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हैडिंग...पहले सचिवालय के गेट पर प्रशासन से भिड़े, फिर आपस में उलझे दलित संगठनों के नेता, समर्थन देने पहुंचे गिल्लाखेड़ा को भी बै
Updated Mon, 02 Apr 2018 11:56 PM IST
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- समर्थन देने के लिए पहुंचे गिल्लाखेड़ा को भी बैरंग लौटाया
फ्लैग....एससी एक्ट में संशोधन के विरोध में भड़के दलित संगठन
- लाल बत्ती चौक पर कुछ देर के लिए लगाया जाम, फिर विशाल रोष मार्च के साथ जताया विरोध, डीसी को सौंपा ज्ञापन
- प्रदर्शनकारियों की संख्या का अनुमान नहीं लगा सका प्रशासन, डीसी ने माना, कमजोर रहे सुरक्षा प्रबंध
- दलित संगठनों के बैनर तले हजारों प्रदर्शनकारियों ने सचिवालय के गेट पर किया हंगामा, हलक में अटकी रही अफसरों की सांसें,
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद।
एससी-एसटी एक्ट में संशोधन के विरोध में दलित संगठनों के बैनर तले हजारों दलितों ने जिलेभर में विरोध प्रदर्शन किए। सोमवार को टोहाना में दलित प्रदर्शनकारियों द्वारा कुछ दुकानों पर पत्थरबाजी और जबरन दुकानों के शटर बंद किए जाने की घटना सामने आई है। इस पत्थरबाजी में तीन दुकानों के शीशे टूट गए। फतेहाबाद में भी दलित संगठनों ने लाल बत्ती चौक से हजारों की तादाद में लघुसचिवालय तक रोष मार्च निकाला और इस दौरान सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। लघु सचिवालय के गेट पर दलित प्रदर्शनकारियों व पुलिस अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। बाद में डीसी डा. हरदीप सिंह ने प्रदर्शनकारियों को सचिवालय के पार्क में सभा करने की इजाजत दे दी जिसके बाद दलितों का गुस्सा शांत हुआ।
दलित संगठनों ने सोमवार सुबह लाल बत्ती चौक स्थित अंबेडकर पार्क में एकत्रित होकर पहले न्यायपालिका में राजनीतिक हस्तक्षेप बंद करने की मांग रखी और इसके बाद हजारों लोगों ने लाल बत्ती चौक पर जाम लगाने का भी प्रयास किया। हालांकि इस दौरान मौके पर सिटी एसएचओ सुरेंद्र कंबोज ने दलित प्रदर्शनकारियों को जाम ना लगाने के लिए सफल प्रयास किया। इसके बाद हजारों प्रदर्शनकारियों ने लाल बत्ती चौक से लेकर लघु सचिवालय तक रोष मार्च निकाला। इस दौरान सिटी एसएचओ प्रदर्शनकारियों की भीड़ के साथ साथ चलते रहे। प्रदर्शनकारी इस दौरान पैदल मार्च के अलावा बाइकों, ट्रैक्टरों और गाड़ियों पर भी सवार होकर सचिवालय पहुंचे।
सचिवालय के गेट बंद करने पर भड़के
दलित संगठनों के प्रदर्शन में हजारों लोगों के शामिल होने की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन ने सचिवालय के मुख्य गेट को बंद कर दिया। दरअसल प्रशासन की प्लानिंग थी कि हजारों लोगों को एक साथ सचिवालय परिसर में ना दाखिल होने दिया जाए और गेट पर ही डीसी के हाथों ज्ञापन लेकर प्रदर्शनकारियों को वापिस भेज दिया जाए। लेकिन सचिवालय केक गेट बंद होने और पुलिस सुरक्षा देखकर दलित प्रदर्शनकारी भड़क गए और सचिवालय परिसर के अंदर जनसभा करने पर अड़ गए। इस दौरान उनकी कई पुलिस अधिकारियों से तीखी बहस भी हुई। बाद में मौके पर पहुंचे डीसी डा. हरदीप सिंह ने मौके की नजाकत को समझते हुए प्रदर्शनकारियों को सचिवालय परिसर के अंदर स्थित पार्क में बैठकर जनसभा करने की इजाजत दे दी। इस जनसभा के बाद डीसी हरदीप सिंह ने पार्क में ही जाकर प्रदर्शनकारियों से ज्ञापन भी ले लिया। पार्क में ही कुछ दलित प्रदर्शनकारी पेड़ भी चढ़े नजर आए।
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भाषण के दौरान आपस में ही उलझे दलित संगठनों के नेता
पार्क में जनसभा की इजाजत मिलते ही दलित संगठनों के नेताओं ने पार्क में प्रदर्शनकारियों को संबोधित करना शुरू कर दिया। इसी दौरान प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे कुछ दलित नेताओं के बीच आपस में भी बहस हो गई। आप टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ चुके कर्मचारी नेता रहे पूनम चंद रत्ति ने स्टेज पर चढ़कर भाषण देने से इंकार कर दिया और अपनी जगह पर खड़े खड़े ही प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया। दूसरी ओर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर के सहयोगी सुरजीत मेडल ने भी इस मौके पर प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया।
पूर्व सीपीएस गिल्लाखेड़ा को करना पड़ा विरोध का सामना
पूर्व मुख्य संसदीय सचिव प्रहलाद सिंह गिल्लाखेड़ा को इस दौरान दलित संगठनों के प्रदर्शन को समर्थन देना महंगा पड़ गया। लघु सचिवालय के पार्क में अपने लाव-लश्कर के साथ पहुंचे प्रहलाद सिंह गिल्लाखेड़ा जैसे ही स्टेज पर चढने को हुए तो प्रदर्शनकारियों में शामिल दलित युवाओं ने उनकी जोरदार हूटिंग कर दी और मजबूरन उन्हें बिना भाषण दिए बैरंग ही लौटना पड़ा।
