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किसानों ने अपनाई बीज रिप्लेसमेंट तकनीक, पिछले नौ सालों में 11 मन प्रति एकड़ बढ़ा गेहूं का औसत उत्पादन

Sun, 19 May 2019 12:04 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 19 May 2019 12:04 AM IST
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किसानों ने अपनाई बीज रिप्लेसमेंट तकनीक, पिछले नौ सालों में 11 मन प्रति एकड़ बढ़ा गेहूं का औसत उत्पादन
फतेहाबाद। जिले में गेहूं का औसत उत्पादन करीब नौ सालों में लगातार बढ़ रहा है। किसानों की औसत पैदावार तो बढ़ी ही साथ ही न्यूनतम समर्थन मूल्य भी बढ़ा है। जिसका मुख्य कारण जिले के किसान अब बीज रिप्लेसमेंट तकनीक को अपनाने लगे है जिससे अनाज की पैदावार ज्यादा हो रही है। आंकड़ों के अनुसार अनुकूल वातावरण के चलते जहां किसानों ने साल 2010 में फतेहाबाद औसत 51 मन प्रति एकड़ गेहूं का उत्पादन लिया तो वहीं 2012 में ये औसत साढ़े 54 मन प्रति एकड़ हो गया। हालांकि बीच में एक साल मौसम की मार के चलते गेहूं के औसत उत्पादन में कमी जरूर आई लेकिन इस बार कृषि विशेषज्ञ मान रहे हैं कि पिछले नौ साल के मुकाबले इस बार प्रति एकड़ उत्पादन सारे रिकार्ड तोड़ देेगा। अब तक की आवक के अनुसार ये आंकड़ा 60 मन प्रति एकड़ तक जाने की संभावना कृषि विभाग जता रहा है।
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इस वर्ष गेहूं की आवक ने पिछले वर्ष की कुल आवक का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया है। पिछले वर्ष पूरे सीजन में केवल 7 लाख 21 हजार मीट्रिक टन गेहूं की आवक हुई थी जबकि इस वर्ष जिले की मंडियों में अब तक 7 लाख 80 हजार मीट्रिक टन गेहूं की आवक हो चुकी है। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के आंकड़ों अनुसार विभिन्न मंडियों व खरीद केंद्रों में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा 2 लाख 88 हजार 844 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है। इसी प्रकार हैफेड द्वारा 3 लाख 4 हजार 731 मीट्रिक टन, एफसीआई द्वारा एक लाख 20 हजार 715 मीट्रिक टन, तथा हरियाणा वेयर हाउसिंग कार्पोरेशन द्वारा 65 हजार 544 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई है।
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कृषि विभाग के आंकड़ों अनुसार गेहूं का प्रति हेक्टेयर उत्पादन लगातार बढ़ रहा है जो केंद्रीय खाद्यान्न भंडार में फतेहाबाद का अहम योगदान रहेगा।
ये रहे आंकड़े
आंकड़ों की मानें तो साल 2010-11 में फतेहाबाद में प्रति एकड़ 45 मन गेहूं का उत्पादन हुआ। इसके अगले
साल 2011-12 में ये बढक़र 50.81 मन प्रति एकड़ हो गया।
साल 2012-13 में प्रति एकड़ पैदावार 54 मन तक जा पहुंची। ये पैदावार सबसे ज्यादा मानी गई थी। इसके अगले साल यानि
साल 2013-14 में ये औसत 53 मन प्रति एकड़ पहुंच गई।
साल 2014-15 में ये प्रति एकड़ पैदावार 52 मन प्रति एकड़ रहा। जबकि
2015-16 में खराब मौसम के चलते ये साढ़े 45 मन प्रति एकड़ रह पाया।
2016-17 में उत्पादन 53 मन प्रति एकड़ तक पहुंच गया
साल 2017-18 में प्रति एकड़ 54 मन हो गया।
वहीं इस बार के आंकड़े फतेहाबाद के इतिहास बदलने वाले नजर आ रहे हैं। कृषि विभाग और गेहूं की आवक को आधार बनाया जाए तो इस बार ये पिछला रिकार्ड टूटना तय है। फतेहाबाद में इस बार एक लाख 94 हजार हेक्टेयर भूमि पर गेहूं की बिजाई की गई।
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प्रत्येक खंड में इतनी रही गेहूं की औसत पैदावार
फतेहाबाद के राजस्थान सीमा से सटा भट्टू कस्बे में इस बार गेहूं का औसत उत्पादन 50 मन के करीब आंका जा रहा है जबकि धान एरिया माना जाना वाला रतिया, जाखल और टोहाना में गेहूं की औसत पैदावार 60 से 65 मन प्रति एकड़ निकलकर आ रही है। जिसे कृषि विशेषज्ञ अनुमान लगा रहे हैं कि इस बार औसत 62 मन के करीब गेहूं अवश्य निकलेगी।
इसलिए बढ़ रहा है लगातार उत्पादन
गेहूं की बिजाई अक्तूबर में होती है जब दिन का तापमान 22 डिग्री तक होता है। कई सालों में तापमान धीरे-धीरे बढ़ रहा है। अप्रैल तक मौसम में ठंडक रहती है। इस बार ठंडक मई के पहले हफ्ते तक रही। इसका किसानों का फायदा ये हुआ कि गेहूं का पकाव अच्छा हुआ और गेहूं एकदम नहीं सूखी। दाने में वजन पड़ा। गर्मी के धीरे-धीरे बढ़ने से गेहूं की फसल के लिए फायदेमंद रही। इसके अतिरिक्त किसानों ने सर्टिफाइड बीजों में बदलाव किया। इसका मतलब ये हुआ कि पहले किसान घर में पड़ी गेहूं से बिजाई कर देते थे लेकिन अब इसमे बदलाव आया है। अब लोग 50 फीसदी बीज बाजारों से खरीदते हैं और 50 फीसदी घर में रखा बीज इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में गेहूं के बीज में 50 फीसदी रिप्लेसमेंट होने से उत्पादन में बढ़ोतरी हो गई। बीज रिप्लेसमेंट होने से फसल में रोग नहीं लगती और इसका सीधा गेहूं के उत्पादन में बढ़ोतरी के रूप में होती है।

वर्जन
‘सही मौसम के चलते जब खेतों में गेहूं की फसल अच्छी दिखी तो किसानों ने इसकी संभाल भी अच्छे ढंग से की। आमतौर पर पूर्व के सालों में ये होता आया है कि अप्रैल के प्रथम सप्ताह में ही गर्मी पड़ते ही किसान फसल काट देते थे। अब बदलाव आ रहा है। अब किसानों ने अप्रैल के अंतिम या मई के प्रथम सप्ताह में ही गेहूं को हाथ लगाते हैं। जिसके कारण अब बालियां मजबूत होती हैं। ’
बलवंत सहारण, कृषि उपनिदेशक, फतेहाबाद ।
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