फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Fatehabad News ›   रेप का आरोप लगाकर कोर्ट में मुकरी नाबालिग, कोर्ट ने पीड़िता को नोटिस देने का किया फैसला

रेप का आरोप लगाकर कोर्ट में मुकरी नाबालिग, कोर्ट ने पीड़िता को नोटिस देने का किया फैसला

Wed, 02 Aug 2017 11:23 PM IST
Updated Wed, 02 Aug 2017 11:23 PM IST
विज्ञापन
रेप का आरोप लगाकर कोर्ट में मुकरी नाबालिग, कोर्ट ने पीड़िता को नोटिस देने का किया फैसला
रेप का आरोप लगाकर कोर्ट में मुकरी नाबालिग, अब कोर्ट जारी करेगा नोटिसला ब्यूरो
विज्ञापन

फतेहाबाद।
रेप के एक मामले की सुनवाई करते हुए जिला एवं सत्र न्यायालय ने एक पीड़िता द्वारा अपने आरोपों से मुकरने को गंभीरता से लेते हुए धारा 344 के तहत नोटिस देने का फैसला किया है। उक्त नोटिस जारी करने के पीछे अदालत की मंशा है कि उक्त पीड़िता युवती से पूछा जाए कि झूठा मुकदमा दर्ज करवाने के लिए क्यों ना उसे ही दंडित किया जाए। इतना ही नहीं, माननीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेंद्र कुमार ढांडा की अदालत ने इस मामले में सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि आज कल देखा जा रहा है कि लड़कियां निर्दोष लोगों को फंसाने के लिए मुकदमे दर्ज करवाती है और बाद में दबाव बनाकर सेटलमेंट करती हैं। अदालत ने कहा कि यह हमारा फर्ज है कि इस तरह की प्रवृति पर रोक लगाने के लिए उचित कदम उठाए जाएं। इस मामले में युवती के मुकरने के बाद कोर्ट ने दोनों आरोपियों को रिहा कर दिया। इस मामले में 15 फरवरी 2017 को एक नाबालिग युवती ने थाने में शिकायत देकर टोहाना रोड़ निवासी हिमांशु धीमान और रणदीप निवासी एमपी सौत्र पर उसके घर में घुसकर उसके साथ दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था। पुलिस को उस समय दिए गए बयान में पीड़िता ने आरोप लगाया था कि 14 फरवरी को वो घर में अकेली थी तो दोनों आरोपी जबरदस्ती उसके घर में घुसे और उसे उठाकर बेडरूम में ले गए और हिमांशु ने उसके साथ दुष्कर्म किया। इस आधार पर पुलिस ने दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार भी कर लिया था। तत्कालीन एएसपी गंगाराम पूनियां की जांच के बाद हिमांशु के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया था, उससे पहले दोनों के खिलाफ पोस्को एक्ट के तहत ही मामला दर्ज था। इतना ही नहीं, नाबालिग पीड़िता ने कोर्ट में 164 के तहत करवाए गए बयानों में भी यही आरोप ही दोहराए। लेकिन जब मामला कोर्ट में गवाहियों तक पहुंचा तो पीड़िता ने अपने ही बयानों से मुकरना शुरू कर दिया। अदालत में पहले पीड़िता ने ये कहा कि उसके घर में दो युवक घुसे जरूर थे, लेकिन उसके साथ दुष्कर्म नहीं हुआ था क्योंकि उसके शोर मचाने पर दोनों युवक फरार हो गए थे। इसके अलावा पीड़िता ने हिमांशु और रणदीप को भी ये कहकर पहचानने से इंकार कर दिया कि ये दोनों वो युवक नहीं हैं जो उसके घर घुसे थे। इतना ही नहीं, पीड़िता ने पुलिस पर ही आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस ने उससे खाली कागजों पर साइन करवा लिए थे और बाद में उन कागजों पर बयान लिख दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed