन
कोरोना वैक्सीन को लेकर मारामारी शुरू हो चुकी है और जिले में मांग के अनुसार स्टॉक नहीं पहुंच रहा है। हालात यहां तक हो चुके है जिला वैक्सीन स्टोर में एक दिन का भी स्टॉक नहीं है। लेकिन इन हालातों के बीच वैक्सीनेशन सेंटरों पर वैक्सीन की बर्बादी हो रही है।
स्वास्थ्य विभाग ने 15 अप्रैल तक का वैक्सीन की बर्बादी का आंकड़ा जारी किया है। जिसमें सामने आया है कि जिले में कोविशिल्ड की करीब 6000 डोज बर्बाद हो गई है। इसके अलावा करीब 150 डोज कोवैक्सीन की खराब हो चुकी है। वैक्सीन की बर्बादी के पीछे कारण ये है कि सेंटरों पर वॉयल खोलने के बाद उसका सही इस्तेमाल नहीं हो रहा है। यानी की वॉयल खोलने के बाद 10 लोग वैक्सीन लगवाने के लिए नहीं पहुंच रहे हैं।
जानिए क्या है वैक्सीन बर्बादी की स्थिति (14 अप्रैल तक)
वैक्सीन इस्तेमाल की गई कवरेज रिपोर्ट
कोविशिल्ड 72790 66892
कोवैक्सीन 9610 9472
जिले में अब तक आ चुकी वैक्सीन
वैक्सीन डोज
कोविशिल्ड 100820
कोवैक्सीन 15500
कोविशिल्ड की तीन हजार डोज मिली
जिला वैक्सीन स्टोर में कोरोना वैक्सीन का स्टॉक खत्म होने के अगले दिन यानी बुधवार को हिसार से तीन हजार डोज पहुंची है। जिला वैक्सीन स्टोर इंचार्ज बलवान सिंह टीम के साथ हिसार पहुंचे और वैक्सीन की डोज लेकर आए। वैक्सीन के नए स्टॉक को लेकर अभी तक आदेश नहीं आए है।
विज्ञापन
चार घंटे ही सुरक्षित रहती है वैक्सीन
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक कोविशिल्ड वैक्सीन की शीशी में 10 तथा कोवैक्सीन की शीशी में 20 डोज होती है। शीशी को खोलने के बाद वह 4 घंटे ही सुरक्षित रह सकती है। चार घंटे बाद वैक्सीन खराब हो जाती है।
पंजीकरण के लिए नहीं चला पोर्टल
18 से 44 साल उम्र के लोगों के वैक्सीनेशन को लेकर बुधवार से पोर्टल शुरू होना था लेकिन देर शाम तक शुरू नहीं हो पाया। अधिकारियों का कहना है कि वीडियो कांफ्रेसिंग में शाम तक पोर्टल चलने बारे बताया गया है। एक मई से 18 से 44 साल वालों का टीकाकरण होगा इसको लेकर पहले पंजीकरण करवाना होगा।
कोट
कोरोना वैक्सीन बहुत कीमती है, मैंने कर्मचारियों को सख्त निर्देश दे दिए हैं कि एक भी डोज खराब नहीं होनी चाहिए। अगर कोई वैक्सीन को खराब करेगा तो उससे 150 रुपये प्रति डोज के हिसाब से वसूली की जाएगी।
- डॉ. सुनीता सोखी, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी।
विज्ञापन
स्वास्थ्य विभाग ने 15 अप्रैल तक का वैक्सीन की बर्बादी का आंकड़ा जारी किया है। जिसमें सामने आया है कि जिले में कोविशिल्ड की करीब 6000 डोज बर्बाद हो गई है। इसके अलावा करीब 150 डोज कोवैक्सीन की खराब हो चुकी है। वैक्सीन की बर्बादी के पीछे कारण ये है कि सेंटरों पर वॉयल खोलने के बाद उसका सही इस्तेमाल नहीं हो रहा है। यानी की वॉयल खोलने के बाद 10 लोग वैक्सीन लगवाने के लिए नहीं पहुंच रहे हैं।
विज्ञापन
जानिए क्या है वैक्सीन बर्बादी की स्थिति (14 अप्रैल तक)
वैक्सीन इस्तेमाल की गई कवरेज रिपोर्ट
कोविशिल्ड 72790 66892
कोवैक्सीन 9610 9472
जिले में अब तक आ चुकी वैक्सीन
वैक्सीन डोज
कोविशिल्ड 100820
कोवैक्सीन 15500
कोविशिल्ड की तीन हजार डोज मिली
जिला वैक्सीन स्टोर में कोरोना वैक्सीन का स्टॉक खत्म होने के अगले दिन यानी बुधवार को हिसार से तीन हजार डोज पहुंची है। जिला वैक्सीन स्टोर इंचार्ज बलवान सिंह टीम के साथ हिसार पहुंचे और वैक्सीन की डोज लेकर आए। वैक्सीन के नए स्टॉक को लेकर अभी तक आदेश नहीं आए है।
विज्ञापन
चार घंटे ही सुरक्षित रहती है वैक्सीन
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक कोविशिल्ड वैक्सीन की शीशी में 10 तथा कोवैक्सीन की शीशी में 20 डोज होती है। शीशी को खोलने के बाद वह 4 घंटे ही सुरक्षित रह सकती है। चार घंटे बाद वैक्सीन खराब हो जाती है।
पंजीकरण के लिए नहीं चला पोर्टल
18 से 44 साल उम्र के लोगों के वैक्सीनेशन को लेकर बुधवार से पोर्टल शुरू होना था लेकिन देर शाम तक शुरू नहीं हो पाया। अधिकारियों का कहना है कि वीडियो कांफ्रेसिंग में शाम तक पोर्टल चलने बारे बताया गया है। एक मई से 18 से 44 साल वालों का टीकाकरण होगा इसको लेकर पहले पंजीकरण करवाना होगा।
कोट
कोरोना वैक्सीन बहुत कीमती है, मैंने कर्मचारियों को सख्त निर्देश दे दिए हैं कि एक भी डोज खराब नहीं होनी चाहिए। अगर कोई वैक्सीन को खराब करेगा तो उससे 150 रुपये प्रति डोज के हिसाब से वसूली की जाएगी।
- डॉ. सुनीता सोखी, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी।