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अमर उजाला ने खबर छापी तो घग्गर के प्रदूषण पर टूटी सरकार की नींद, निरीक्षण को पहुंची टीम
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घग्गर के प्रदूषण पर टूटी सरकार की नींद, निरीक्षण करने पहुंची टीम
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद/रतिया। घग्गर नदी के प्रदूषण पर आखिरकार प्रदेश सरकार की नींद टूटी है। बुधवार को लोक निर्माण व राजस्व विभाग की एक विशेष टीम रतिया पहुंची और घग्गर नदी का निरीक्षण किया। इस टीम के साथ मोहाली की एक निजी कंपनी के प्रतिनिधि भी थे, जिन्होंने घग्गर नदी में प्रदूषण की मात्रा की जांच की। इसके लिए एक विशेष नाव में सवार होकर अधिकारियों ने घग्गर नदी में दूषित जल की गहराई का नाप लिया और अपनी रिपोर्ट तैयार कर ली। इस टीम में जेई संदीप सचदेवा व राजस्व विभाग के कानुनगो कैलाश चंद्र, पूर्ण चंद, मक्खन सिंह, पटवारी हरदेव सिंह, कृपाल, मदन जग्गा शामिल थे। वहीं मोहाली की कंपनी गुरदेव कंसलटैंसी सर्विस के फील्ड सुपरवाइजर बखशाीश राम सिंह, बलजिंद्र ,बबलू आदि शामिल थे। गौरतलब है कि घग्गर नदी के पुल के नीचे पिछले काफी समय से पुल की सुरक्षा के लिए लोक निर्माण विभाग द्वारा पत्थर लगाए गए थे लेकिन इन पत्थरों के कारण घग्गर नदी का दूषित पानी पुल के नीचे एकत्रित होने लगा जिस कारण शहर व आसपास के लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यहां दुर्गध के कारण लोगों का जीना मुहाल हो रहा है। इस समस्या को मुख्यमंत्री मनोहर लाल के समक्ष उठाया गया था। सीएम ने भी भूना रैली के दौरान घग्गर को प्रदूषण मुक्त करने के लिए ऐलान किया था। इसके बाद पंचकूला मुख्यालय से लगातार नगर परिषद व जिला प्रशासन से घग्गर नदी पर प्लानिंग मांगी जाती रही लेकिन कोई जवाब न देने पर सरकार की ओर से जिला प्रशासन व नगर परिषद को नोटिस भेजकर जवाब तलबी की गई थी, जिसके बाद अधिकारियों ने विशेष बैठक की थी। इस संदर्भ में ‘अमर उजाला’ ने 16 जनवरी को एक विश्ेाष खबर भी प्रकाशित की थी। अब इस मामले में सरकार ने एक बार फिर दखल दिया है और सीएम दफ्तर के निर्देशों के बाद लोक निर्माण व राजस्व विभाग की टीम ने विशेष तौर पर घग्गर नदी के प्रदूषण का निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट मुख्यालय भेजने की बात कही है।
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद/रतिया। घग्गर नदी के प्रदूषण पर आखिरकार प्रदेश सरकार की नींद टूटी है। बुधवार को लोक निर्माण व राजस्व विभाग की एक विशेष टीम रतिया पहुंची और घग्गर नदी का निरीक्षण किया। इस टीम के साथ मोहाली की एक निजी कंपनी के प्रतिनिधि भी थे, जिन्होंने घग्गर नदी में प्रदूषण की मात्रा की जांच की। इसके लिए एक विशेष नाव में सवार होकर अधिकारियों ने घग्गर नदी में दूषित जल की गहराई का नाप लिया और अपनी रिपोर्ट तैयार कर ली। इस टीम में जेई संदीप सचदेवा व राजस्व विभाग के कानुनगो कैलाश चंद्र, पूर्ण चंद, मक्खन सिंह, पटवारी हरदेव सिंह, कृपाल, मदन जग्गा शामिल थे। वहीं मोहाली की कंपनी गुरदेव कंसलटैंसी सर्विस के फील्ड सुपरवाइजर बखशाीश राम सिंह, बलजिंद्र ,बबलू आदि शामिल थे। गौरतलब है कि घग्गर नदी के पुल के नीचे पिछले काफी समय से पुल की सुरक्षा के लिए लोक निर्माण विभाग द्वारा पत्थर लगाए गए थे लेकिन इन पत्थरों के कारण घग्गर नदी का दूषित पानी पुल के नीचे एकत्रित होने लगा जिस कारण शहर व आसपास के लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यहां दुर्गध के कारण लोगों का जीना मुहाल हो रहा है। इस समस्या को मुख्यमंत्री मनोहर लाल के समक्ष उठाया गया था। सीएम ने भी भूना रैली के दौरान घग्गर को प्रदूषण मुक्त करने के लिए ऐलान किया था। इसके बाद पंचकूला मुख्यालय से लगातार नगर परिषद व जिला प्रशासन से घग्गर नदी पर प्लानिंग मांगी जाती रही लेकिन कोई जवाब न देने पर सरकार की ओर से जिला प्रशासन व नगर परिषद को नोटिस भेजकर जवाब तलबी की गई थी, जिसके बाद अधिकारियों ने विशेष बैठक की थी। इस संदर्भ में ‘अमर उजाला’ ने 16 जनवरी को एक विश्ेाष खबर भी प्रकाशित की थी। अब इस मामले में सरकार ने एक बार फिर दखल दिया है और सीएम दफ्तर के निर्देशों के बाद लोक निर्माण व राजस्व विभाग की टीम ने विशेष तौर पर घग्गर नदी के प्रदूषण का निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट मुख्यालय भेजने की बात कही है।