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Fatehabad News: ढाई साल पहले दिए 5000 ऑक्सोमीटर डिब्बों में बंद, शिक्षक बोले- पता नहीं कैसे चलते
Mon, 25 Dec 2023 10:20 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Mon, 25 Dec 2023 10:20 PM IST
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फतेहाबाद के प्राइमरी स्कूल में अलमारी में रखे ऑक्सोमीटरसंवाद
फतेहाबाद। कोरोना के नए वेरिएंट का खतरा मंडरा रहा है। केंद्र और राज्य सरकार इसको लेकर एडवाइजरी भी जारी कर चुका है। महामारी को लेकर शिक्षा विभाग ने करीब ढ़ाई साल पहले प्राइमरी से लेकर सीनियर सेकेंडरी स्कूलों को विद्यार्थियों का ऑक्सीजन स्तर जांचने के लिए ऑक्सोमीटर दिए थे जो आज भी डिब्बों में बंद है।। जिले में करीब 5000 ऑक्सीमीटर स्कूलों को अलॉट किए गए। लेकिन जानकर हैरानी होगी कि ये ऑक्सोमीटर स्कूलों में एक दिन भी प्रयोग में नहीं लिए गए न ही शिक्षकों को इस्तेमाल करना आता है।
जिले में स्कूलों में 20 विद्यार्थियों पर एक ऑक्सोमीटर दिया गया था। हालात ये है कि ये ऑक्सोमीटर स्कूलों की अलमारी में ही बंद होकर रह गए हैं। इसको लेकर पड़ताल की गई तो सामने आया कि विभाग जिन डिब्बों में ये ऑक्सोमीटर दिए थे उन्हें स्कूल इंचार्ज ने वैसे ही ले जाकर अलमारी में रख दिए। ढाई साल से ये स्कूलों की अलमारी में ही रखे हैं। स्कूल शिक्षकों का कहना है कि उन्हें ये तक नहीं पता है कि ये कैसे चलेंगे और कैसे प्रयोग में लेने हैं। जिला शिक्षा विभाग ने वर्ष 2021 में ऑक्सोमीटर स्कूलों को अलॉट किए थे। लेकिन स्कूलों ने ऑक्सोमीटर को चलाकर भी नहीं देखा है। ऑक्सोमीटर के साथ सेल दिए गए हैं। हालात ये है कि सेल तक डाउन हो चुके है लेकिन चेक करने की जहमत तक नहीं उठाई। संवाद
महामारी जाने बाद मिले ऑक्सोमीटर
गांव अहरवां के राजकीय प्राथमिक पाठशाला के मुख्य शिक्षक देवेंद्र सिंह दहिया का कहना है कि महामारी जाने के बाद ये ऑक्सोमीटर उन्हें मिले। इसके बाद जरूरत ही नहीं पड़ी है। अब कोरोना के नए वेरिएंट का खतरा बताया जा रहा है। अगर जरूरत पड़ी तो इस्तेमाल किया जाएगा।
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ये है जिले में विद्यार्थियों की स्थिति
कक्षा विद्यार्थी
बालवाटिका 3001
पहली 3816
दूसरी 6611
तीसरी 9133
चौथी 9220
पांचवीं 9453
छठी 9797
सातवीं 10533
आठवीं 10289
नौवीं 9833
दसवीं 7999
ग्यारहवीं 6156
बारहवीं 6038
स्कूलों में दिए गए ऑक्सोमीटर मेरे संज्ञान में नहीं है। अगर दिए गए थे और सही प्रयोग में नहीं है तो इसको लेकर निर्देश जारी किए जाएंगे।
-वेद सिंह दहिया, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी
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जिले में स्कूलों में 20 विद्यार्थियों पर एक ऑक्सोमीटर दिया गया था। हालात ये है कि ये ऑक्सोमीटर स्कूलों की अलमारी में ही बंद होकर रह गए हैं। इसको लेकर पड़ताल की गई तो सामने आया कि विभाग जिन डिब्बों में ये ऑक्सोमीटर दिए थे उन्हें स्कूल इंचार्ज ने वैसे ही ले जाकर अलमारी में रख दिए। ढाई साल से ये स्कूलों की अलमारी में ही रखे हैं। स्कूल शिक्षकों का कहना है कि उन्हें ये तक नहीं पता है कि ये कैसे चलेंगे और कैसे प्रयोग में लेने हैं। जिला शिक्षा विभाग ने वर्ष 2021 में ऑक्सोमीटर स्कूलों को अलॉट किए थे। लेकिन स्कूलों ने ऑक्सोमीटर को चलाकर भी नहीं देखा है। ऑक्सोमीटर के साथ सेल दिए गए हैं। हालात ये है कि सेल तक डाउन हो चुके है लेकिन चेक करने की जहमत तक नहीं उठाई। संवाद
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महामारी जाने बाद मिले ऑक्सोमीटर
गांव अहरवां के राजकीय प्राथमिक पाठशाला के मुख्य शिक्षक देवेंद्र सिंह दहिया का कहना है कि महामारी जाने के बाद ये ऑक्सोमीटर उन्हें मिले। इसके बाद जरूरत ही नहीं पड़ी है। अब कोरोना के नए वेरिएंट का खतरा बताया जा रहा है। अगर जरूरत पड़ी तो इस्तेमाल किया जाएगा।
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ये है जिले में विद्यार्थियों की स्थिति
कक्षा विद्यार्थी
बालवाटिका 3001
पहली 3816
दूसरी 6611
तीसरी 9133
चौथी 9220
पांचवीं 9453
छठी 9797
सातवीं 10533
आठवीं 10289
नौवीं 9833
दसवीं 7999
ग्यारहवीं 6156
बारहवीं 6038
स्कूलों में दिए गए ऑक्सोमीटर मेरे संज्ञान में नहीं है। अगर दिए गए थे और सही प्रयोग में नहीं है तो इसको लेकर निर्देश जारी किए जाएंगे।
-वेद सिंह दहिया, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी