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जाखल में 110 और टोहाना में 98 एमएम बारिश
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बारिश के बाद अपनी धान की फसल को देखता हुआ गाजुवाला का किसान।
- फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद/जाखल/रतिया। जिले में अधिकांश स्थानों पर शुक्रवार को बारिश हुई। सबसे अधिक बारिश जाखल व टोहाना में हुई। जहां बारिश राहत की बजाय आफत में बदल गई। जाखल में 24 घंटे के भीतर 110 एमएम जबकि टोहाना में 98 एमएम बारिश ने जलभराव से परेशानी बढ़ा दी। क्षेत्र के कई सरकारी स्कूलों के आगे जलभराव हो गया। इससे विद्यार्थियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। वहीं, रतिया में मुख्यमंत्री के आगमन से पहले कई स्थानों पर बारिश का पानी भर गया। इससे पानी निकासी के प्रबंधों के दावों की पोल भी खुल गई। इसके अलावा भट्टू कलां में भी 40 एमएम बारिश हुई।
जाखल खंड के गांव सिधानी के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के आगे विद्यार्थियों के घुटनों तक जलभराव हो गया। शिक्षकों व विद्यार्थियों ने बताया कि पिछले दो साल से स्कूल गेट के पास से गुजरती सड़क पर जलभराव की समस्या झेलनी पड़ रही है। स्कूल के मुख्य गेट के सामने पानी निकासी की कोई व्यवस्था नहीं होने के कारण विद्यार्थियों को जलभराव से होकर ही स्कूल जाना पड़ता है। गांव सिधानी के ग्रामीण अजय कुमार, अमित कुमार, अजीत शास्त्री मास्टर, धर्मवीर बिंदर, सुमित सिंह, कर्मवीर सिंह आदि ने बताया कि कई बार प्रशासन को लिखित में पानी निकासी की व्यवस्था के लिए कहा जा चुका है। मगर स्थिति ज्यों की त्यों हैं।
फसलें बर्बाद होने के कगार पर
पहले गर्मी बढ़ने के कारण बारिश का इंतजार कर रहे किसानों को अब मानसून की बारिश सताने लगी है। खेतों में भारी जलभराव होने से नरमे की फसल को ज्यादा नुकसान पहुंच रहा है। कई गांवों में फसलें बर्बाद होने के कगार पर पहुंच गई है। धान की फसल में भी जरूरत से ज्यादा पानी भर चुका है। किसान रामसिंह, बलजीत, अशोक कुमार, देवीलाल आदि ने बताया कि अब बारिश के कारण फसलों को नुकसान होने लगा है। कई गांवों में तो फसल चौपट हो गई है। खेतों से पानी निकासी के भी बेहतर प्रबंध नहीं है। किसानों ने प्रशासन से खराब फसलों का मुआवजा दिलाने की भी मांग की है।
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कोट
ग्राम क्षेत्र में बारिश के पानी की निकासी की व्यवस्था के लिए काम किया जा रहा है। समस्याओं के प्रति संज्ञान लिया जा रहा है। जहां अधिक दिक्कत है, वहां और ज्यादा प्रयास करेंगे।
-बलजीत सिंह चहल, डीडीपीओ, फतेहाबाद
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जाखल खंड के गांव सिधानी के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के आगे विद्यार्थियों के घुटनों तक जलभराव हो गया। शिक्षकों व विद्यार्थियों ने बताया कि पिछले दो साल से स्कूल गेट के पास से गुजरती सड़क पर जलभराव की समस्या झेलनी पड़ रही है। स्कूल के मुख्य गेट के सामने पानी निकासी की कोई व्यवस्था नहीं होने के कारण विद्यार्थियों को जलभराव से होकर ही स्कूल जाना पड़ता है। गांव सिधानी के ग्रामीण अजय कुमार, अमित कुमार, अजीत शास्त्री मास्टर, धर्मवीर बिंदर, सुमित सिंह, कर्मवीर सिंह आदि ने बताया कि कई बार प्रशासन को लिखित में पानी निकासी की व्यवस्था के लिए कहा जा चुका है। मगर स्थिति ज्यों की त्यों हैं।
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फसलें बर्बाद होने के कगार पर
पहले गर्मी बढ़ने के कारण बारिश का इंतजार कर रहे किसानों को अब मानसून की बारिश सताने लगी है। खेतों में भारी जलभराव होने से नरमे की फसल को ज्यादा नुकसान पहुंच रहा है। कई गांवों में फसलें बर्बाद होने के कगार पर पहुंच गई है। धान की फसल में भी जरूरत से ज्यादा पानी भर चुका है। किसान रामसिंह, बलजीत, अशोक कुमार, देवीलाल आदि ने बताया कि अब बारिश के कारण फसलों को नुकसान होने लगा है। कई गांवों में तो फसल चौपट हो गई है। खेतों से पानी निकासी के भी बेहतर प्रबंध नहीं है। किसानों ने प्रशासन से खराब फसलों का मुआवजा दिलाने की भी मांग की है।
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कोट
ग्राम क्षेत्र में बारिश के पानी की निकासी की व्यवस्था के लिए काम किया जा रहा है। समस्याओं के प्रति संज्ञान लिया जा रहा है। जहां अधिक दिक्कत है, वहां और ज्यादा प्रयास करेंगे।
-बलजीत सिंह चहल, डीडीपीओ, फतेहाबाद

गांव सिधानी के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के आगे जलभराव दिखाते विद्यार्थी।- फोटो : Fatehabad