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पुरानी पेंशन बहाली को लेकर कर्मचारी 26 को करेंगे संसद घेराव
Updated Mon, 29 Oct 2018 12:51 AM IST
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पुरानी पेंशन बहाली को लेकर कर्मचारी 26 को करेंगे संसद घेराव
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। पेंशन बहाली संघर्ष समिति के आह्वान पर देशभर के कर्मचारियों द्वारा 26 नवंबर को संसद भवन का घेराव किया जाएगा। संसद घेराव के दौरान 1 जनवरी 2004 के बाद कर्मचारियों पर थोपी गई नई पेंशन स्कीम को बंद करके पुरानी पेंशन व्यवस्था को लागू करने की मांग की जाएगी। पेंशन बहाली संघर्ष समिति के जिला प्रधान विजय भूना ने बताया कि प्रदर्शन की तैयारियों को लेकर प्रदेशभर में जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है। वहीं जनप्रतिनिधियों को भी ज्ञापन सौंपे जा रहे हैं। इसी कड़ी में रविवार को समिति की फतेहाबाद व सिरसा कार्यकारिणी द्वारा सिरसा लोकसभा क्षेत्र से सांसद चरणजीत सिंह रोडी को भी संसद घेराव को लेकर चेतावनी पत्र सौंपा गया है।
उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार द्वारा 1 जनवरी 2004 से अपने कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन व्यवस्था को समाप्त कर नई पेंशन योजना लागू कर दी गई है जो शेयर मार्केट के जोखिम पर आधारित है। नई पेंशन व्यवस्था में कर्मचारियों के वेतन व महंगाई भत्ते का 10 प्रतिशत कटौती कर तथा उतनी ही राशि सरकार द्वारा जमा कर निजी क्षेत्र में लगाना अन्यायपूर्ण है। बाजार आधारित व्यवस्था होने के कारण इसमें किसी भी तरह के रिटर्न की गारंटी नहीं है, जिसके कारण यह व्यवस्था कर्मचारी की सेवानिवृत्ति के बाद सामाजिक, आर्थिक और स्वास्थ्य सेवा सुरक्षा को समाप्त करती है। सांसद को सौंपे पत्र में संघर्ष समिति ने कहा कि नई पेंशन स्कीम के तहत रिटायर्ड कर्मचारियों को मात्र पेंशन के नाम पर 1000 से 1200 तक पेंशन मिल रही है, जोकि कर्मचारियों के साथ एक भद्दा मजाक है। देश के सेवक कहलाने वाले राजनेता तीन-तीन पेंशन लेते हैं। शेयर बाजार आधारित नई पेंशन स्कीम के तहत वर्तमान वित्तीय वर्ष में तो कर्मचारियों की जमा राशि ही घट गई । हजारों रुपये शेयर मार्केट में डूब गए। इस मौके पर राज्य कार्यकारिणी सदस्य सतिंदर मोंगा, फतेहाबाद जिला प्रधान विजय भूना, महासचिव रमेश जांडली, कोषाध्यक्ष महेंद्र शर्मा, उपप्रधान अजय बैनीवाल, सिरसा जिला प्रधान राय साहब, जिला संयोजक मुकेश सरदाना, भूना ब्लॉक प्रधान जसवंत बैजलपुर, रतिया ब्लाक प्रधान कुलदीप सिंह, टोहाना कोषाध्यक्ष कृष्ण लम्बोरिया, सिरसा व फतेहाबाद के विभिन्न ब्लॉकों से पदाधिकारी सूरजमल, नरेश यादव और सभी विभागों के सैंकड़ों पेंशन विहीन विहीन कर्मचारी उपस्थित रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। पेंशन बहाली संघर्ष समिति के आह्वान पर देशभर के कर्मचारियों द्वारा 26 नवंबर को संसद भवन का घेराव किया जाएगा। संसद घेराव के दौरान 1 जनवरी 2004 के बाद कर्मचारियों पर थोपी गई नई पेंशन स्कीम को बंद करके पुरानी पेंशन व्यवस्था को लागू करने की मांग की जाएगी। पेंशन बहाली संघर्ष समिति के जिला प्रधान विजय भूना ने बताया कि प्रदर्शन की तैयारियों को लेकर प्रदेशभर में जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है। वहीं जनप्रतिनिधियों को भी ज्ञापन सौंपे जा रहे हैं। इसी कड़ी में रविवार को समिति की फतेहाबाद व सिरसा कार्यकारिणी द्वारा सिरसा लोकसभा क्षेत्र से सांसद चरणजीत सिंह रोडी को भी संसद घेराव को लेकर चेतावनी पत्र सौंपा गया है।
उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार द्वारा 1 जनवरी 2004 से अपने कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन व्यवस्था को समाप्त कर नई पेंशन योजना लागू कर दी गई है जो शेयर मार्केट के जोखिम पर आधारित है। नई पेंशन व्यवस्था में कर्मचारियों के वेतन व महंगाई भत्ते का 10 प्रतिशत कटौती कर तथा उतनी ही राशि सरकार द्वारा जमा कर निजी क्षेत्र में लगाना अन्यायपूर्ण है। बाजार आधारित व्यवस्था होने के कारण इसमें किसी भी तरह के रिटर्न की गारंटी नहीं है, जिसके कारण यह व्यवस्था कर्मचारी की सेवानिवृत्ति के बाद सामाजिक, आर्थिक और स्वास्थ्य सेवा सुरक्षा को समाप्त करती है। सांसद को सौंपे पत्र में संघर्ष समिति ने कहा कि नई पेंशन स्कीम के तहत रिटायर्ड कर्मचारियों को मात्र पेंशन के नाम पर 1000 से 1200 तक पेंशन मिल रही है, जोकि कर्मचारियों के साथ एक भद्दा मजाक है। देश के सेवक कहलाने वाले राजनेता तीन-तीन पेंशन लेते हैं। शेयर बाजार आधारित नई पेंशन स्कीम के तहत वर्तमान वित्तीय वर्ष में तो कर्मचारियों की जमा राशि ही घट गई । हजारों रुपये शेयर मार्केट में डूब गए। इस मौके पर राज्य कार्यकारिणी सदस्य सतिंदर मोंगा, फतेहाबाद जिला प्रधान विजय भूना, महासचिव रमेश जांडली, कोषाध्यक्ष महेंद्र शर्मा, उपप्रधान अजय बैनीवाल, सिरसा जिला प्रधान राय साहब, जिला संयोजक मुकेश सरदाना, भूना ब्लॉक प्रधान जसवंत बैजलपुर, रतिया ब्लाक प्रधान कुलदीप सिंह, टोहाना कोषाध्यक्ष कृष्ण लम्बोरिया, सिरसा व फतेहाबाद के विभिन्न ब्लॉकों से पदाधिकारी सूरजमल, नरेश यादव और सभी विभागों के सैंकड़ों पेंशन विहीन विहीन कर्मचारी उपस्थित रहे।
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