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फ्लैग....एससी एक्ट में संशोधन के विरोध में भड़के दलित संगठन
- लाल बत्ती चौक पर कुछ देर के लिए लगाया जाम, फिर विशाल रोष मार्च के साथ जताया विरोध, डीसी को सौंपा ज्ञापन
- प्रदर्शनकारियों की संख्या का अनुमान नहीं लगा सका प्रशासन, डीसी ने माना, कमजोर रहे सुरक्षा प्रबंध
- दलित संगठनों के बैनर तले हजारों प्रदर्शनकारियों ने सचिवालय के गेट पर किया हंगामा, हलक में अटकी रही अफसरों की सांसें,
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद।
एससी-एसटी एक्ट में संशोधन के विरोध में दलित संगठनों के बैनर तले हजारों दलितों ने जिलेभर में विरोध प्रदर्शन किए। सोमवार को टोहाना में दलित प्रदर्शनकारियों द्वारा कुछ दुकानों पर पत्थरबाजी और जबरन दुकानों के शटर बंद किए जाने की घटना सामने आई है। इस पत्थरबाजी में तीन दुकानों के शीशे टूट गए। फतेहाबाद में भी दलित संगठनों ने लाल बत्ती चौक से हजारों की तादाद में लघुसचिवालय तक रोष मार्च निकाला और इस दौरान सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। लघु सचिवालय के गेट पर दलित प्रदर्शनकारियों व पुलिस अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। बाद में डीसी डा. हरदीप सिंह ने प्रदर्शनकारियों को सचिवालय के पार्क में सभा करने की इजाजत दे दी जिसके बाद दलितों का गुस्सा शांत हुआ।
दलित संगठनों ने सोमवार सुबह लाल बत्ती चौक स्थित अंबेडकर पार्क में एकत्रित होकर पहले न्यायपालिका में राजनीतिक हस्तक्षेप बंद करने की मांग रखी और इसके बाद हजारों लोगों ने लाल बत्ती चौक पर जाम लगाने का भी प्रयास किया। हालांकि इस दौरान मौके पर सिटी एसएचओ सुरेंद्र कंबोज ने दलित प्रदर्शनकारियों को जाम ना लगाने के लिए सफल प्रयास किया। इसके बाद हजारों प्रदर्शनकारियों ने लाल बत्ती चौक से लेकर लघु सचिवालय तक रोष मार्च निकाला। इस दौरान सिटी एसएचओ प्रदर्शनकारियों की भीड़ के साथ साथ चलते रहे। प्रदर्शनकारी इस दौरान पैदल मार्च के अलावा बाइकों, ट्रैक्टरों और गाड़ियों पर भी सवार होकर सचिवालय पहुंचे।
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सचिवालय के गेट बंद करने पर भड़के
दलित संगठनों के प्रदर्शन में हजारों लोगों के शामिल होने की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन ने सचिवालय के मुख्य गेट को बंद कर दिया। दरअसल प्रशासन की प्लानिंग थी कि हजारों लोगों को एक साथ सचिवालय परिसर में ना दाखिल होने दिया जाए और गेट पर ही डीसी के हाथों ज्ञापन लेकर प्रदर्शनकारियों को वापिस भेज दिया जाए। लेकिन सचिवालय केक गेट बंद होने और पुलिस सुरक्षा देखकर दलित प्रदर्शनकारी भड़क गए और सचिवालय परिसर के अंदर जनसभा करने पर अड़ गए। इस दौरान उनकी कई पुलिस अधिकारियों से तीखी बहस भी हुई। बाद में मौके पर पहुंचे डीसी डा. हरदीप सिंह ने मौके की नजाकत को समझते हुए प्रदर्शनकारियों को सचिवालय परिसर के अंदर स्थित पार्क में बैठकर जनसभा करने की इजाजत दे दी। इस जनसभा के बाद डीसी हरदीप सिंह ने पार्क में ही जाकर प्रदर्शनकारियों से ज्ञापन भी ले लिया। पार्क में ही कुछ दलित प्रदर्शनकारी पेड़ भी चढ़े नजर आए।
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भाषण के दौरान आपस में ही उलझे दलित संगठनों के नेता
पार्क में जनसभा की इजाजत मिलते ही दलित संगठनों के नेताओं ने पार्क में प्रदर्शनकारियों को संबोधित करना शुरू कर दिया। इसी दौरान प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे कुछ दलित नेताओं के बीच आपस में भी बहस हो गई। आप टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ चुके कर्मचारी नेता रहे पूनम चंद रत्ति ने स्टेज पर चढ़कर भाषण देने से इंकार कर दिया और अपनी जगह पर खड़े खड़े ही प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया। दूसरी ओर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर के सहयोगी सुरजीत मेडल ने भी इस मौके पर प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया।
पूर्व सीपीएस गिल्लाखेड़ा को करना पड़ा विरोध का सामना
पूर्व मुख्य संसदीय सचिव प्रहलाद सिंह गिल्लाखेड़ा को इस दौरान दलित संगठनों के प्रदर्शन को समर्थन देना महंगा पड़ गया। लघु सचिवालय के पार्क में अपने लाव-लश्कर के साथ पहुंचे प्रहलाद सिंह गिल्लाखेड़ा जैसे ही स्टेज पर चढने को हुए तो प्रदर्शनकारियों में शामिल दलित युवाओं ने उनकी जोरदार हूटिंग कर दी और मजबूरन उन्हें बिना भाषण दिए बैरंग ही लौटना पड़ा।