फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Fatehabad News ›   टोहाना-जाखल और भूना के दो-तीन गांवों में बरसात के साथ गिरे ओले, ठंड बढने से गेहूं की फसल को फायदा

टोहाना-जाखल और भूना के दो-तीन गांवों में बरसात के साथ गिरे ओले, ठंड बढने से गेहूं की फसल को फायदा

Thu, 07 Feb 2019 11:34 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 07 Feb 2019 11:34 PM IST
विज्ञापन
टोहाना-जाखल और भूना के दो-तीन गांवों में बरसात के साथ गिरे ओले, ठंड बढने से गेहूं की फसल को फायदा
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

फतेहाबाद/टोहाना/जाखल/भूना। वीरवार को जिले के कई क्षेत्रों में बारिश के साथ ओलावृष्टि भी हुई। वहीं फतेहाबाद में महज पांच मिनट की बूंदाबादी हुई। विशेषज्ञों के अनुसार सिर्फ बारिश होती तो ये फसलों के लिए काफी फायदेमंद थी। लेकिन बारिश के साथ ओलावृष्टि व तेज हवाएं गेहूं के लिए नुकसानदेय साबित हो सकती हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पिछले दो दिनों से क्षेत्र में बादल मंडरा रहे थे। इस समय गेहूं की फसल फुटाव पर है और बढ़वार चल रही है। सरसों की फसल के भी फूल खिले हुए हैं और इस मौसम में बरसात होती तो किसानों को सिंचाई की जरूरत नहीं पड़ती। सिंचाई पर खर्च होने वाला पैसा बच जाता। इस सिंचाई के बाद किसान खेत में यूरिया डालेंगे तो फसल लगभग पकाई की ओर बढ़ जाएगी, लेकिन टोहाना व जाखल के कुछ गांवों में ओलावृष्टि होने से दोनों ही फसलों को नुकसान होने की आशंका बन गई है। जाखल के सिधानी गांव के किसानों में अमित कुमार, गुरप्रीत सिंह, सतीश कुमार, उत्तम सिंह आदि ने कहा की वह इस बारिश से खुश तो हैं कि फसलों पर सिंचाई नहीं करनी पड़ेगी, लेकिन उन्हें इस बात का डर भी सता रहा है कि जिस तरह से इलाके में बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई है, वो उनकी फसलों को बहुत नुकसान पहुंचा सकती है।
विज्ञापन

उधर दूसरी ओर वीरवार दोपहर बाद भूना खंड के गांव लहरियां, खासा पठाना, ढाणी गोपाल, ढाणी सांचला-भोजराज व आसपास क्षेत्र में ओलावृष्टि हुई। जिससे गेहूं व सरसों की फसलों की पैदावार प्र्रभावित हुई है। हालांकि इन गांवों में सुबह से ही शीत लहर चल रही थी और बादल आसमान में छाए हुए थे। किसान रामचंद्र, दलीप सिंह, कृष्ण कुमार, राम जी लाल, धर्मबीर, जगदीश चंद्र आदि ने बताया कि सूखी ओलावृष्टि फसलों की अत्यधिक नुक्सानदायक है। जिस भी पौध पर ओले गिरे हैं, वह पौधा दो दिन बाद ही पूरी तरह से मुरझा जाता है और पैदावार में भी गिरावट आती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

कृषि विभाग के उपनिदेशक डा. बलवंत सिंह के अनुसार सिर्फ बारिश फसल घे लिए वरदान हैं लेकिन बारिश के साथ ओलावृष्टि घातक है। उन्होंने बताया कि तेज हवाओं से गेहूं का तना नीचे बिछ जाएगा और फिर बरसात के पानी में भीगने से उसे दोबारा खड़ा होने की ताकत नहीं मिल सकेगी। डा. बलवंत ने बताया कि अब तक जनवरी-फरवरी में बारिश किसानों के अनुकूल रही है और अभी तक जिले में गेहूं की फसल सही खड़ी है। जिन सब्जियों की पौध किसानों ने बीज रखी है, उनके लिए ये बारिश व ओले नुक्सानदेय साबित हो रहे हैं। जिला बागवानी अधिकारी कुलदीप श्योराण के अनुसार इस समय टमाटर व मिर्च की पौध किसानों ने तैयार कर रखी है, लेकिन अन्य फसलों को इससे नुकसान नहीं है।

राजस्व विभाग के अनुसार फतेहाबाद जिले में जनवरी माह में 15 एमएम व फरवरी में अभी तक दो एमएम बारिश दर्ज की गई है। ये बारिश गेहूं के लिए अच्छी मानी गई है हालांकि इससे पूर्व दिसंबर में भी 14 एमएम बारिश हुई थी। उस समय बिजाई चलने से वो बारिश भी अनुकूल थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed