फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Fatehabad News ›   डेंगू के डंक से बदहाल फतेहाबाद, दो मौतों के बाद भी नहीं चेत रहा प्रशासन, ना फोगिंग और ना सफाई

डेंगू के डंक से बदहाल फतेहाबाद, दो मौतों के बाद भी नहीं चेत रहा प्रशासन, ना फोगिंग और ना सफाई

Tue, 24 Oct 2017 01:06 AM IST
Updated Tue, 24 Oct 2017 01:06 AM IST
विज्ञापन
डेंगू के डंक से बदहाल फतेहाबाद, दो मौतों के बाद भी नहीं चेत रहा प्रशासन, ना फोगिंग और ना सफाई
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

टोहाना। क्षेत्र में लगातार आ रही डेंगू आशंकित मरीजों की मौत की घटना से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। जिसके चलते स्वास्थ्य विभाग के डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. हनुमान ने डेंगू आशंकित मृतकों के घरों में पहुंचकर जानकारी ली। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग द्वारा दोनों कालोनियों में सर्वे भी करवाया गया है। जिसमें अनेक घरों में डेंगू का लारवा भी मिला है। लारवा मिलने के बाद नोटिस भी दिया गया है। विभाग की टीम के कर्मी नरेश के अनुसार दोनों कॉलोनी में एक-एक घरों में लारवा मिला था, जिनको नोटिस दे दिया है।
स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा भाटिया नगर, आजाद नगर में घर-घर जाकर सर्वे किया। इस दौरान टीम के सदस्यों द्वारा लोगों को जागरूक किया गया कि वे घर में कुलरों, खाली बर्तन, टायर व अन्य जगहों पर पानी जमा न होने दे। इस दौरान कई घरों में लारवा मिलने पर लारवा को नष्ट करने के बाद नोटिस दिए गए।
विज्ञापन

इस दौरान डॉ. हनुमान के साथ सर्वे करने वाली टीम के सदस्य भी मौजूद रहे। डॉ. हनुमान ने सबसे पहले भाटिया नगर स्थित मिलन भाटिया के मकान में पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मिलन के परिजनों को निजी अस्पताल द्वारा दी गई रिपोर्ट की जांच की। लगभग एक घंटे की जांच के बाद विभाग की टीम आजाद नगर स्थित मृतक अमीरचंद गर्ग के घर पहुंची और परिजनों को सांत्वना दी। इस दौरान उन्होंने मृतक की इलाज के दौरान की रिपोर्ट को जांचा।
विज्ञापन
विज्ञापन

इस बारे में डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. हनुमान सिंह ने बताया कि जिले मे 133 डेंगू के मरीज हैं। उन्हांने कहा कि टोहाना में डेंगू के अभी तक 8 मरीज पाए गए हैं। उन्होंने निजी अस्पतालों को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर किसी मरीज को डेंगू पाजीटिव बताकर लूटने का काम किया तो बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कोई भी निजी अस्पताल डेंगू की पुष्टि नहीं कर सकता है।


डेंगू के डंक से बदहाल फतेहाबाद
फतेहाबाद। डेंगू के डंक से फतेहाबाद जिला बदहाल हो चला है लेकिन स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है। खुद स्वास्थ्य विभाग के डिप्टी डायरेक्टर ये मान चुकी हैं कि फतेहाबाद जिला डेंगू के रोगियों के मामले में पूरे प्रदेश में दूसरे स्थान पर है। लेकिन सरकार और जिला प्रशासन अभी भी आंकड़ों की बाजीगरी में व्यस्त नजर आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की मानें तो जिले में डेंगू के रोगियों की कुल संख्या डेढ़ सौ के करीब है जबकि सच्चाई यह है कि फतेहाबाद जिले में इस समय डेंगू की चपेट में 5 हजार से अधिक लोग आ चुके हैं। हैरत तो इस बात की है कि टोहाना में लगातार दो दिनों में दो डेंगू आशंकित मरीजों की मौत हो चुकी है। लेकिन बावजूद इसके स्वास्थ्य विभाग डेंगू से मौत की पुष्टि करने से बच रहा है।

