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Fatehabad News: गृह मंत्री की रैली में गईं रोडवेज की 29 बसें, परेशान हुए यात्री
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फतेहाबाद। महेंद्रगढ़ में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की रैली में जिले से रोडवेज की 29 बसों को विभिन्न गांवों से लोगों को लेकर महेंद्रगढ़ भेजा गया। वहीं फतेहाबाद विधानसभा से 8, रतिया विधानसभा से 10 और टोहाना विधानसभा से 11 बसें महेंद्रगढ़ में आयोजित केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की रैली में भेजी गई हैं। इसके बाद जिले के बस स्टैंड पर बसों की व्यवस्था बिगड़ गई। बसों के लिए यात्री भटकते नजर आए। सबसे ज्यादा लोकल रूट प्रभावित हुए। कई रूटों पर एक-एक घंटे बाद भी बसें नहीं मिली। जिस कारण यात्रियों को निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ा।
जिले में रोडवेज की कुल 180 के करीब बसें हैं। मंगलवार को कम ही बसें रूटों पर नजर आईं, क्योंकि 29 बसें महेंद्रगढ़ चली जाने कारण रोहतक, दिल्ली, पटियाला, चंडीगढ़, अंबाला, भट्टू, आदमपुर, हिसार, सिरसा समेत लोकल रूटों प्रभावित हुए। कुछ रूटों पर एक-एक घंटे तक यात्रियों को कोई बस नहीं मिली। यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। रतिया, टोहाना, भूना, जाखल, उकलाना और नरवाना रूटों पर प्राइवेट बसें चलती हैं, लेकिन हिसार, हांसी, रोहतक, सिरसा, डबवाली, बठिंडा रूट पर केवल सरकारी बसें ही चलती हैं। इसलिए इन रूटों पर दिक्कत ज्यादा हुई। शिक्षण संस्थानों में पढ़ने के लिए आने वाले विद्यार्थियों को निजी वाहनों का सहारा लेकर शहरों में आना पड़ा। इसी तरह घर जाते समय भी उन्हें परेशानी हुई।
निजी गाड़ियों में करना पड़ा सफर
मुझे पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए हिसार जाना था लेकिन बस नहीं मिली, वहीं कुछ निजी गाड़ियों में सफर कर मुझे हिसार आना-जाना पड़ा।
- मानव, निवासी अशोक नगर।
काफी देर करना पड़ा इंतजार
- मैं गांव धांगड़ का रहने वाला हूं। मुझे डबवाली जाना था लेकिन डबवाली को लेकर कोई बस मुझे काफी इंतजार तक नहीं मिली, इसके बाद सिरसा के लिए जाने के लिए एक बस आई।
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- सीताराम, निवासी गांव धांगड़।
दाखिला लेने टोहाना जाना था
- मैं कॉलेज में दाखिला करवाने के लिए टोहाना जा रहा था लेकिन यहां पर टोहाना जाने के लिए कोई भी सरकारी बस नहीं थी इस कारण मुझे प्राइवेट बस में सफर करना पड़ा।
- दिंपाशु जग्गा, निवासी फतेहाबाद।
कोट
रोडवेज कर्मचारी नेता शिव कुमार श्योराण ने कहा कि सरकारी तंत्र का दुरुपयोग सरकार द्वारा किया जा रहा है। बसों को रूटों से हटाकर रैली में ले जाने के कारण यात्रियों को परेशानी हुई। सरकार को यात्रियों और आम जनता का ध्यान रखते हुए कोई वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिये।
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जिले में रोडवेज की कुल 180 के करीब बसें हैं। मंगलवार को कम ही बसें रूटों पर नजर आईं, क्योंकि 29 बसें महेंद्रगढ़ चली जाने कारण रोहतक, दिल्ली, पटियाला, चंडीगढ़, अंबाला, भट्टू, आदमपुर, हिसार, सिरसा समेत लोकल रूटों प्रभावित हुए। कुछ रूटों पर एक-एक घंटे तक यात्रियों को कोई बस नहीं मिली। यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। रतिया, टोहाना, भूना, जाखल, उकलाना और नरवाना रूटों पर प्राइवेट बसें चलती हैं, लेकिन हिसार, हांसी, रोहतक, सिरसा, डबवाली, बठिंडा रूट पर केवल सरकारी बसें ही चलती हैं। इसलिए इन रूटों पर दिक्कत ज्यादा हुई। शिक्षण संस्थानों में पढ़ने के लिए आने वाले विद्यार्थियों को निजी वाहनों का सहारा लेकर शहरों में आना पड़ा। इसी तरह घर जाते समय भी उन्हें परेशानी हुई।
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निजी गाड़ियों में करना पड़ा सफर
मुझे पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए हिसार जाना था लेकिन बस नहीं मिली, वहीं कुछ निजी गाड़ियों में सफर कर मुझे हिसार आना-जाना पड़ा।
- मानव, निवासी अशोक नगर।
काफी देर करना पड़ा इंतजार
- मैं गांव धांगड़ का रहने वाला हूं। मुझे डबवाली जाना था लेकिन डबवाली को लेकर कोई बस मुझे काफी इंतजार तक नहीं मिली, इसके बाद सिरसा के लिए जाने के लिए एक बस आई।
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- सीताराम, निवासी गांव धांगड़।
दाखिला लेने टोहाना जाना था
- मैं कॉलेज में दाखिला करवाने के लिए टोहाना जा रहा था लेकिन यहां पर टोहाना जाने के लिए कोई भी सरकारी बस नहीं थी इस कारण मुझे प्राइवेट बस में सफर करना पड़ा।
- दिंपाशु जग्गा, निवासी फतेहाबाद।
कोट
रोडवेज कर्मचारी नेता शिव कुमार श्योराण ने कहा कि सरकारी तंत्र का दुरुपयोग सरकार द्वारा किया जा रहा है। बसों को रूटों से हटाकर रैली में ले जाने के कारण यात्रियों को परेशानी हुई। सरकार को यात्रियों और आम जनता का ध्यान रखते हुए कोई वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिये।