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बिना ट्रीट किया गंदा पानी जा रहा घग्गर-यमुना में, नदियों में बढ़ते प्रदूषण पर सरकार ने अफसरों से जताई नाराजगी
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घग्गर-यमुना नदी में जा रहा बिना ट्रीट किया गंदा पानी, बढ़ते प्रदूषण पर सरकार ने जताई नाराजगी
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद । घग्गर और यमुना नदी में बढ़ते प्रदूषण पर प्रदेश सरकार सख्ती के मूड में आती नजर आ रही है। दरअसल इस मामले में सरकार के लगातार निर्देशों के बावजूद घग्गर और यमुना नदी के किनारे वाले जिलों में प्रदूषण रोकने को लेकर किसी प्रकार का कोई कदम नहीं उठाया गया। अब सरकार ने इस मामले में संबंधित जिलों के उपायुक्तों और नगर निकाय अधिकारियों को पत्र भेजकर अपनी नाराजगी जाहिर की है। फतेहाबाद जिले के रतिया से घग्गर नदी होकर गुजर रही है और रतिया में घग्गर नदी का प्रदूषण एक बड़ा मुद्दा बन चुका है।
तीन माह में चार बार पत्र भेज चुका है स्थानीय निकाय विभाग
नवंबर माह में स्थानीय निकाय विभाग ने यमुना और घग्गर नदी में लगातार बढ़ते प्रदूषण के खिलाफ अधिकारियों द्वारा उठाए गए कदमों की स्टेटस रिपोर्ट तलब की थी। लेकिन नवंबर से लेकर 14 जनवरी तक विभाग की ओर से चार बार इसी संदर्भ में पत्र भेजकर मामले में कार्रवाई की रिपोर्ट दोबारा मांगी गई, लेकिन संबंधित जिलों के अधिकारियों ने इस पर ध्यान नहीं दिया। जिसके बाद 14 जनवरी को स्थानीय निकाय विभाग के पंचकूला मुख्यालय से पत्र क्रमांक एसडीई/2019/306 के तहत चौथा रिमाइंडर भेजकर चेतावनी दे डाली है कि बार-बार कहने के बावजूद जिलों से इन दोनों नदियों में प्रदूषण रोकने पर स्टेटस रिपोर्ट नहीं भेजी जा रही है। अगर कल को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की ओर से संबंधित जिलों के अधिकारियों के खिलाफ कोई नोटिस आता है तो संबंधित अधिकारी ही इसके लिए जिम्मेदार होंगे और सरकार इस मामले में कोई दखल नहीं देगी।
अवैध कॉलोनियों से ड्रेनेज के माध्यम से घग्गर-यमुना में जा रहा प्रदूषित पानी
नवंबर माह में स्थानीय निकाय विभाग के उच्चाधिकारियों ने प्रदेश भर के इन नदियों के साथ लगते सभी जिलों के अधिकारियों को पत्र भेजकर आगाह किया था कि इन जिलों की अवैध कालोनियों का प्रदूषित और बिना ट्रीट किया हुआ पानी जन स्वास्थ्य विभाग और सिंचाई विभाग के ड्रेनेज के माध्यम से घग्गर और यमुना नदी में गिरकर नदी को भी प्रदूषित कर रहा है। इससे पहले सरकार ने एक विशेष प्लानिंग भी अधिकारियों को भेजी थी, लेकिन उस प्लानिंग पर अभी तक किसी भी जिले में काम शुरू ही नहीं किया गया। जिसके बाद अब प्रदेश सरकार ने तीन माह में चौथी बार पत्र जारी कर संबंधित अधिकारियों को चेतावनी दे दी है।
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घग्गर की सफाई के लिए फतेहाबाद में पांच करोड़ की घोषणा कर चुके हैं सीएम
दिसंबर माह में फतेहाबाद के भूना में सीएम मनोहर लाल की रैली के दौरान उन्होंने अपने भाषण में भी घग्गर नदी के प्रदूषण का जिक्र किया था। इस प्रदूषण को दूर करने के लिए उन्होंने पांच करोड़ की ग्रांट भी जारी करने की घोषणा की थी। इसके अलावा बीजेपी जिलाध्यक्ष व डीसी की अगुवाई में एक विशेष कमेटी भी राज्यमंत्री कृष्ण बेदी बना चुके हैं। जबकि जमीनी स्तर पर कोई कदम न उठाए जाने से रतिया से गुजर रही घग्गर नदी का प्रदूषण लगातार बढ़ता जा रहा है।
इस संदर्भ में फतेहाबाद जिला प्रशासन पूरी तरह गंभीर है। संबंधित विभाग को सरकार के आदेश भेजे गए हैं। जल्द ही जमीनी स्तर पर भी कदम उठते दिखेंगे।
डॉ. जेके आभीर, जिला उपायुक्त फतेहाबाद ।
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद । घग्गर और यमुना नदी में बढ़ते प्रदूषण पर प्रदेश सरकार सख्ती के मूड में आती नजर आ रही है। दरअसल इस मामले में सरकार के लगातार निर्देशों के बावजूद घग्गर और यमुना नदी के किनारे वाले जिलों में प्रदूषण रोकने को लेकर किसी प्रकार का कोई कदम नहीं उठाया गया। अब सरकार ने इस मामले में संबंधित जिलों के उपायुक्तों और नगर निकाय अधिकारियों को पत्र भेजकर अपनी नाराजगी जाहिर की है। फतेहाबाद जिले के रतिया से घग्गर नदी होकर गुजर रही है और रतिया में घग्गर नदी का प्रदूषण एक बड़ा मुद्दा बन चुका है।
तीन माह में चार बार पत्र भेज चुका है स्थानीय निकाय विभाग
नवंबर माह में स्थानीय निकाय विभाग ने यमुना और घग्गर नदी में लगातार बढ़ते प्रदूषण के खिलाफ अधिकारियों द्वारा उठाए गए कदमों की स्टेटस रिपोर्ट तलब की थी। लेकिन नवंबर से लेकर 14 जनवरी तक विभाग की ओर से चार बार इसी संदर्भ में पत्र भेजकर मामले में कार्रवाई की रिपोर्ट दोबारा मांगी गई, लेकिन संबंधित जिलों के अधिकारियों ने इस पर ध्यान नहीं दिया। जिसके बाद 14 जनवरी को स्थानीय निकाय विभाग के पंचकूला मुख्यालय से पत्र क्रमांक एसडीई/2019/306 के तहत चौथा रिमाइंडर भेजकर चेतावनी दे डाली है कि बार-बार कहने के बावजूद जिलों से इन दोनों नदियों में प्रदूषण रोकने पर स्टेटस रिपोर्ट नहीं भेजी जा रही है। अगर कल को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की ओर से संबंधित जिलों के अधिकारियों के खिलाफ कोई नोटिस आता है तो संबंधित अधिकारी ही इसके लिए जिम्मेदार होंगे और सरकार इस मामले में कोई दखल नहीं देगी।
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अवैध कॉलोनियों से ड्रेनेज के माध्यम से घग्गर-यमुना में जा रहा प्रदूषित पानी
नवंबर माह में स्थानीय निकाय विभाग के उच्चाधिकारियों ने प्रदेश भर के इन नदियों के साथ लगते सभी जिलों के अधिकारियों को पत्र भेजकर आगाह किया था कि इन जिलों की अवैध कालोनियों का प्रदूषित और बिना ट्रीट किया हुआ पानी जन स्वास्थ्य विभाग और सिंचाई विभाग के ड्रेनेज के माध्यम से घग्गर और यमुना नदी में गिरकर नदी को भी प्रदूषित कर रहा है। इससे पहले सरकार ने एक विशेष प्लानिंग भी अधिकारियों को भेजी थी, लेकिन उस प्लानिंग पर अभी तक किसी भी जिले में काम शुरू ही नहीं किया गया। जिसके बाद अब प्रदेश सरकार ने तीन माह में चौथी बार पत्र जारी कर संबंधित अधिकारियों को चेतावनी दे दी है।
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घग्गर की सफाई के लिए फतेहाबाद में पांच करोड़ की घोषणा कर चुके हैं सीएम
दिसंबर माह में फतेहाबाद के भूना में सीएम मनोहर लाल की रैली के दौरान उन्होंने अपने भाषण में भी घग्गर नदी के प्रदूषण का जिक्र किया था। इस प्रदूषण को दूर करने के लिए उन्होंने पांच करोड़ की ग्रांट भी जारी करने की घोषणा की थी। इसके अलावा बीजेपी जिलाध्यक्ष व डीसी की अगुवाई में एक विशेष कमेटी भी राज्यमंत्री कृष्ण बेदी बना चुके हैं। जबकि जमीनी स्तर पर कोई कदम न उठाए जाने से रतिया से गुजर रही घग्गर नदी का प्रदूषण लगातार बढ़ता जा रहा है।
इस संदर्भ में फतेहाबाद जिला प्रशासन पूरी तरह गंभीर है। संबंधित विभाग को सरकार के आदेश भेजे गए हैं। जल्द ही जमीनी स्तर पर भी कदम उठते दिखेंगे।
डॉ. जेके आभीर, जिला उपायुक्त फतेहाबाद ।