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सरकारी मिल्क प्लांट शीतकरण केंद्र भूना में 90 फीसदी दूध में आई कमी
Updated Tue, 05 Jun 2018 01:16 AM IST
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शीतकरण केंद्र में आने वाले दूध में आई 90 फीसदी की कमी
अमर उजाला ब्यूरो
भूना।
गांव बंद किसान अंदोलन को लेकर सरकारी मिल्क प्लांट शीतकरण केंद्र भूना में 90 फीसदी दूध में कमी आई है। उपरोक्त केंद्र जिला हिसार, फतेहाबाद व सिरसा के 77 सहकारी समितियों के गांवों से जुड़ा हुआ है। केंद्र में 77 गांवों से दूध एकत्रित किया जा रहा है। 30 व 31 मई तक जहां 12 हजार लीटर दूध शीतकरण केंद्र भूना में आता था वह घटकर 80 किलो रह गया है। आंदोलन कारियों से निपटने के लिए केंद्र पर पुलिस फोर्स भी तैनात कर दी गई है।
ये हैं आंकड़े
सहकारी मिल्क प्लांट शीतकरण केंद्र भूना में 30 व 31 मई को 12 हजार लीटर दूध तक उपलब्ध होता रहा है। लेकिन एक जून को इसकी मात्र घटकर 1449 किलो रह गई। जबकि 2 जून को मात्र 77 किलो व 3 जून को 80 किलो दूध ही प्राप्त हुआ। दूध गांव में से प्राप्त करने के लिए शीत केंद्र के प्रबंधक महेंद्र सिंह भादू को विशेष दिशा निर्देश दिए गए हैं। इसलिए उन्होंने सोमवार को गांवों में सहकारी समितियों के संचालकों से संर्पक साधकर अधिक से अधिक दूध शीत केंद्र में लाने के लिए प्रयास किए हैं। जिसके चलते 4 जून को सुबह 615 लीटर दूध प्राप्त हुआ है। जबकि सांय को भी अधिक दूध लाने की कोशिश चल रही है। हालांकि सब्जी में किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं आ रही है। किसान अपने खेतों से मंडी में सब्जियां लाकर बेच रहे हैं। लेकिन दूध में आंदोलन का असर देखने को मिल रहा है। इस संबंध में केंद्र के प्रबंधक महेंद्र सिंह भादू ने कहा कि गर्मी के मौसम में दूध की मात्रा घट जाती है। किंतु आंदोलन का भी इस पर ज्यादा असर पड़ रहा है।
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अमर उजाला ब्यूरो
भूना।
गांव बंद किसान अंदोलन को लेकर सरकारी मिल्क प्लांट शीतकरण केंद्र भूना में 90 फीसदी दूध में कमी आई है। उपरोक्त केंद्र जिला हिसार, फतेहाबाद व सिरसा के 77 सहकारी समितियों के गांवों से जुड़ा हुआ है। केंद्र में 77 गांवों से दूध एकत्रित किया जा रहा है। 30 व 31 मई तक जहां 12 हजार लीटर दूध शीतकरण केंद्र भूना में आता था वह घटकर 80 किलो रह गया है। आंदोलन कारियों से निपटने के लिए केंद्र पर पुलिस फोर्स भी तैनात कर दी गई है।
ये हैं आंकड़े
सहकारी मिल्क प्लांट शीतकरण केंद्र भूना में 30 व 31 मई को 12 हजार लीटर दूध तक उपलब्ध होता रहा है। लेकिन एक जून को इसकी मात्र घटकर 1449 किलो रह गई। जबकि 2 जून को मात्र 77 किलो व 3 जून को 80 किलो दूध ही प्राप्त हुआ। दूध गांव में से प्राप्त करने के लिए शीत केंद्र के प्रबंधक महेंद्र सिंह भादू को विशेष दिशा निर्देश दिए गए हैं। इसलिए उन्होंने सोमवार को गांवों में सहकारी समितियों के संचालकों से संर्पक साधकर अधिक से अधिक दूध शीत केंद्र में लाने के लिए प्रयास किए हैं। जिसके चलते 4 जून को सुबह 615 लीटर दूध प्राप्त हुआ है। जबकि सांय को भी अधिक दूध लाने की कोशिश चल रही है। हालांकि सब्जी में किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं आ रही है। किसान अपने खेतों से मंडी में सब्जियां लाकर बेच रहे हैं। लेकिन दूध में आंदोलन का असर देखने को मिल रहा है। इस संबंध में केंद्र के प्रबंधक महेंद्र सिंह भादू ने कहा कि गर्मी के मौसम में दूध की मात्रा घट जाती है। किंतु आंदोलन का भी इस पर ज्यादा असर पड़ रहा है।
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