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सरकारी स्कूलों में इस साल 43 हजार कम दाखिले
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फतेहाबाद में दाखिले को लेकर प्रचार करते शिक्षक।
- फोटो : Fatehabad
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फतेहाबाद। सरकारी स्कूलों के गुरुजी के लिए अब दाखिले की संख्या बढ़ाना आसान नहीं है। पिछले साल हुए दाखिले की संख्या को बरकरार रखना भी चुनौती बन गया है। सरकारी स्कूलों में इस साल विद्यार्थियों के दाखिले की संख्या 40 फीसदी तक कम है, यानी 43 हजार कम दाखिले हुए हैं। जानकर हैरानी होगी कि नए सत्र में पहली कक्षा में जिले में मात्र 319 दाखिले ही हुए हैं। 11 वीं कक्षा को छोड़कर पिछले साल जिले के सरकारी स्कूलों में 1 लाख 12 हजार 743 दाखिले हुए थे लेकिन इस बार अब तक 69 हजार 417 दाखिले ही हुए हैं।
वहीं सरकारी स्कूलों में दाखिले की संख्या कम होने पर अधिकारी भी चिंतित है। शुक्रवार को जिला शिक्षा अधिकारी दयानंद सिहाग ने खंड शिक्षा अधिकारियों की बैठक लेकर स्कूलों में दाखिले की संख्या बढ़ाने के आदेश दिए है। सरकारी स्कूलों में इस बार अगर दाखिले पिछले साल से कम होते हैं तो मुखिया जिम्मेदार होंगे। शिक्षा विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले साल और इस साल प्राइमरी स्कूलों में दाखिले सबसे कम है। पिछले साल और इस साल दाखिले को लेकर प्राइमरी में 27 हजार 712 दाखिलों का अंतर आ रहा है। मिडिल स्कूलों में 9 हजार 626 दाखिलों को अंतर है। इसके अलावा सीनियर सेकेंडरी कक्षाओं में दाखिले को लेकर 11 हजार 988 दाखिलों का अंतर है। वर्ष 2021 के मुकाबले इस बार 43 हजार 326 दाखिलों का अंतर है। संवाद
जानिए किस साल कौन सी कक्षा में कितने दाखिले हुए
कक्षा वर्ष 2021 वर्ष 2022 अंतर
पहली 10894 319 10575
दूसरी 10743 8014 2729
तीसरी 10556 8084 2472
चौथी 10900 8037 2863
पांचवीं 11480 8407 3073
छठी 10973 4762 6211
सातवीं 10197 8683 1514
आठवीं 10100 8199 1901
नौवीं 9822 6291 3531
दसवीं 9892 4635 5257
बारहवीं 7186 3986 3200
कोविड में बढ़े थे 20 हजार दाखिले
कोरोना महामारी के चलते पिछले दो साल तक स्कूल प्रभावित हुए। लंबे समय तक स्कूल बंद रहे। महामारी के चलते सरकारी स्कूलों में दाखिले की संख्या बढ़ी। पिछले दो साल में जिले में 20 हजार दाखिले सरकारी स्कूलों में बढ़े है। वर्ष 2019 तक जिले में विद्यार्थी करीब एक लाख थे, वर्ष 2022 में संख्या 1 लाख 20 हजार तक पहुंच गई थी।
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ये है दाखिले कम होने कीे मुख्य वजह
स्कूलों में दाखिले के लिए फैमिली आईडी जरूरी करना।
मॉडल संस्कृति स्कूलों में फीस को लेकर संशय।
फसल कटाई में अभिभावकों का व्यस्त होना।
सरकारी स्कूलों में दाखिले को लेकर सर्वे न होना।
विद्यार्थियों के दस्तावेजों में कमी होना।
विद्यार्थियों को समय पर किताबें और दो साल से छात्रवृत्ति न मिलना।
पांच साल ज्यादा उम्र पर ही पहली कक्षा में दाखिला होना।
कोट
जहां दाखिले कम वहां करवाएंगे सर्वे : डीईओ
सरकारी स्कूलों में फिलहाल दाखिले कम है। इसके पीछे कई कारण है। शिक्षक बोर्ड परीक्षाओं में व्यस्त हैं। शुक्रवार को इसको लेकर बैठक भी ली गई है और बीईओ दाखिले बढ़ाने के आदेश दिए गए हैं। जिन स्कूलों में दाखिले कम होंगे, वहां सर्वे करवाया जाएगा।
-दयानंद सिहाग, जिला शिक्षा अधिकारी
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वहीं सरकारी स्कूलों में दाखिले की संख्या कम होने पर अधिकारी भी चिंतित है। शुक्रवार को जिला शिक्षा अधिकारी दयानंद सिहाग ने खंड शिक्षा अधिकारियों की बैठक लेकर स्कूलों में दाखिले की संख्या बढ़ाने के आदेश दिए है। सरकारी स्कूलों में इस बार अगर दाखिले पिछले साल से कम होते हैं तो मुखिया जिम्मेदार होंगे। शिक्षा विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले साल और इस साल प्राइमरी स्कूलों में दाखिले सबसे कम है। पिछले साल और इस साल दाखिले को लेकर प्राइमरी में 27 हजार 712 दाखिलों का अंतर आ रहा है। मिडिल स्कूलों में 9 हजार 626 दाखिलों को अंतर है। इसके अलावा सीनियर सेकेंडरी कक्षाओं में दाखिले को लेकर 11 हजार 988 दाखिलों का अंतर है। वर्ष 2021 के मुकाबले इस बार 43 हजार 326 दाखिलों का अंतर है। संवाद
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जानिए किस साल कौन सी कक्षा में कितने दाखिले हुए
कक्षा वर्ष 2021 वर्ष 2022 अंतर
पहली 10894 319 10575
दूसरी 10743 8014 2729
तीसरी 10556 8084 2472
चौथी 10900 8037 2863
पांचवीं 11480 8407 3073
छठी 10973 4762 6211
सातवीं 10197 8683 1514
आठवीं 10100 8199 1901
नौवीं 9822 6291 3531
दसवीं 9892 4635 5257
बारहवीं 7186 3986 3200
कोविड में बढ़े थे 20 हजार दाखिले
कोरोना महामारी के चलते पिछले दो साल तक स्कूल प्रभावित हुए। लंबे समय तक स्कूल बंद रहे। महामारी के चलते सरकारी स्कूलों में दाखिले की संख्या बढ़ी। पिछले दो साल में जिले में 20 हजार दाखिले सरकारी स्कूलों में बढ़े है। वर्ष 2019 तक जिले में विद्यार्थी करीब एक लाख थे, वर्ष 2022 में संख्या 1 लाख 20 हजार तक पहुंच गई थी।
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ये है दाखिले कम होने कीे मुख्य वजह
स्कूलों में दाखिले के लिए फैमिली आईडी जरूरी करना।
मॉडल संस्कृति स्कूलों में फीस को लेकर संशय।
फसल कटाई में अभिभावकों का व्यस्त होना।
सरकारी स्कूलों में दाखिले को लेकर सर्वे न होना।
विद्यार्थियों के दस्तावेजों में कमी होना।
विद्यार्थियों को समय पर किताबें और दो साल से छात्रवृत्ति न मिलना।
पांच साल ज्यादा उम्र पर ही पहली कक्षा में दाखिला होना।
कोट
जहां दाखिले कम वहां करवाएंगे सर्वे : डीईओ
सरकारी स्कूलों में फिलहाल दाखिले कम है। इसके पीछे कई कारण है। शिक्षक बोर्ड परीक्षाओं में व्यस्त हैं। शुक्रवार को इसको लेकर बैठक भी ली गई है और बीईओ दाखिले बढ़ाने के आदेश दिए गए हैं। जिन स्कूलों में दाखिले कम होंगे, वहां सर्वे करवाया जाएगा।
-दयानंद सिहाग, जिला शिक्षा अधिकारी