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नवीनतम कृषि तकनीकों का लाभ उठाएं किसान : डॉ. हुड्डा
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नवीनतम कृषि तकनीकों का लाभ उठाएं किसान : डॉ. हुड्डा
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। कृषि विज्ञान केंद्र फतेहाबाद द्वारा फसल अवशेष प्रबंधन योजना के तहत जिला स्तरीय किसान मेेले का आयोजन गांव हड़ौली, खंड रतिया में किया गया। इस किसान मेले के मुख्य अतिथि डॉ. आरएस हुड्डा, विस्तार शिक्षा निदेशक, चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार रहे। मेले में किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन एवं रबी फसलों की समग्र सिफारिशों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। मेले में करीब 450 किसानों ने भाग लिया।
किसानों को संबोधित करते हुए डॉ. हुड्डा ने कहा कि जिले के किसानों ने धान के फसल अवशेष प्रबंधन में अग्रणी कार्य किया है तथा फसल अवशेषों को न जलाकर उसका खेत में ही प्रबंधन किया है। इसी कारण पिछले साल की अपेक्षा कम जगहों पर फसल अवशेष जलाए गए हैं। उन्होंने किसानों को कृषि की नवीनतम तकनीकों जैसे हैप्पी सीडर का प्रयोग, मिट्टी परीक्षण आधार पर खादों का प्रयोग, संसाधन संरक्षण तकनीक अपनाने की सलाह दी। इस मेले में हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. एसएस पूनियां ने किसानों को रबी फसलों में विशेषकर गेहूं में खरपतवार नियंत्रण के में बारे जानकारी दी।
डॉ. हवा सिंह सहारण, सहायक निदेशक पौध रोग ने रबी फसलों में आने वाली बीमारियों के लक्षण व उनके नियंत्रण के बारे में बताया। चौ. चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के सहायक वैज्ञानिक डॉ. रोहताश कुमार ने किसानों को फसलों के पोषक तत्वों विशेषकर सूक्ष्म तत्वों के बारे में जानकारी दी। इफको से डॉ. बहादुर सिंह, डॉ. स्वपनिल चौधरी, डॉ. नरेश कुमार ने भी किसानों को संबोधित किया। कृषि विज्ञान केंद्र के संयोजक डॉ. सरदूल मान ने किसानों को केंद्र द्वारा संचालित यथास्थान फसल अवशेष प्रबंधन योजना एवं इसके तहत अंगीकृत गांवों के बारे में बताया। इस मेले में फसल अवशेष प्रबंधन में काम आने वाली मशीनों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। इस अवसर पर बागवानी विभाग के जिला उद्यान अधिकारी डॉ. कुलदीप श्योराण, सहायक कृषि अभियंता डॉ. सुभाष भाम्भू, केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. लक्ष्यवीर बैनीवाल आदि मौजूद रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। कृषि विज्ञान केंद्र फतेहाबाद द्वारा फसल अवशेष प्रबंधन योजना के तहत जिला स्तरीय किसान मेेले का आयोजन गांव हड़ौली, खंड रतिया में किया गया। इस किसान मेले के मुख्य अतिथि डॉ. आरएस हुड्डा, विस्तार शिक्षा निदेशक, चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार रहे। मेले में किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन एवं रबी फसलों की समग्र सिफारिशों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। मेले में करीब 450 किसानों ने भाग लिया।
किसानों को संबोधित करते हुए डॉ. हुड्डा ने कहा कि जिले के किसानों ने धान के फसल अवशेष प्रबंधन में अग्रणी कार्य किया है तथा फसल अवशेषों को न जलाकर उसका खेत में ही प्रबंधन किया है। इसी कारण पिछले साल की अपेक्षा कम जगहों पर फसल अवशेष जलाए गए हैं। उन्होंने किसानों को कृषि की नवीनतम तकनीकों जैसे हैप्पी सीडर का प्रयोग, मिट्टी परीक्षण आधार पर खादों का प्रयोग, संसाधन संरक्षण तकनीक अपनाने की सलाह दी। इस मेले में हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. एसएस पूनियां ने किसानों को रबी फसलों में विशेषकर गेहूं में खरपतवार नियंत्रण के में बारे जानकारी दी।
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डॉ. हवा सिंह सहारण, सहायक निदेशक पौध रोग ने रबी फसलों में आने वाली बीमारियों के लक्षण व उनके नियंत्रण के बारे में बताया। चौ. चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के सहायक वैज्ञानिक डॉ. रोहताश कुमार ने किसानों को फसलों के पोषक तत्वों विशेषकर सूक्ष्म तत्वों के बारे में जानकारी दी। इफको से डॉ. बहादुर सिंह, डॉ. स्वपनिल चौधरी, डॉ. नरेश कुमार ने भी किसानों को संबोधित किया। कृषि विज्ञान केंद्र के संयोजक डॉ. सरदूल मान ने किसानों को केंद्र द्वारा संचालित यथास्थान फसल अवशेष प्रबंधन योजना एवं इसके तहत अंगीकृत गांवों के बारे में बताया। इस मेले में फसल अवशेष प्रबंधन में काम आने वाली मशीनों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। इस अवसर पर बागवानी विभाग के जिला उद्यान अधिकारी डॉ. कुलदीप श्योराण, सहायक कृषि अभियंता डॉ. सुभाष भाम्भू, केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. लक्ष्यवीर बैनीवाल आदि मौजूद रहे।
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