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Fatehabad News: जिले की 44 फीसदी पंचायतों का टीबी मुक्त का दावा, अब स्टेट टीम करेगी सत्यापन
Sun, 18 Jan 2026 11:43 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sun, 18 Jan 2026 11:43 PM IST
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फतेहाबाद में टीबी को लेकर जांच करते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम स्त्रोत स्वास्थ्य विभाग
फतेहाबाद। स्वास्थ्य विभाग टीबी बीमारी को खत्म करने के लिए पंचायतों का सहारा ले रहा हैं। जिले की 44 फीसदी पंचायतें टीबी मुक्त का दावा है। जिले में 259 पंचायतें हैं, इनमें 116 पंचायत टीबी मुक्त के लिए नोमिनेट हुई हैं। जिला स्वास्थ्य विभाग ने नोमिनेट हुई पंचायतों की रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी है।
मुख्यालय अब इन पंचायतों का सत्यापन करेगी। जांच के दौरान अगर रिकॉर्ड ठीक मिलता है तो उन्हें टीबी दिवस पर सम्मानित किया जा सकता है। स्वास्थ्य विभाग सत्यापन के बाद चयनित पंचायतों में से उन पंचायत का भी चयन करेगा जो कि पिछले साल या फिर उससे पहले भी सम्मानित हो चुकी है।
अगर पंचायत लगातार तीसरी बार टीबी मुक्त घोषित हुई है तो उसे स्वर्ण प्रतिमा और दूसरी बार हो रही है तो रजत और पहली बार टीबी मुक्त घोषित हुई है तो उसे कांस्य प्रतिमा देकर सम्मानित किया जाएगा। विभाग की तरफ से पंचायत को राष्ट्रपिता की प्रतिमा देकर सम्मानित किया जाता है। जिले में पिछले साल स्क्रीनिंग के दौरान 2019 टीबी मरीज मिले हैं और इसमें 56 बच्चे भी शामिल हैं। वर्ष 2024 में 2397 मरीज मिले थे।
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वर्ष 2025 में टीबी की स्क्रीनिंग और उपचार की स्थिति
टीबी स्कीनिंग - 303851
पॉजिटिव मिले - 2019
0 से 14 साल के बच्चों में मिली टीबी - 56
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ऐसे चुनी जाती हैं टीबी मुक्त पंचायतें
विभाग ने टीबी मुक्त ग्राम पंचायत की रिपोर्ट मांगी थी। जहां पर एक हजार जनसंख्या के पीछे 30 सैंपल टीबी जांच के लिए गए। इसके अलावा सीबी नेट टेस्टिंग 60 फीसदी रही है। इन गांवों में उपचार रेट 85 फीसदी होना चाहिए। निक्षय पोषण योजना का लाभ 100 फीसदी दिया गया है। इसी के तहत दावा किया गया है। वर्ष 2025 में विभाग ने 84 ग्राम पंचायतों को सम्मानित किया था।
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जिले को टीबी मुक्त बनाने के लिए गांवों में पंचायतों का सहारा लिया जा रहा है। जो पंचायतें नियमों पर खरा उतर रही हैं, उन्हें सम्मानित किया जाता है। इसके बाद 116 पंचायत नोमिनेट हुई हैं, मुख्यालय की टीम वेरिफिकेशन करेगी, इसके बाद सम्मानित करने के लिए पंचायतों का चयन कर लिया जाएगा।
-डॉ. अमित, जिला क्षय रोग अधिकारी
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ये पंचायतें टीबी मुक्त के लिए हुईं हैं नोमिनेट
अहलीसदर, हांसपुर, धारसूल कलां, भूंदड़वास, मुस्सा खेड़ा, धिड़, चौबारा, कलौठा, खुनन, भूथनखुर्द, ढाणी गोपाल, तामसपुरा, खासा पठाना, गदली, लठेरा, रोंझावाली, रहनखेड़ी, कमाना, डुल्ट, सलेमपुरी, शक्करपुरा, भट्टू भूना, तलवाड़ी, लोहा खेड़ा, चांदपुरा, भीमेवाला, बस्ती, फतेहपुरी, ललूवाल, भोडिया खेड़ा, ढाणी भोजराज, मानावाली, हरिपुरा, ढाबी खुर्द, अकांवाली, रत्ताथेह, लहराथेह, चंद्रावल, मंघेड़ा, रसलपुर, घासवां, जापतेवाला, कानाखेड़ा, बुवान, मामुपुर, बिछई खेड़ा, ठरवी, खैरपुर, मलवाला, कमालवाला, माधुआना, रहनवाली, साधनवास, चुहडपुर, नथूवाल, पूर्ण माजरा, उदयपुर, लांबा, बलियाला, बादलगढ़, ढाणी दादुपुर, दादुपुर, दिगोह, ढाणी बबनपुर, निकुआना, भानीखेड़ा, घोटडू, भूंदड़ा, सोत्तरभट्टू, हुक्मावाली, चनकोठी, बहबलपुर, थेड़ी, नकटा, नखाटिया, मानकपुर, बनावाली सोत्तर, नूरकी अहली, सरवरपुर, बोदीवाली, ढाणी बीजां लांबा, मिराना, मढ, ढाणी चानन, सालमखेड़ा, बहबलभोमिया, बोसवाल, काताखेड़ी, रजबाद, इंदाछुई, बुर्जु, चंदोकलां, हसंगा, महम्दकी, एमपी सोत्तर, मुंशीवाली, शहनाल, शेखुपुर सोत्तर, पिलछियां, खनौरा, बलियावाला, नड़ेल, मोचीवाली, बिसला, फूलां, चितैन, गुरसर, नांगली, पालासर, बबनपुर, ब्राह्मणवाला और ढाणी ठोबा शामिल है।
