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नगर पालिका चेयरमैन की कुर्सी बचेगी या नहीं, फैसला 24 को
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नगर पालिका चेयरपर्सन की कुर्सी बचेगी या नहीं, फैसला 24 को
अमर उजाला ब्यूरो
रतिया। रतिया नगर पालिका की चेयरपर्सन बलजिंद्र कौर के खिलाफ 17 में से 14 पार्षदों द्वारा 2 जनवरी को डीसी को ज्ञापन देकर अविश्वास प्रस्ताव की मांग करने के बाद रतिया के एसडीएम ने अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग के लिए 24 जनवरी की तारीख निर्धारित कर दी है। एसडीएम ने सभी पार्षदों को मीटिंग के लिए बुलाया है। इस बैठक की घोषणा के बाद नगर पालिका की चेयरपर्सन बलजिंद्र कौर की कुर्सी पर खतरे के बादल मंडराने लगे हैं और उन्होंने अपनी कुर्सी बचाने के लिए भागदौड़ शुरू कर दी है ।
विदित है कि रतिया नगर पालिका की उपाध्यक्ष सवजीत कौर, पार्षद हरिंद्र सिंह, नरेश कुमार, बबीता रानी, जगराज सिंह, भूपेंद्र सिंह, परमजीत कौर, ममता सिंगला, ईशा रानी, विनोद कुमार, सुरेंद्र कुमार, किरतपाल कौर, ममता गर्ग, गुरप्रीत सिंह ने 2 जनवरी को डीसी को ज्ञापन देकर नगर पालिका की चेयरपर्सन बलजिंद्र कौर व उसके समर्थक एक पार्षद पर आरोप लगाया था कि वह शहर के होने वाले विकास कार्यों में अपनी मनमानी करते हैं। कुछ समय पहले पार्षदों का सामूहिक फैसला हुआ था कि सभी वार्डों में एक समान विकास कार्य करवाए जाएंगे, लेकिन चेयरपर्सन बलजिंद्र कौर व एक पार्षद के वार्ड में तो कई विकास कार्य करवा दिए गए। अन्य वार्डों में समान रुप से विकास कार्य नहीं करवाए जा रहे हैं। जिससे उनके वार्डों के लोगों में भारी रोष है। उन्होंने बताया कि रतिया नगर पालिका के 17 सदस्य हैं, लेकिन नगर पालिका के 14 पार्षद प्रधान की कार्यप्रणाली से संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर परिषद की चेयरपर्सन बलजिंद्र कौर, उनके पति व एक वार्ड पार्षद मिलीभगत से काम कर रहे हैं। नप की चेयरपर्सन बलजिंद्र कौर विकास कार्यों के बिल अपने एक समर्थक पार्षद की बिना सहमति से पास नहीं करती जिस कारण विकास कार्यों में चेयरमैन व उसके समर्थक पार्षद की तानाशाही हो गई है। पार्षदों ने बताया कि शहर के अधिकतर वार्डों में सीवरेज निर्माण कार्यों के होने के कारण ज्यादातर गलियां उखड़ी पड़ी हैं। वार्डों में गल्लियों का निर्माण नहीं करवाया जा रहा है तथा केवल दो वार्डों में ही विकास कार्य हो रहे हैं। इसलिए शहर के 14 पार्षद नगर पालिका की प्रधान के खिलाफ अविश्वास प्रकट करते हैं और इस आधार पर उनको पद से हटाया जाना अति आवश्यक है। डीसी ने ज्ञापन लेने के बाद आवश्यक कार्रवाई करने की बात कही थी। अब रतिया के एसडीएम देवीलाल सिहाग ने 24 जनवरी को नगर पालिका की मीटिंग बुलाई है। इस मीटिंग में तय होगा कि नपा चेयरमैन की कुर्सी बचेगी या जाएगी।
भाजपा के लिए खड़ी हो सकती है मुश्किलें
आगामी 24 जनवरी को भाजपा समर्थित चेयरपर्सन बलजिंद्र कौर के खिलाफ अगर अविश्वास पारित हो जाता है और भाजपा समर्थित नगर पालिका प्रधान हटती है तो आगामी समय में भाजपा के लिए नए प्रधान को बनाने को लेकर काफी मुश्किलें आ सकती हैं, क्योंकि इस बार नगर पालिका प्रधान पद एससी महिला के लिए आरक्षित है तथा बलजिंद्र कौर के हटने के बाद वार्ड नंबर-15 की पार्षद कीरतपाल कौर, वार्ड-12 की पार्षद ईशा नापा व वार्ड-8 की पार्षद परमजीत कौर ही दावेदार रह जाएगी। लेकिन उक्त सभी पार्षदों को भाजपा के विरोध में ही देखा जा रहा है। वहीं चुनावी साल में अगर भाजपा का विरोधी पार्षद प्रधान बनता है तो भाजपा के लिए मुश्किलें और बढ़ जाएगी, इसलिए 24 जनवरी को इस अविश्वास बैठक पर जिला भाजपा नेताओं की निगाहें टिकी रहेंगी।
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अमर उजाला ब्यूरो
रतिया। रतिया नगर पालिका की चेयरपर्सन बलजिंद्र कौर के खिलाफ 17 में से 14 पार्षदों द्वारा 2 जनवरी को डीसी को ज्ञापन देकर अविश्वास प्रस्ताव की मांग करने के बाद रतिया के एसडीएम ने अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग के लिए 24 जनवरी की तारीख निर्धारित कर दी है। एसडीएम ने सभी पार्षदों को मीटिंग के लिए बुलाया है। इस बैठक की घोषणा के बाद नगर पालिका की चेयरपर्सन बलजिंद्र कौर की कुर्सी पर खतरे के बादल मंडराने लगे हैं और उन्होंने अपनी कुर्सी बचाने के लिए भागदौड़ शुरू कर दी है ।
विदित है कि रतिया नगर पालिका की उपाध्यक्ष सवजीत कौर, पार्षद हरिंद्र सिंह, नरेश कुमार, बबीता रानी, जगराज सिंह, भूपेंद्र सिंह, परमजीत कौर, ममता सिंगला, ईशा रानी, विनोद कुमार, सुरेंद्र कुमार, किरतपाल कौर, ममता गर्ग, गुरप्रीत सिंह ने 2 जनवरी को डीसी को ज्ञापन देकर नगर पालिका की चेयरपर्सन बलजिंद्र कौर व उसके समर्थक एक पार्षद पर आरोप लगाया था कि वह शहर के होने वाले विकास कार्यों में अपनी मनमानी करते हैं। कुछ समय पहले पार्षदों का सामूहिक फैसला हुआ था कि सभी वार्डों में एक समान विकास कार्य करवाए जाएंगे, लेकिन चेयरपर्सन बलजिंद्र कौर व एक पार्षद के वार्ड में तो कई विकास कार्य करवा दिए गए। अन्य वार्डों में समान रुप से विकास कार्य नहीं करवाए जा रहे हैं। जिससे उनके वार्डों के लोगों में भारी रोष है। उन्होंने बताया कि रतिया नगर पालिका के 17 सदस्य हैं, लेकिन नगर पालिका के 14 पार्षद प्रधान की कार्यप्रणाली से संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर परिषद की चेयरपर्सन बलजिंद्र कौर, उनके पति व एक वार्ड पार्षद मिलीभगत से काम कर रहे हैं। नप की चेयरपर्सन बलजिंद्र कौर विकास कार्यों के बिल अपने एक समर्थक पार्षद की बिना सहमति से पास नहीं करती जिस कारण विकास कार्यों में चेयरमैन व उसके समर्थक पार्षद की तानाशाही हो गई है। पार्षदों ने बताया कि शहर के अधिकतर वार्डों में सीवरेज निर्माण कार्यों के होने के कारण ज्यादातर गलियां उखड़ी पड़ी हैं। वार्डों में गल्लियों का निर्माण नहीं करवाया जा रहा है तथा केवल दो वार्डों में ही विकास कार्य हो रहे हैं। इसलिए शहर के 14 पार्षद नगर पालिका की प्रधान के खिलाफ अविश्वास प्रकट करते हैं और इस आधार पर उनको पद से हटाया जाना अति आवश्यक है। डीसी ने ज्ञापन लेने के बाद आवश्यक कार्रवाई करने की बात कही थी। अब रतिया के एसडीएम देवीलाल सिहाग ने 24 जनवरी को नगर पालिका की मीटिंग बुलाई है। इस मीटिंग में तय होगा कि नपा चेयरमैन की कुर्सी बचेगी या जाएगी।
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भाजपा के लिए खड़ी हो सकती है मुश्किलें
आगामी 24 जनवरी को भाजपा समर्थित चेयरपर्सन बलजिंद्र कौर के खिलाफ अगर अविश्वास पारित हो जाता है और भाजपा समर्थित नगर पालिका प्रधान हटती है तो आगामी समय में भाजपा के लिए नए प्रधान को बनाने को लेकर काफी मुश्किलें आ सकती हैं, क्योंकि इस बार नगर पालिका प्रधान पद एससी महिला के लिए आरक्षित है तथा बलजिंद्र कौर के हटने के बाद वार्ड नंबर-15 की पार्षद कीरतपाल कौर, वार्ड-12 की पार्षद ईशा नापा व वार्ड-8 की पार्षद परमजीत कौर ही दावेदार रह जाएगी। लेकिन उक्त सभी पार्षदों को भाजपा के विरोध में ही देखा जा रहा है। वहीं चुनावी साल में अगर भाजपा का विरोधी पार्षद प्रधान बनता है तो भाजपा के लिए मुश्किलें और बढ़ जाएगी, इसलिए 24 जनवरी को इस अविश्वास बैठक पर जिला भाजपा नेताओं की निगाहें टिकी रहेंगी।
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