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नहीं चला पोर्टल, 40 बुजुर्गो ने लगवाया टीका
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कोरोना टीकाकरण के तीसरे चरण के दूसरे दिन भी बुजुर्गों के लिए एक ही स्वास्थ्य केंद्र पर सेशन लगाया गया। नागरिक अस्पताल फतेहाबाद के नशा मुक्ति केंद्र में 40 बुजुर्गों को को वैक्सीन की पहली डोज लगाई गई। टोहाना में भी सेशन लगाया गया लेकिन यहां पर कोई बुजुर्ग नहीं पहुंचा। इसके अलावा न ही किसी निजी अस्पताल में कोरोना टीकाकरण का सेशन लगा। मंगलवार को जिले में कोरोना टीकाकरण के लिए 10 सेशन लगाए गए। 42 स्वास्थ्यकर्मियों ने पहली और 142 ने दूसरी डोज लगवाई। अहम बात यह है कि आज एक भी फ्रंटलाइन वर्कर ने टीका नहीं लगवाया।
इसके अलावा गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीज भी टीका लगवाने के लिए नहीं पहुंचे। नागरिक अस्पताल फतेहाबाद में मंगलवार को टीबी से ग्रस्त मरीजों की सूची तैयार करके टीका लगवाने के लिए फोन किया है। इसी तरह अब बुधवार को अन्य बीमारी से ग्रस्त मरीजों को फोन करके बुलाया जाएगा।
इन्हें लगा कोरोना टीका
60 साल से ज्यादा - 40
गंभीर बीमारी से पीड़ित 45 साल से 59 साल - 0
स्वास्थ्यकर्मियों ने लगवाई पहली डोज - 42
स्वास्थ्यकर्मियों ने लगवाई दूसरी डोज- 142
फ्रंटलाइन वर्करों ने लगवाई पहली डोज - 0
इन अस्पतालों में लगाया गया सेशन
स्वास्थ्य विभाग की तरफ से 12 अस्पतालों में सेशन तय किए थे लेकिन निजी अस्पतालों ने सेशन लगाने से मना कर दिया। इसके अलावा अलावा जिले में नागरिक अस्पताल फतेहाबाद, पॉलीक्लीनिक, टोहाना नागरिक अस्पताल, सीएचसी रतिया, पीएचसी भूथनकलां, पीएचसी अहरवां, पीएचसी बड़ोपल, सीएचसी जाखल, पीएचसी कुलां, पीएचसी मामुपुर में कोरोना टीकाकरण के सेशन लगाए गए।
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20 गंभीर बीमारियों को शामिल किया
कोरोना टीकाकरण के तीसरे चरण में गंभीर बीमारी से पीड़ित 45 से 59 साल के मरीजों को लिया गया है। इसमें 20 गंभीर बीमारियों को शामिल किया गया है। टीकाकरण के लिए आवेदन फार्म को डॉक्टर से सत्यापित करवाना होगा। स्वास्थ्य विभाग रोजाना अब गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों का डाटा निकालेगा। इसके बाद इन्हें फोन करके टीकाकरण के लिए कहा जाएगा। दो दिन के टीकाकरण में अभी तक किसी भी गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीज ने टीका नहीं लगवाया है।
250 रुपये फीस के चलते निजी अस्पताल नहीं तैयार
आयुष्मान भारत योजना में शामिल पैनल अस्पतालों में भी कोरोना टीकाकरण सेशन लगाए जाने है लेकिन यहां पर टीका के लिए 250 रुपये फीस तय की गई है। इसमें 100 रुपये सर्विस चार्ज के है जबकि सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में टीका निशुल्क लगाया जा रहा है। इसके चलते निजी अस्पताल सेशन लगाने को तैयार नहीं है। अस्पताल संचालकों को डर है कि कोई भी टीका लगवाने नहीं आएगा। एक शीशी से 20 लोगों को डोज लग सकती है। शीशी खोलने के 4 घंटे बाद वैक्सीन खराब हो जाती है।
