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पराली जलाने पर प्रतिबंध पर लेकर अधिकारियों और किसानों में बहस, नारेबाजी कर सौंपा ज्ञापन
Updated Mon, 16 Oct 2017 11:19 PM IST
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पराली पर पंगा, लघु सचिवालय घेरने पहुंचे किसानों को पुलिस बल ने रोका
- पराली जलाने पर प्रतिबंध लगाने और कोई विकल्प न देने से सरकार से नाराज किसानों ने की नारेबाजी, पुलिस बल तैनात
- एसडीएम और डीडीए ने किसानों को समझाया, किसानों ने 23 को महापंचायत का दिया अल्टीमेटम
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद।
धान की पराली लगातार किसानों और अधिकारियों के लिए मुसीबत बनती जा रही है। पराली जलाने पर लगाए गए प्रतिबंध और कोई विकल्प न दिए जाने से नाराज किसान ने सोमवार को लघु सचिवालय घेरने पहुंचे। किसानों के पहुंचते ही पुलिस बल को तैनात कर दिया गया और किसानों को गेट पर ही रोक लिया गया। इस दौरान किसानों की एसडीएम सतबीर जांगू और कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. बलवंत सहारण से बहस भी हुई। किसानों ने अधिकारियों को सीएम के नाम ज्ञापन भी सौंपा। किसानों ने प्रशासन को अल्टीमेटम दिया कि 23 अक्तूबर तक सरकार ने पराली का कोई विकल्प नहीं दिया तो सब्जीमंडी में किसान महापंचायत होगी। इसके बाद किसान बड़े आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे।
कृष्ण स्वरूप और मंदीप नथवान के नेतृत्व में किसान सोमवार सुबह लघु सचिवालय पहुंचे। पराली जलाने पर प्रतिबंध और उसके लिए कोई विकल्प न दिए जाने से नाराज किसानों ने सरकार और अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। किसानों को डीडीए बलवंत सहारण ने समझाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने सब्सिडी वाले उपकरणों के लिए अंतिम तिथि को 31 अक्तूबर तक कर दिया है। इसके बावजूद किसान शांत नहीं हुए तो सुरक्षा के लिए पुलिस बल को लघु सचिवालय में तैनात किया गया।
पराली न जलाने के एवज में प्रति एकड़ आठ हजार देने की मांग
कृष्ण स्वरूप और मंदीप नथवान ने कहा कि प्रशासन विकल्प दिए बगैर पराली जलाने पर प्रतिबंध लगा रहा है। जबकि पंजाब में किसान पराली जला रहे और सरकार नरमी बरत रही है। यहां किसानों को नोटिस दिए जा रहे है। कृष्ण स्वरूप ने कहा कि सरकार उन्हें पराली न जलाने की एवज में 8 हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से मुआवजा दे। एसडीएम ने किसानों को उनकी बात सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन दिया है। किसानों ने कहा कि यदि किसी भी किसान के विरुद्ध प्रशासन द्वारा केस दर्ज किया गया तो किसान सरकार का डट कर मुकाबला करेंगे। वहीं किसान मजदूर एकता मंच के संयोजक कृष्ण स्वरूप गोरखपुरिया ने कहा कि 9 अक्तूबर को पराली की समस्या को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया था। कोई भी किसान यह नहीं चाहता कि प्रदूषण फैले, मगर सरकार को पराली के निष्पादन का हल किसानों का उपलब्ध तो करवाया जाना चाहिए। सरकार के मंत्री किसानों को एक तरफ तो मुआवजा देने की बात करते है, वहीं सरकार द्वारा किसानों के लिए कोई मुआवजे की अब तक कोई घोषणा नहीं की गई है। कृष्ण स्वरूप ने कहा कि किसान विरोधी नीतियों के कारण ही पंजाब में गुरदासपुर सीट पर भाजपा को मुंह की खानी पड़ी है। इस मौके पर जगतार सिंह, मनदीप सिंह नथवान, संतोख सिंह, सुखदेव सिंह, मुकेश, अंग्रेज ङ्क्षसह, जगदीप सिंह, हरदीप, परविन्द्र, मंागेराम, गोधासिंह, सुखदेव सिंह, बलवंत सिंह, औमप्रकाश, प्रगट सिंह, रामरत्न, सुरजीत, कुलदीप, प्यारा सिंह, निर्मल सिंह, रविन्द्र सिंह, रामस्वरूप, भालसिंह , कृष्ण लाल सहित अनेक किसान मौजूद थे।
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पराली जलाने पर होगा जुर्माना
एसडीएम ने सोमवार को तहसीलदार को निर्देश दिए है कि अगर पराली जलाने वाले किसान 2500 रुपये प्रति एकड़ की दर से जुर्माना नहीं भरते तो उनके विरुद्ध केस दर्ज करवाया जाए। तहसीलदार ने बताया कि 15 किसानों को पराली जलाने पर नोटिस दिए गए है।
16एफटीबीपी18 : फतेहाबाद के लघु सचिवालय में अधिकारियों को ज्ञापन सौंपते किसान नेता ।
16एफटीबीपी19 : फतेहाबाद के लघुसचिवालय में नारेबाजी करते पराली जलाने पर प्रतिबंध का विरोध करने वले किसान ।