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मुख्यालय अब इन पंचायतों का सत्यापन करेगी। जांच के दौरान अगर रिकॉर्ड ठीक मिलता है तो उन्हें टीबी दिवस पर सम्मानित किया जा सकता है। स्वास्थ्य विभाग सत्यापन के बाद चयनित पंचायतों में से उन पंचायत का भी चयन करेगा जो कि पिछले साल या फिर उससे पहले भी सम्मानित हो चुकी है।
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अगर पंचायत लगातार तीसरी बार टीबी मुक्त घोषित हुई है तो उसे स्वर्ण प्रतिमा और दूसरी बार हो रही है तो रजत और पहली बार टीबी मुक्त घोषित हुई है तो उसे कांस्य प्रतिमा देकर सम्मानित किया जाएगा। विभाग की तरफ से पंचायत को राष्ट्रपिता की प्रतिमा देकर सम्मानित किया जाता है। जिले में पिछले साल स्क्रीनिंग के दौरान 2019 टीबी मरीज मिले हैं और इसमें 56 बच्चे भी शामिल हैं। वर्ष 2024 में 2397 मरीज मिले थे।
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वर्ष 2025 में टीबी की स्क्रीनिंग और उपचार की स्थिति
टीबी स्कीनिंग - 303851
पॉजिटिव मिले - 2019
0 से 14 साल के बच्चों में मिली टीबी - 56
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ऐसे चुनी जाती हैं टीबी मुक्त पंचायतें
विभाग ने टीबी मुक्त ग्राम पंचायत की रिपोर्ट मांगी थी। जहां पर एक हजार जनसंख्या के पीछे 30 सैंपल टीबी जांच के लिए गए। इसके अलावा सीबी नेट टेस्टिंग 60 फीसदी रही है। इन गांवों में उपचार रेट 85 फीसदी होना चाहिए। निक्षय पोषण योजना का लाभ 100 फीसदी दिया गया है। इसी के तहत दावा किया गया है। वर्ष 2025 में विभाग ने 84 ग्राम पंचायतों को सम्मानित किया था।
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जिले को टीबी मुक्त बनाने के लिए गांवों में पंचायतों का सहारा लिया जा रहा है। जो पंचायतें नियमों पर खरा उतर रही हैं, उन्हें सम्मानित किया जाता है। इसके बाद 116 पंचायत नोमिनेट हुई हैं, मुख्यालय की टीम वेरिफिकेशन करेगी, इसके बाद सम्मानित करने के लिए पंचायतों का चयन कर लिया जाएगा।
-डॉ. अमित, जिला क्षय रोग अधिकारी
ये पंचायतें टीबी मुक्त के लिए हुईं हैं नोमिनेट
अहलीसदर, हांसपुर, धारसूल कलां, भूंदड़वास, मुस्सा खेड़ा, धिड़, चौबारा, कलौठा, खुनन, भूथनखुर्द, ढाणी गोपाल, तामसपुरा, खासा पठाना, गदली, लठेरा, रोंझावाली, रहनखेड़ी, कमाना, डुल्ट, सलेमपुरी, शक्करपुरा, भट्टू भूना, तलवाड़ी, लोहा खेड़ा, चांदपुरा, भीमेवाला, बस्ती, फतेहपुरी, ललूवाल, भोडिया खेड़ा, ढाणी भोजराज, मानावाली, हरिपुरा, ढाबी खुर्द, अकांवाली, रत्ताथेह, लहराथेह, चंद्रावल, मंघेड़ा, रसलपुर, घासवां, जापतेवाला, कानाखेड़ा, बुवान, मामुपुर, बिछई खेड़ा, ठरवी, खैरपुर, मलवाला, कमालवाला, माधुआना, रहनवाली, साधनवास, चुहडपुर, नथूवाल, पूर्ण माजरा, उदयपुर, लांबा, बलियाला, बादलगढ़, ढाणी दादुपुर, दादुपुर, दिगोह, ढाणी बबनपुर, निकुआना, भानीखेड़ा, घोटडू, भूंदड़ा, सोत्तरभट्टू, हुक्मावाली, चनकोठी, बहबलपुर, थेड़ी, नकटा, नखाटिया, मानकपुर, बनावाली सोत्तर, नूरकी अहली, सरवरपुर, बोदीवाली, ढाणी बीजां लांबा, मिराना, मढ, ढाणी चानन, सालमखेड़ा, बहबलभोमिया, बोसवाल, काताखेड़ी, रजबाद, इंदाछुई, बुर्जु, चंदोकलां, हसंगा, महम्दकी, एमपी सोत्तर, मुंशीवाली, शहनाल, शेखुपुर सोत्तर, पिलछियां, खनौरा, बलियावाला, नड़ेल, मोचीवाली, बिसला, फूलां, चितैन, गुरसर, नांगली, पालासर, बबनपुर, ब्राह्मणवाला और ढाणी ठोबा शामिल है।