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Fatehabad News: खेत में टावर लगाने के नाम पर 2.53 लाख रुपये ठगे
Mon, 30 Dec 2024 11:52 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Mon, 30 Dec 2024 11:52 PM IST
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फतेहाबाद। गांव खजूरी जाटी निवासी व्यक्ति से खेत में टावर लगाने के नाम पर 2.53 लाख रुपये ठग लिए गए। ठगों ने विश्वास जीतने के लिए ट्रक में टावर के सामान लदे और जहाज की टिकट की फोटो भी भेज दी। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस को दी शिकायत में मुकेश ने बताया कि उसके पास अज्ञात नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने कहा कि आपके खेत में मोबाइल टावर मंजूर हुआ है और उसके फायदे बताकर अपनी बातों में फंसा लिया। उसके पास जिंदल टावर कॉरपोरेशन कंपनी की तरफ से मंजूरी पत्र भेज 2350 रुपये की राशि मांगी गई। इस राशि को भेजने के लिए उसके पास क्यू आर कोड भेजा गया। इस पर उसने राशि भेज दी।
इसके बाद उसके पास 21 नवंबर को फोन आया कि टावर लगवाने के लिए 22,500 रुपये और भेजने होंगे। उसने भेजे गए क्यूआर कोड पर राशि भेज दी। 29 नवंबर को 15 लाख रुपये चेक की फोटो भेज दी और कहा कि इसका दो फीसदी चार्ज लगेगा। इसके बाद गाड़ी किराया, नोटरी खर्च के नाम पर राशि मांगी गई। इस तरह उसने 2.53 लाख रुपये अलग-अलग ट्रांजेक्शन से भेज दिए।
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उसे विश्वास में लेने के लिए इसके बाद ट्रक में टावर के सामान लदे, जनरेटर व जहाज की फोटो भेजी गई और कहा कि बंग्लूरु से अधिकारी आ रहे है, उनके साथ मीटिंग होगी और सामान भेज दिया जाएगा। इसके लिए उससे 60 हजार रुपये और मांगे गए। इस पर उसे अहसास हुआ कि उसके साथ धोखाधड़ी हुई है। जब उसने फोन किया तो किसी ने नहीं उठाया।
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पुलिस को दी शिकायत में मुकेश ने बताया कि उसके पास अज्ञात नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने कहा कि आपके खेत में मोबाइल टावर मंजूर हुआ है और उसके फायदे बताकर अपनी बातों में फंसा लिया। उसके पास जिंदल टावर कॉरपोरेशन कंपनी की तरफ से मंजूरी पत्र भेज 2350 रुपये की राशि मांगी गई। इस राशि को भेजने के लिए उसके पास क्यू आर कोड भेजा गया। इस पर उसने राशि भेज दी।
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इसके बाद उसके पास 21 नवंबर को फोन आया कि टावर लगवाने के लिए 22,500 रुपये और भेजने होंगे। उसने भेजे गए क्यूआर कोड पर राशि भेज दी। 29 नवंबर को 15 लाख रुपये चेक की फोटो भेज दी और कहा कि इसका दो फीसदी चार्ज लगेगा। इसके बाद गाड़ी किराया, नोटरी खर्च के नाम पर राशि मांगी गई। इस तरह उसने 2.53 लाख रुपये अलग-अलग ट्रांजेक्शन से भेज दिए।
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उसे विश्वास में लेने के लिए इसके बाद ट्रक में टावर के सामान लदे, जनरेटर व जहाज की फोटो भेजी गई और कहा कि बंग्लूरु से अधिकारी आ रहे है, उनके साथ मीटिंग होगी और सामान भेज दिया जाएगा। इसके लिए उससे 60 हजार रुपये और मांगे गए। इस पर उसे अहसास हुआ कि उसके साथ धोखाधड़ी हुई है। जब उसने फोन किया तो किसी ने नहीं उठाया।