16एफटीबीपी20 : किसानों के प्रदर्शन के मद्देनजर सुरक्षा के लिए तैनात पुलिसकर्मी।
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- पराली जलाने पर प्रतिबंध लगाने और कोई विकल्प न देने से सरकार से नाराज किसानों ने की नारेबाजी, पुलिस बल तैनात
- एसडीएम और डीडीए ने किसानों को समझाया, किसानों ने 23 को महापंचायत का दिया अल्टीमेटम
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद।
धान की पराली लगातार किसानों और अधिकारियों के लिए मुसीबत बनती जा रही है। पराली जलाने पर लगाए गए प्रतिबंध और कोई विकल्प न दिए जाने से नाराज किसान ने सोमवार को लघु सचिवालय घेरने पहुंचे। किसानों के पहुंचते ही पुलिस बल को तैनात कर दिया गया और किसानों को गेट पर ही रोक लिया गया। इस दौरान किसानों की एसडीएम सतबीर जांगू और कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. बलवंत सहारण से बहस भी हुई। किसानों ने अधिकारियों को सीएम के नाम ज्ञापन भी सौंपा। किसानों ने प्रशासन को अल्टीमेटम दिया कि 23 अक्तूबर तक सरकार ने पराली का कोई विकल्प नहीं दिया तो सब्जीमंडी में किसान महापंचायत होगी। इसके बाद किसान बड़े आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे।
कृष्ण स्वरूप और मंदीप नथवान के नेतृत्व में किसान सोमवार सुबह लघु सचिवालय पहुंचे। पराली जलाने पर प्रतिबंध और उसके लिए कोई विकल्प न दिए जाने से नाराज किसानों ने सरकार और अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। किसानों को डीडीए बलवंत सहारण ने समझाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने सब्सिडी वाले उपकरणों के लिए अंतिम तिथि को 31 अक्तूबर तक कर दिया है। इसके बावजूद किसान शांत नहीं हुए तो सुरक्षा के लिए पुलिस बल को लघु सचिवालय में तैनात किया गया।
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पराली न जलाने के एवज में प्रति एकड़ आठ हजार देने की मांग
कृष्ण स्वरूप और मंदीप नथवान ने कहा कि प्रशासन विकल्प दिए बगैर पराली जलाने पर प्रतिबंध लगा रहा है। जबकि पंजाब में किसान पराली जला रहे और सरकार नरमी बरत रही है। यहां किसानों को नोटिस दिए जा रहे है। कृष्ण स्वरूप ने कहा कि सरकार उन्हें पराली न जलाने की एवज में 8 हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से मुआवजा दे। एसडीएम ने किसानों को उनकी बात सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन दिया है। किसानों ने कहा कि यदि किसी भी किसान के विरुद्ध प्रशासन द्वारा केस दर्ज किया गया तो किसान सरकार का डट कर मुकाबला करेंगे। वहीं किसान मजदूर एकता मंच के संयोजक कृष्ण स्वरूप गोरखपुरिया ने कहा कि 9 अक्तूबर को पराली की समस्या को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया था। कोई भी किसान यह नहीं चाहता कि प्रदूषण फैले, मगर सरकार को पराली के निष्पादन का हल किसानों का उपलब्ध तो करवाया जाना चाहिए। सरकार के मंत्री किसानों को एक तरफ तो मुआवजा देने की बात करते है, वहीं सरकार द्वारा किसानों के लिए कोई मुआवजे की अब तक कोई घोषणा नहीं की गई है। कृष्ण स्वरूप ने कहा कि किसान विरोधी नीतियों के कारण ही पंजाब में गुरदासपुर सीट पर भाजपा को मुंह की खानी पड़ी है। इस मौके पर जगतार सिंह, मनदीप सिंह नथवान, संतोख सिंह, सुखदेव सिंह, मुकेश, अंग्रेज ङ्क्षसह, जगदीप सिंह, हरदीप, परविन्द्र, मंागेराम, गोधासिंह, सुखदेव सिंह, बलवंत सिंह, औमप्रकाश, प्रगट सिंह, रामरत्न, सुरजीत, कुलदीप, प्यारा सिंह, निर्मल सिंह, रविन्द्र सिंह, रामस्वरूप, भालसिंह , कृष्ण लाल सहित अनेक किसान मौजूद थे।
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पराली जलाने पर होगा जुर्माना
एसडीएम ने सोमवार को तहसीलदार को निर्देश दिए है कि अगर पराली जलाने वाले किसान 2500 रुपये प्रति एकड़ की दर से जुर्माना नहीं भरते तो उनके विरुद्ध केस दर्ज करवाया जाए। तहसीलदार ने बताया कि 15 किसानों को पराली जलाने पर नोटिस दिए गए है।
16एफटीबीपी18 : फतेहाबाद के लघु सचिवालय में अधिकारियों को ज्ञापन सौंपते किसान नेता ।
16एफटीबीपी19 : फतेहाबाद के लघुसचिवालय में नारेबाजी करते पराली जलाने पर प्रतिबंध का विरोध करने वले किसान ।
16एफटीबीपी20 : किसानों के प्रदर्शन के मद्देनजर सुरक्षा के लिए तैनात पुलिसकर्मी।