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बीईओ कार्यालय में ही एक्सपायर हो गईं आयरन की 15 हजार गोलियां
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फतेहाबाद के बीईओ कार्यालय में पड़ी दवाई जो एक्सपायर हो चुकी।
- फोटो : Fatehabad
स्कूलों में विद्यार्थियों को दी जाने वाली दवाइयों को लेकर शिक्षा विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। स्वास्थ्य विभाग ने शिक्षा विभाग को विद्यार्थियों को आयरन गोलियां खिलाने के लिए दी थी। लेकिन ये गोलियां शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों को दी ही नहीं। करीब 15 हजार गोलियां खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में रखी रह गई और एक्सपायर हो गईं।
शिक्षा विभाग के कर्मचारियों ने भी एक्सपायर हुई 15 हजार गोलियों को कबाड़ में फेंक दिया। जबकि शिक्षा विभाग को ये गोलियां एक्सपायर होने से पहले स्वास्थ्य विभाग को लौटानी थी ताकि इनका इस्तेमाल हो पाता। अब ये गोलियां अप्रैल 2021 में एक्सपायर हो चुकी हैं। वहीं खंड शिक्षा अधिकारी सुरेश शर्मा का कहना है कि उनके संज्ञान ये मामला अभी आया है सोमवार को इसकी जांच की जाएगी। संवाद
बच्चों में न रहे खून की कमी, इसलिए खिलाई जाती है आयरन की दवा
स्वास्थ्य विभाग स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के स्वास्थ्य की समय-समय पर जांच करता है। इसके अलावा विद्यार्थियों में खून की कमी न रहे इसके लिए सरकारी और निजी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को आयरन की दवाई भी खिलाई जाती है। ये दवाई विद्यार्थियों को स्कूलों में ही खिलाई जाती है। ये दवाइयां स्वास्थ्य विभाग उपलब्ध करवाता है।
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अप्रैल माह में एक्सपायर हो चुकी हैं गोलियां
स्वास्थ्य विभाग की तरफ से शिक्षा विभाग को फेरस सल्फेट एवं फोलिक एसिड टेबलेट्स जारी की गई थी। इन टेबलेट्स की तैयार होने की तारीख मई 2019 है तथा एक्सपायर होने की तारीख अप्रैल 2021 माह अंकित है। यानी की ये गोलियां साढ़े चार माह पहले ही एक्सपायर हो चुकी हैं।
वापस कर सकता था शिक्षा विभाग
शिक्षा विभाग ने कार्यालय में बची करीब 15 हजार गोलियों को वापस लौटाने की जगह कार्यालय में ही रख लिया। यहां पड़ी-पड़ी ये गोलियां एक्सपायर हो गईं। हालांकि विभाग ये गोलियां स्वास्थ्य विभाग को लौटा सकता था ताकि इनका इस्तेमाल हो सकता।
कोट
मेरे संज्ञान में ये मामला नहीं है। मैं सोमवार को कार्यालय में जाकर जांच करता हूं। इसके बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
- सुरेश शर्मा, खंड शिक्षा अधिकारी फतेहाबाद।
कोट
आरबीएस के कार्यक्रम के तहत स्कूलों में विद्यार्थियों को ये दवाई दी जाती है। ये मामला मेरे संज्ञान में अभी आया है। गोलियां कब दी गई और एक्सपायर होने के क्या कारण रहे। सोमवार को इस मामले का पता लगाया जाएगा।
- डॉ. सुनीता सोखी, उप सिविल सर्जन
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शिक्षा विभाग के कर्मचारियों ने भी एक्सपायर हुई 15 हजार गोलियों को कबाड़ में फेंक दिया। जबकि शिक्षा विभाग को ये गोलियां एक्सपायर होने से पहले स्वास्थ्य विभाग को लौटानी थी ताकि इनका इस्तेमाल हो पाता। अब ये गोलियां अप्रैल 2021 में एक्सपायर हो चुकी हैं। वहीं खंड शिक्षा अधिकारी सुरेश शर्मा का कहना है कि उनके संज्ञान ये मामला अभी आया है सोमवार को इसकी जांच की जाएगी। संवाद
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बच्चों में न रहे खून की कमी, इसलिए खिलाई जाती है आयरन की दवा
स्वास्थ्य विभाग स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के स्वास्थ्य की समय-समय पर जांच करता है। इसके अलावा विद्यार्थियों में खून की कमी न रहे इसके लिए सरकारी और निजी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को आयरन की दवाई भी खिलाई जाती है। ये दवाई विद्यार्थियों को स्कूलों में ही खिलाई जाती है। ये दवाइयां स्वास्थ्य विभाग उपलब्ध करवाता है।
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अप्रैल माह में एक्सपायर हो चुकी हैं गोलियां
स्वास्थ्य विभाग की तरफ से शिक्षा विभाग को फेरस सल्फेट एवं फोलिक एसिड टेबलेट्स जारी की गई थी। इन टेबलेट्स की तैयार होने की तारीख मई 2019 है तथा एक्सपायर होने की तारीख अप्रैल 2021 माह अंकित है। यानी की ये गोलियां साढ़े चार माह पहले ही एक्सपायर हो चुकी हैं।
वापस कर सकता था शिक्षा विभाग
शिक्षा विभाग ने कार्यालय में बची करीब 15 हजार गोलियों को वापस लौटाने की जगह कार्यालय में ही रख लिया। यहां पड़ी-पड़ी ये गोलियां एक्सपायर हो गईं। हालांकि विभाग ये गोलियां स्वास्थ्य विभाग को लौटा सकता था ताकि इनका इस्तेमाल हो सकता।
कोट
मेरे संज्ञान में ये मामला नहीं है। मैं सोमवार को कार्यालय में जाकर जांच करता हूं। इसके बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
- सुरेश शर्मा, खंड शिक्षा अधिकारी फतेहाबाद।
कोट
आरबीएस के कार्यक्रम के तहत स्कूलों में विद्यार्थियों को ये दवाई दी जाती है। ये मामला मेरे संज्ञान में अभी आया है। गोलियां कब दी गई और एक्सपायर होने के क्या कारण रहे। सोमवार को इस मामले का पता लगाया जाएगा।
- डॉ. सुनीता सोखी, उप सिविल सर्जन

खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में कबाड़ में फेंका गया दवाइयों से भरा डिब्बा।- फोटो : Fatehabad