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Fatehabad News: डेंगू-मलेरिया के लिए 44 बेड किए आरक्षित

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 01 May 2024 11:56 PM IST
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44 beds reserved for dengue and malaria
फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल में डेगूं-मलेरिया को लेकर रिजर्व किए गए बेड
फतेहाबाद। डेंगू-मलेरिया को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। जिले के नागरिक अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर 44 बेड आरक्षित कर दिए गए हैं। निजी अस्पतालों को भी विभाग की गाइडलाइन जारी कर दी है। निजी अस्पताल डेंगू जांच के नाम पर एलाइजा टेस्ट के 600 रुपये से ज्यादा नहीं वसूल पाएंगे।
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इसके अलावा चिकनगुनिया जांच को लेकर आरटीपीसीआर जांच के एक हजार रुपये से ज्यादा नहीं ले सकते है। अगर कोई ज्यादा रुपये लेता है तो विभाग शिकायत मिलने पर कार्रवाई करेगा। इसके अलावा निजी अस्पतालों को डेंगू मरीज मिलने पर स्वास्थ्य विभाग को सूचित करना होगा। जिले में पिछले साल मलेरिया के 2 केस मिले थे। इसके अलावा डेंगू के 89 केस मिले थे।
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जिले में डेंगू-मलेरिया को कंट्रोल करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने एक बार फिर से बुधवार से रेपिड फीवर सर्वे शुरू कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग की अलग-अलग टीमें डोर टू डोर जाकर लारवा की जांच कर रही है। इसके अलावा बुखार पीड़ितों की स्लाइड बनाकर मलेरिया की जांच कर रही है। पिछले माह भी सर्वे किया गया था। इस दौरान 2067 लोग बुखार पीड़ित मिले। विभाग द्वारा 1,32,651 घरों का सर्वे किया गया था। दावा है कि इस बार इससे भी ज्यादा घरों का सर्वे होगा।
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जिले में ये रही है मलेरिया की स्थिति
वर्ष मलेरिया केस डेंगू केस
2015 107 189
2016 59 38
2017 42 419
2018 2 56
2019 5 29
2020 0 35
2021 1 993
2022 0 154
2023 2 89

निजी अस्पतालों पर निगाह रखेंगी टीमें
डेंगू को लेकर निजी अस्पताल संचालक टेस्ट के ज्यादा रुपये ले लेते हैं। निजी अस्पताल संचालक कार्ड टेस्ट करते हैं जबकि विभाग एलाइजा टेस्ट को मानता है। कार्ड टेस्ट के भी निजी अस्पताल संचालक 600 रुपये या फिर इससे ज्यादा वसूलते हैं। इसके अलावा निजी अस्पताल संचालक डेंगू मरीज के बारे में स्वास्थ्य विभाग को सूचना नहीं देते हैं। इसके चलते विभाग संबंधित क्षेत्र में सर्वे नहीं करवा पाता। निजी अस्पतालों पर स्वास्थ्य विभाग की टीमें निगरानी रखेंगी।

कोट
डेंगू-मलेरिया पर नियंत्रण को लेकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा रैपिड फीवर सर्वे शुरू किया जा चुका है। जहां लारवा मिल रहा है उसे टीमें नष्ट कर रही हैं। इसके अलावा बुखार पीड़ितों की स्लाइडें बनाकर मलेरिया की भी जांच की जा रही है। लोगों से अपील है कि अपने घरों के आसपास पानी एकत्रित न होने दें।
-डॉ. विष्णु मित्तल, जिला महामारी रोकथाम विशेषज्ञ
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