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गांव के सरपंच पर भेदभाव का आरोप, पंचों ने की सीएम विंडो में शिकायत
Updated Tue, 23 Jan 2018 12:49 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
रतिया।
गांव महम्मदपुर सौत्र के पंचों ने सीएम विंडो में शिकायत भेजकर गांव के सरपंच पर विकास कार्यों को लेकर अनदेखी करने का आरोप लगाया है। पंच सतीश कुमार, सोना सिंह, राजेश कुमार, परमजीत कौर, प्रियंका रानी, गुरमीत कौर व जीत सिंह आदि ने सीमए विंडो में भेजी गई शिकायत की प्रतियां पत्रकारों को वितरित करते हुए बताया कि गांव की सरपंच द्वारा गांव के विकास को लेकर भेदभाव किया जा रहा है, जिस कारण गांव में गंदगी का साम्राज्य हो चुका है और कभी भी भयंकर बीमारी फैल सकती है। उन्होंने बताया कि इस समस्या को लेकर उन्होंने उपायुक्त से शिकायत की थी और उस शिकायत में स्पष्ट तौर पर लिखा था कि जब से ही उनके गांव में नई पंचायत बनी है तब से कोई विकास कार्य नहीं हो रहा है और जब भी पंचायत की कोई मीटिंग होती है तो स्वयं सरपंच मीटिंग में शामिल नहीं होती, बल्कि उनका प्रतिनिधि ही शामिल होता है। उन्होंने बताया कि उन द्वारा उठाई गई गांव की समस्या को लेकर उपायुक्त ने रतिया खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी को जांच के आदेश भी दिए थे, लेकिन उपरोक्त अधिकारी ने जांच नहीं की, बल्कि विभाग के पटवारी ने ही उन्हें बुलाकर उलटा उन पर ही फटकार लगाई।
विरोधी खेमे के पंचों ने पत्र में ये भी बताया कि गांव के विकास को लेकर विभाग से सूचना के अधिकार के तहत रिपोर्ट भी मांगी गई है, मगर अभी तक कोई भी रिपोर्ट नहीं दी गई है। मामले को लेकर जब उपरोक्त गांव की सरपंच से बात की तो उन्होंने उक्त आरोपों को निराधार बताया और गांव में एक समान विकास कार्य होने की बात कही।
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रतिया।
गांव महम्मदपुर सौत्र के पंचों ने सीएम विंडो में शिकायत भेजकर गांव के सरपंच पर विकास कार्यों को लेकर अनदेखी करने का आरोप लगाया है। पंच सतीश कुमार, सोना सिंह, राजेश कुमार, परमजीत कौर, प्रियंका रानी, गुरमीत कौर व जीत सिंह आदि ने सीमए विंडो में भेजी गई शिकायत की प्रतियां पत्रकारों को वितरित करते हुए बताया कि गांव की सरपंच द्वारा गांव के विकास को लेकर भेदभाव किया जा रहा है, जिस कारण गांव में गंदगी का साम्राज्य हो चुका है और कभी भी भयंकर बीमारी फैल सकती है। उन्होंने बताया कि इस समस्या को लेकर उन्होंने उपायुक्त से शिकायत की थी और उस शिकायत में स्पष्ट तौर पर लिखा था कि जब से ही उनके गांव में नई पंचायत बनी है तब से कोई विकास कार्य नहीं हो रहा है और जब भी पंचायत की कोई मीटिंग होती है तो स्वयं सरपंच मीटिंग में शामिल नहीं होती, बल्कि उनका प्रतिनिधि ही शामिल होता है। उन्होंने बताया कि उन द्वारा उठाई गई गांव की समस्या को लेकर उपायुक्त ने रतिया खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी को जांच के आदेश भी दिए थे, लेकिन उपरोक्त अधिकारी ने जांच नहीं की, बल्कि विभाग के पटवारी ने ही उन्हें बुलाकर उलटा उन पर ही फटकार लगाई।
विरोधी खेमे के पंचों ने पत्र में ये भी बताया कि गांव के विकास को लेकर विभाग से सूचना के अधिकार के तहत रिपोर्ट भी मांगी गई है, मगर अभी तक कोई भी रिपोर्ट नहीं दी गई है। मामले को लेकर जब उपरोक्त गांव की सरपंच से बात की तो उन्होंने उक्त आरोपों को निराधार बताया और गांव में एक समान विकास कार्य होने की बात कही।
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