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जिले में बंद रहे 125 पंप, नहीं हो सकी साढ़े पांच लाख लीटर पेट्रोल-डीजल की बिक्री
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पेट्रोल पंप पर बिना तेल भरवाए जाते वाहन चालक।
- फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद। हरियाणा पेट्रोल-डीजल डीलर एसोसिएशन के आह्वान पर सोमवार को जिले के 125 पेट्रोल पंप बंद रहे। इस कारण करीब साढ़े पांच लाख लीटर पेट्रोल व डीजल की बिक्री नहीं हो सकी। जिले में एक ही दिन में करीब पांच करोड़ रुपये का पेट्रोलियम कारोबार प्रभावित हुआ है। सुबह कुछ देर के लिए रिलायंस पेट्रोल पंप खुले रहे, लेकिन बाद में वे भी बंद कर दिए गए। एसोसिएशन ने ऐलान किया कि 24 घंटे की हड़ताल है, इसलिए मंगलवार सुबह 6 बजे के बाद ही पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल-डीजल मिल पाएगा।
गौरतलब है कि एसोसिएशन द्वारा पहले से ही हड़ताल की घोषणा कर दी गई थी। इस कारण जागरूक उपभोक्ताओं ने रविवार को ही पेट्रोल-डीजल की खरीद कर ली थी।
शहरी क्षेत्र में 37 व ग्रामीण में 88 पेट्रोल पंप
एसोसिएशन सदस्यों के मुताबिक जिले के 125 पेट्रोल पंपों में से शहरी क्षेत्र में 37 जबकि ग्रामीण क्षेत्र में 88 हैं। जिले के अन्य शहरों के मुकाबले फतेहाबाद शहर में पेट्रोल पंपों की संख्या ज्यादा है। यहां 12 पेट्रोल पंप चल रहे हैं। इसके अलावा टोहाना में 8 व रतिया में 5 पेट्रोल पंप हैं। शहरी क्षेत्रों में बने पेट्रोल पंपों पर रोजाना 7 से 8 हजार लीटर पेट्रोल-डीजल की खपत होती है। वहीं, ग्रामीण क्षेत्र में 3 से 4 हजार लीटर पेट्रोल-डीजल रोजाना बिकता है। हड़ताल के कारण यह पूरी बिक्री नहीं हो सकी।
ये हैं एसोसिएशन की प्रमुख मांगें
एसोसिएशन सदस्यों ने बताया कि उन्होंने नकली डीजल की बिक्री रोकने, तेल पर एक्साइज ड्यूटी व वेट घटाने के बाद पंप संचालकों को हुए नुकसान की पूर्ति करने, कमीशन बढ़ाने की मांग को लेकर एकदिवसीय हड़ताल की है। फिर भी अगर मांगों का समाधान नहीं हुआ तो एसोसिएशन की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में आगामी फैसला लिया जाएगा। अगली हड़ताल लंबी भी चल सकती है।
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प्रधान बोले, गांव बुवान में बिक रहा नकली डीजल
जिला फतेहाबाद पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन के प्रधान गुरप्रीत सिंह ने आरोप लगाया कि विदेश से बेस ऑयल मंगवाकर लगभग हर जिलों में बने तेल अड्डों पर नकली डीजल बेचा जा रहा है। बेस ऑयल में कुछ और सामान मिलाकर यह तेल तैयार किया जाता है। इससे न केवल पंप डीलरों को 30 प्रतिशत तक नुकसान हो रहा है, बल्कि गाड़ियों को भी काफी नुकसान होता है। यह तेल डीजल बताकर 20 से 30 रुपये सस्ता बेचा जा रहा है। भूना के गांव बुवान में खुलेआम नकली डीजल बिक रहा है। मगर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। वहीं, सरकार ने तेल के दाम घटाए, जनता के लिए अच्छा किया, लेकिन एकदम से एक्साइज ड्यूटी और वेट घटाने से डीलरों को 2 लाख से 20 लाख रुपये तक का नुकसान हुआ, क्योंकि डीलरों ने काफी मात्रा में तेल खरीदा हुआ था, उसकी भरपाई नहीं हो पा रही। सरकार को वेट और घटाकर इसे सामान्य करना चाहिए, ताकि सरकार का रेवेन्यू भी न घटे और पंप डीलरों को भी नुकसान न हो।
मुझे रात को रतिया में शादी समारोह में शामिल होने के लिए जाना था। इसलिए पेट्रोल भरवाने पंप पर आया। मगर हड़ताल होने के कारण पेट्रोल नहीं मिल सका।
हरीश जांगड़ा, निवासी, फतेहाबाद
खेत में सिंचाई करनी हैं, इसलिए ट्रैक्टर में डीजल भरवाने आया था। पंप पर पहुंचा तो बताया गया कि हड़ताल है। अब मंगलवार को दोबारा आना पड़ेगा।
प्रेम कुमार, निवासी, बनावाली सोतर
शहर से घर जाते समय बाइक में पेट्रोल डलवाने आया था। मगर हड़ताल होने के कारण पेट्रोल नहीं मिला। दूसरे साथी की बाइक लेकर गांव तक जाना पड़ा।
अशोक कुमार, निवासी, ढाणी महताब
हमारी प्रदेश स्तरीय कमेटी के साथ चंडीगढ़ में अधिकारियों ने बैठक की है। मगर उसमें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल सका। इसलिए जल्द ही प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक होगी, जिसमें आगामी फैसला लिया जाएगा।
-गुरप्रीत सिंह, प्रधान, पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन, फतेहाबाद
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गौरतलब है कि एसोसिएशन द्वारा पहले से ही हड़ताल की घोषणा कर दी गई थी। इस कारण जागरूक उपभोक्ताओं ने रविवार को ही पेट्रोल-डीजल की खरीद कर ली थी।
शहरी क्षेत्र में 37 व ग्रामीण में 88 पेट्रोल पंप
एसोसिएशन सदस्यों के मुताबिक जिले के 125 पेट्रोल पंपों में से शहरी क्षेत्र में 37 जबकि ग्रामीण क्षेत्र में 88 हैं। जिले के अन्य शहरों के मुकाबले फतेहाबाद शहर में पेट्रोल पंपों की संख्या ज्यादा है। यहां 12 पेट्रोल पंप चल रहे हैं। इसके अलावा टोहाना में 8 व रतिया में 5 पेट्रोल पंप हैं। शहरी क्षेत्रों में बने पेट्रोल पंपों पर रोजाना 7 से 8 हजार लीटर पेट्रोल-डीजल की खपत होती है। वहीं, ग्रामीण क्षेत्र में 3 से 4 हजार लीटर पेट्रोल-डीजल रोजाना बिकता है। हड़ताल के कारण यह पूरी बिक्री नहीं हो सकी।
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ये हैं एसोसिएशन की प्रमुख मांगें
एसोसिएशन सदस्यों ने बताया कि उन्होंने नकली डीजल की बिक्री रोकने, तेल पर एक्साइज ड्यूटी व वेट घटाने के बाद पंप संचालकों को हुए नुकसान की पूर्ति करने, कमीशन बढ़ाने की मांग को लेकर एकदिवसीय हड़ताल की है। फिर भी अगर मांगों का समाधान नहीं हुआ तो एसोसिएशन की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में आगामी फैसला लिया जाएगा। अगली हड़ताल लंबी भी चल सकती है।
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प्रधान बोले, गांव बुवान में बिक रहा नकली डीजल
जिला फतेहाबाद पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन के प्रधान गुरप्रीत सिंह ने आरोप लगाया कि विदेश से बेस ऑयल मंगवाकर लगभग हर जिलों में बने तेल अड्डों पर नकली डीजल बेचा जा रहा है। बेस ऑयल में कुछ और सामान मिलाकर यह तेल तैयार किया जाता है। इससे न केवल पंप डीलरों को 30 प्रतिशत तक नुकसान हो रहा है, बल्कि गाड़ियों को भी काफी नुकसान होता है। यह तेल डीजल बताकर 20 से 30 रुपये सस्ता बेचा जा रहा है। भूना के गांव बुवान में खुलेआम नकली डीजल बिक रहा है। मगर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। वहीं, सरकार ने तेल के दाम घटाए, जनता के लिए अच्छा किया, लेकिन एकदम से एक्साइज ड्यूटी और वेट घटाने से डीलरों को 2 लाख से 20 लाख रुपये तक का नुकसान हुआ, क्योंकि डीलरों ने काफी मात्रा में तेल खरीदा हुआ था, उसकी भरपाई नहीं हो पा रही। सरकार को वेट और घटाकर इसे सामान्य करना चाहिए, ताकि सरकार का रेवेन्यू भी न घटे और पंप डीलरों को भी नुकसान न हो।
मुझे रात को रतिया में शादी समारोह में शामिल होने के लिए जाना था। इसलिए पेट्रोल भरवाने पंप पर आया। मगर हड़ताल होने के कारण पेट्रोल नहीं मिल सका।
हरीश जांगड़ा, निवासी, फतेहाबाद
खेत में सिंचाई करनी हैं, इसलिए ट्रैक्टर में डीजल भरवाने आया था। पंप पर पहुंचा तो बताया गया कि हड़ताल है। अब मंगलवार को दोबारा आना पड़ेगा।
प्रेम कुमार, निवासी, बनावाली सोतर
शहर से घर जाते समय बाइक में पेट्रोल डलवाने आया था। मगर हड़ताल होने के कारण पेट्रोल नहीं मिला। दूसरे साथी की बाइक लेकर गांव तक जाना पड़ा।
अशोक कुमार, निवासी, ढाणी महताब
हमारी प्रदेश स्तरीय कमेटी के साथ चंडीगढ़ में अधिकारियों ने बैठक की है। मगर उसमें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल सका। इसलिए जल्द ही प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक होगी, जिसमें आगामी फैसला लिया जाएगा।
-गुरप्रीत सिंह, प्रधान, पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन, फतेहाबाद