कोरोना टीकाकरण के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है। आशा वर्कर और एएनएम घर घर जाकर टीका लगवाने के लिए प्रेरित करेंगी। इसके अलावा गांव व शहर में मुनादी भी करवाई जाएगी। सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में टीका निशुल्क लगाया जा रहा है। मंगलवार को पोर्टल अपडेट हो रहा था इसके चलते दिक्कत आ रही है। -डॉ. सुनीता सोखी, उप सिविल सर्जन।
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इसके अलावा गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीज भी टीका लगवाने के लिए नहीं पहुंचे। नागरिक अस्पताल फतेहाबाद में मंगलवार को टीबी से ग्रस्त मरीजों की सूची तैयार करके टीका लगवाने के लिए फोन किया है। इसी तरह अब बुधवार को अन्य बीमारी से ग्रस्त मरीजों को फोन करके बुलाया जाएगा।
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इन्हें लगा कोरोना टीका
60 साल से ज्यादा - 40
गंभीर बीमारी से पीड़ित 45 साल से 59 साल - 0
स्वास्थ्यकर्मियों ने लगवाई पहली डोज - 42
स्वास्थ्यकर्मियों ने लगवाई दूसरी डोज- 142
फ्रंटलाइन वर्करों ने लगवाई पहली डोज - 0
इन अस्पतालों में लगाया गया सेशन
स्वास्थ्य विभाग की तरफ से 12 अस्पतालों में सेशन तय किए थे लेकिन निजी अस्पतालों ने सेशन लगाने से मना कर दिया। इसके अलावा अलावा जिले में नागरिक अस्पताल फतेहाबाद, पॉलीक्लीनिक, टोहाना नागरिक अस्पताल, सीएचसी रतिया, पीएचसी भूथनकलां, पीएचसी अहरवां, पीएचसी बड़ोपल, सीएचसी जाखल, पीएचसी कुलां, पीएचसी मामुपुर में कोरोना टीकाकरण के सेशन लगाए गए।
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20 गंभीर बीमारियों को शामिल किया
कोरोना टीकाकरण के तीसरे चरण में गंभीर बीमारी से पीड़ित 45 से 59 साल के मरीजों को लिया गया है। इसमें 20 गंभीर बीमारियों को शामिल किया गया है। टीकाकरण के लिए आवेदन फार्म को डॉक्टर से सत्यापित करवाना होगा। स्वास्थ्य विभाग रोजाना अब गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों का डाटा निकालेगा। इसके बाद इन्हें फोन करके टीकाकरण के लिए कहा जाएगा। दो दिन के टीकाकरण में अभी तक किसी भी गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीज ने टीका नहीं लगवाया है।
250 रुपये फीस के चलते निजी अस्पताल नहीं तैयार
आयुष्मान भारत योजना में शामिल पैनल अस्पतालों में भी कोरोना टीकाकरण सेशन लगाए जाने है लेकिन यहां पर टीका के लिए 250 रुपये फीस तय की गई है। इसमें 100 रुपये सर्विस चार्ज के है जबकि सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में टीका निशुल्क लगाया जा रहा है। इसके चलते निजी अस्पताल सेशन लगाने को तैयार नहीं है। अस्पताल संचालकों को डर है कि कोई भी टीका लगवाने नहीं आएगा। एक शीशी से 20 लोगों को डोज लग सकती है। शीशी खोलने के 4 घंटे बाद वैक्सीन खराब हो जाती है।
कोरोना टीकाकरण के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है। आशा वर्कर और एएनएम घर घर जाकर टीका लगवाने के लिए प्रेरित करेंगी। इसके अलावा गांव व शहर में मुनादी भी करवाई जाएगी। सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में टीका निशुल्क लगाया जा रहा है। मंगलवार को पोर्टल अपडेट हो रहा था इसके चलते दिक्कत आ रही है। -डॉ. सुनीता सोखी, उप सिविल सर्जन।