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%पर्यावरण सरंक्षण के लिए खुद आगे आकर काम करें किसान’
Updated Fri, 09 Nov 2018 12:02 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। पराली जलाने वाले किसान कुछ रुपयों को बचाने के लालच में न केवल स्वयं का और समाज का नुकसान करते हैं, बल्कि अपनी आने वाली पीढ़ियों के अस्तित्व के समक्ष भी एक बड़ा खतरा पैदा कर रहे हैं। अज्ञानतावश किसान पराली को आग लगा कर इसके प्रबंधन में लगने वाले कुछ रुपये तो बचा रहा है, लेकिन इन रुपयों को बचाने के चक्कर में वह वातावरण में जहर घोलकर ऐसे हालात पैदा कर रहा है, जहां मनुष्य का सांस लेना भी दूभर होता जा रहा है। सूचना जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के चौपाल कार्यक्रम तथा विशेष प्रचार अभियान के तहत गांव भिरड़ाना में आयोजित कार्यक्रम के दौरान डीडीपीओ अनुभव मेहत्ता व डीआईपीआरओ सुरेंद्र सिंह ने यह बात कही।
बिश्नोई बहुल भिरडाना गांव में जोधपुर के समीप की खेजड़ली घटना का उल्लेख करते हुए डीआईपीआरओ ने कहा कि वर्तमान में गुरु जंभेश्वर महाराज की शिक्षाओं पर चलते हुए एक बार फिर इस समाज के गणमान्य नागरिकों को आगे आकर भटके हुए किसानों को सही रास्ता दिखाना होगा ताकि पर्यावरण को बचाया जा सके। इस दौरान विभाग की टीम ने विभिन्न प्रचार माध्यमों के जरिये ग्रामवासियों को फसल बीमा योजना, फसल अवशेष प्रबंधन, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान तथा नशाखोरी की बुराईयों के प्रति जागरूक किया। इस अवसर पर गांव के सिटी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में छात्र-छात्राओं द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया गया। प्रदर्शनी में छात्र-छात्राओं ने विभिन्न विषयों पर अपने-अपने मॉडल प्रस्तुत किए। स्कूल के प्राचार्य सतीश बिश्नोई ने बताया कि उनके स्कूल के दो विद्यार्थियों ने राज्यस्तरीय प्रतियोगिताओं में प्रथम स्थान हासिल किए हैं।
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फतेहाबाद। पराली जलाने वाले किसान कुछ रुपयों को बचाने के लालच में न केवल स्वयं का और समाज का नुकसान करते हैं, बल्कि अपनी आने वाली पीढ़ियों के अस्तित्व के समक्ष भी एक बड़ा खतरा पैदा कर रहे हैं। अज्ञानतावश किसान पराली को आग लगा कर इसके प्रबंधन में लगने वाले कुछ रुपये तो बचा रहा है, लेकिन इन रुपयों को बचाने के चक्कर में वह वातावरण में जहर घोलकर ऐसे हालात पैदा कर रहा है, जहां मनुष्य का सांस लेना भी दूभर होता जा रहा है। सूचना जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के चौपाल कार्यक्रम तथा विशेष प्रचार अभियान के तहत गांव भिरड़ाना में आयोजित कार्यक्रम के दौरान डीडीपीओ अनुभव मेहत्ता व डीआईपीआरओ सुरेंद्र सिंह ने यह बात कही।
बिश्नोई बहुल भिरडाना गांव में जोधपुर के समीप की खेजड़ली घटना का उल्लेख करते हुए डीआईपीआरओ ने कहा कि वर्तमान में गुरु जंभेश्वर महाराज की शिक्षाओं पर चलते हुए एक बार फिर इस समाज के गणमान्य नागरिकों को आगे आकर भटके हुए किसानों को सही रास्ता दिखाना होगा ताकि पर्यावरण को बचाया जा सके। इस दौरान विभाग की टीम ने विभिन्न प्रचार माध्यमों के जरिये ग्रामवासियों को फसल बीमा योजना, फसल अवशेष प्रबंधन, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान तथा नशाखोरी की बुराईयों के प्रति जागरूक किया। इस अवसर पर गांव के सिटी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में छात्र-छात्राओं द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया गया। प्रदर्शनी में छात्र-छात्राओं ने विभिन्न विषयों पर अपने-अपने मॉडल प्रस्तुत किए। स्कूल के प्राचार्य सतीश बिश्नोई ने बताया कि उनके स्कूल के दो विद्यार्थियों ने राज्यस्तरीय प्रतियोगिताओं में प्रथम स्थान हासिल किए हैं।
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