टोहाना और फतेहाबाद का बुरा हाल
टोहाना और फतेहाबाद शहर डेंगू से सर्वाधिक प्रभावित इलाके हैं। सरकारी अस्पताल छोड़िए, इन जगहों पर निजी अस्पतालों में भी मरीजों के लिए जगह नहीं बची है। एक अनुमान के मुताबिक अकेले फतेहाबाद शहर में ही डेंगू के तीन सौ से अधिक मरीज हैं। कमोबेश यही स्थिति टोहाना शहर की भी है। टोहाना में तो डेंगू के चलते दो लोगों की मौत भी हो चुकी है। इनमें भाटिया नगर निवास मिलन भाटिया और आजाद नगर निवासी अमीरचंद गर्ग शामिल हैं। हैरत की बात तो ये है कि टोहाना के भाटिया नगर में मिलन की मौत से पहले उसके खुद के घर में विभाग को डेंगू का लार्वा मिला था लेकिन इसके बावजूद भाटिया नगर में कोई फोगिंग नहीं करवाई गई। ऐसा ही हाल फतेहाबाद में हैं। फतेहाबाद में नगर परिषद के पास मौजूद फोगिंग मशीन खराब पड़ी है। नई मशीन के लिए एस्टीमेट तैयार किया जा रहा है लेकिन उसका इस सीजन में आ पाना संभव नहीं दिख रहा।


अस्पताल परिसर में ही गंदगी के ढेर
स्वास्थ्य विभाग दावे करता नहीं थक रहा कि डेंगू के इस प्रकोप में नागरिक अस्पताल में लोगों के इलाज की पूरी व्यवस्था है लेकिन जमीनी हकीकत ना केवल इससे उलट है बल्कि चौंकाने और डराने वाली भी है। जिस अस्पताल के भरोसे डेंगू से निपटने के दावे किए जा रहे हैं, वास्तव में उसी नागरिक अस्पताल परिसर में ही गंदगी के ढेर लगे हुए हैं और ये ढेर आज-कल के नहीं हैं बल्कि महीनों से जमे हुए हैं। ना तो स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और ना ही अस्पताल परिसर के अधिकारी इस ओर गंभीर नजर आते हैं।

डेंगू के लक्षण
1. तेज सिरदर्द व बुखार का होना
2. मांसपेशियों तथा जोड़ों में दर्द होना
3. आंखों के पीछे दर्द होना
4. जी मिचलाना या उल्टी होना
5. शरीर पर लाल चकते होना
6. गंभीर मामलों में नाक, मुंह और मसूढ़ों से खून आना
इस प्रकार कर सकते हैं डेंगू से बचाव
1. पानी से भरे हुए बर्तनों और टंकियों को ढक कर रखें।
2. कूलर में भरे पानी को निकाल दें और कूलर को पूरी तरह सुखा दें।
3. डेंगू मच्छर दिन के समय ज्यादातर पैर पर काटता है, उसी अनुसार कपड़े और जुराबें डालें
4. अपने आसपास मच्छरों की संख्या बढने पर उनके लिए आवश्यक कदम उठाएं

ये है जिले में डेंगू का प्रकोप बढ़ने की मुख्य वजहें
1. पूरे जिले में सफाई व्यवस्था के बुरे हालात
2. जिलेभर में उम्मीद से काफी कम फोगिंग का होना
3. फतेहाबाद शहर में फोगिंग मशीन ही नहीं है
4. सड़कों पर गड्डों के चलते जलभराव हुआ और मच्छरों को पनपने का मौका मिला
5. स्वास्थ्य विभाग ने लगातार लचीला रवैया अपनाया, जिसके चलते डेंगू का प्रकोप बढ़ा
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed