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जिले में कई जगह बारिश से मौसम में बढ़ी ठंडक, फसलों को मिलेगा फायदा
Updated Wed, 12 Dec 2018 11:52 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। पिछले दो दिनों से जिले में हो रही हल्की बूंदाबांदी व बरसात ने मौसम में परिवर्तन ला दिया है। तापमान में गिरावट आने के साथ ही लोगों ने ठंडक महसूस की। बुधवार को टोहाना में 7 एमएम, रतिया में 5 एमएम तथा फतेहाबाद में 2 एमएम बरसात दर्ज की गई। यह बूंदाबांदी गेहूं की फसल के लिए फायदेमंद बताई गई है।
दिसंबर के एक पखवाड़ा बीत जाने के बाद भी लोगों को अभी तक मौसम में परिवर्तन की आहट नहीं हो रही थी। मंगलवार को हल्की बूंदाबांदी व बुधवार रात को हुई बरसात से तापमान में 3 से 4 डिग्री गिरावट दर्ज की गई है। बुधवार को दिन भर लोग घरों में दुबके रहे तथा स्कूलों से लौट रहे बच्चे भी गर्म कपड़ों में सिमटे नजर आए। बुधवार को दिन में भी धूप नहीं निकली। जिसके चलते पहली ठंडक ने ही लोगों को सर्दी का एहसास कराया। कृषि उपनिदेशक डा. बलवंत सिंह के अनुसार अगर तेज बरसात व ओलावृष्टि नहीं होती है तो यह बरसात गेहूं की फसल के लिए फायदेमंद है। अब तक जिले में एक लाख 70 हजार हेक्टेयर गेहूं की बिजाई की गई है। सर्दी की पहली बरसात से पिछले दो महीने से आसमान में फैली स्मोग का प्रकोप खत्म हो गया है जिसके कारण पिछले कई दिनों से पराली के धुएं के कारण आंखों में जलन हो रही थी।
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फतेहाबाद। पिछले दो दिनों से जिले में हो रही हल्की बूंदाबांदी व बरसात ने मौसम में परिवर्तन ला दिया है। तापमान में गिरावट आने के साथ ही लोगों ने ठंडक महसूस की। बुधवार को टोहाना में 7 एमएम, रतिया में 5 एमएम तथा फतेहाबाद में 2 एमएम बरसात दर्ज की गई। यह बूंदाबांदी गेहूं की फसल के लिए फायदेमंद बताई गई है।
दिसंबर के एक पखवाड़ा बीत जाने के बाद भी लोगों को अभी तक मौसम में परिवर्तन की आहट नहीं हो रही थी। मंगलवार को हल्की बूंदाबांदी व बुधवार रात को हुई बरसात से तापमान में 3 से 4 डिग्री गिरावट दर्ज की गई है। बुधवार को दिन भर लोग घरों में दुबके रहे तथा स्कूलों से लौट रहे बच्चे भी गर्म कपड़ों में सिमटे नजर आए। बुधवार को दिन में भी धूप नहीं निकली। जिसके चलते पहली ठंडक ने ही लोगों को सर्दी का एहसास कराया। कृषि उपनिदेशक डा. बलवंत सिंह के अनुसार अगर तेज बरसात व ओलावृष्टि नहीं होती है तो यह बरसात गेहूं की फसल के लिए फायदेमंद है। अब तक जिले में एक लाख 70 हजार हेक्टेयर गेहूं की बिजाई की गई है। सर्दी की पहली बरसात से पिछले दो महीने से आसमान में फैली स्मोग का प्रकोप खत्म हो गया है जिसके कारण पिछले कई दिनों से पराली के धुएं के कारण आंखों में जलन हो रही थी।
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