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ठंड के प्रकोप से साधू की मौत
Updated Thu, 04 Jan 2018 12:09 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद/टोहाना।
जिले में धुंध और ठंड का प्रकोप लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। दूसरे दिन मात्र कुछ देर के लिए सूर्यदेव के दर्शन हुए, लेकिन सर्द हवाओं के कारण इसका भी कोई असर नहीं दिखा। उधर, टोहाना के गांव बलियाला में साधु की मौत हो गई, जिसका कारण भी ठंड लगना बताया जा रहा है। बुधवार को अधिकतम व न्यूनतम तापमान में फिर गिरावट आ गई। न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस व अधिकतम तापमान 20 डिग्री के आसपास पहुंच गया।
जिले में पिछले दो दिनों से जिले में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इससे लोग घरों में ही दुबके रहना अधिक पसंद कर रहे हैं। बुधवार को भी पूरा जिला धुंध व शीत लहरों की चपेट में रहा। जिस कारण पूरा दिन लोग ठिठुरते हुए व अलाव जलाकर गर्मी पाने का प्रयास करते हुए देखे गए। सुबह भी भारी धुंध छाई रही, दोपहर को हालांकि सूर्यदेव ने दर्शन तो दिए, लेकिन चल रही ठंडी हवाओं के कारण उनकी किरणें भी बेअसर साबित हुई। शाम को फिर से धुंध छा गई और दृश्यता शून्य के करीब रही। मौसम विभाग के सूत्रों ने बताया कि अगले कुछ दिन धुंध से राहत के आसार कम ही दिखाई देते हैं। कड़ाके की ठंड की वजह से लोग अलाव का सहारा लेने लगे हैं। कई लोग तो यह कहते सुने गए कि आज ही ठंड का एहसास हुआ है।
वहीं टोहाना के गांव बलियाला की रविदास धर्मशाला में रूके एक 50 वर्षीय साधु की ठंड लगने से मौत हो गई। पुलिस ने उसके शव को शिनाख्त के लिए नागरिक अस्पताल में रखवाया है। बताया गया है कि यह साधु बलियाला की रविदास धर्मशाला में रूका हुआ था। ग्रामीणों के अनुसार, उसे निमोनिया भी था। रात को वह धर्मशाला में ही सोया हुआ था, लेकिन सुबह मृत मिला। साधु के शव को टोहाना के नागरिक अस्पताल में रखा गया है। सुबह में शव का पोस्टमार्टम किया जाएगा। उसके बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल पाएगा।
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फतेहाबाद/टोहाना।
जिले में धुंध और ठंड का प्रकोप लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। दूसरे दिन मात्र कुछ देर के लिए सूर्यदेव के दर्शन हुए, लेकिन सर्द हवाओं के कारण इसका भी कोई असर नहीं दिखा। उधर, टोहाना के गांव बलियाला में साधु की मौत हो गई, जिसका कारण भी ठंड लगना बताया जा रहा है। बुधवार को अधिकतम व न्यूनतम तापमान में फिर गिरावट आ गई। न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस व अधिकतम तापमान 20 डिग्री के आसपास पहुंच गया।
जिले में पिछले दो दिनों से जिले में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इससे लोग घरों में ही दुबके रहना अधिक पसंद कर रहे हैं। बुधवार को भी पूरा जिला धुंध व शीत लहरों की चपेट में रहा। जिस कारण पूरा दिन लोग ठिठुरते हुए व अलाव जलाकर गर्मी पाने का प्रयास करते हुए देखे गए। सुबह भी भारी धुंध छाई रही, दोपहर को हालांकि सूर्यदेव ने दर्शन तो दिए, लेकिन चल रही ठंडी हवाओं के कारण उनकी किरणें भी बेअसर साबित हुई। शाम को फिर से धुंध छा गई और दृश्यता शून्य के करीब रही। मौसम विभाग के सूत्रों ने बताया कि अगले कुछ दिन धुंध से राहत के आसार कम ही दिखाई देते हैं। कड़ाके की ठंड की वजह से लोग अलाव का सहारा लेने लगे हैं। कई लोग तो यह कहते सुने गए कि आज ही ठंड का एहसास हुआ है।
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वहीं टोहाना के गांव बलियाला की रविदास धर्मशाला में रूके एक 50 वर्षीय साधु की ठंड लगने से मौत हो गई। पुलिस ने उसके शव को शिनाख्त के लिए नागरिक अस्पताल में रखवाया है। बताया गया है कि यह साधु बलियाला की रविदास धर्मशाला में रूका हुआ था। ग्रामीणों के अनुसार, उसे निमोनिया भी था। रात को वह धर्मशाला में ही सोया हुआ था, लेकिन सुबह मृत मिला। साधु के शव को टोहाना के नागरिक अस्पताल में रखा गया है। सुबह में शव का पोस्टमार्टम किया जाएगा। उसके बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल पाएगा।
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