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Fatehabad News: फर्जी बिल बनाकर पेस्टिसाइड डीलर से 1.63 करोड़ रुपये हड़पे, 11 लोगों पर प्राथमिकी
Sun, 15 Mar 2026 12:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sun, 15 Mar 2026 12:07 AM IST
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रतिया (फतेहाबाद)। फर्जी ईमेल आईडी और बिल बनाकर पेस्टिसाइड डीलर से 1.63 करोड़ की धोखाधड़ी में पुलिस ने शनिवार को हैदराबाद स्थित पेस्टिसाइड कंपनी नागार्जुन एनएसीएल इंडस्ट्रीज लिमिटेड के एमडी, डायरेक्टर समेत 11 अधिकारियों और कर्मचारियों पर प्राथमिकी दर्ज की है।
शिकायतकर्ता हरियाणा पेस्टिसाइड के संचालक जसबीर सिंह ने बताया कि वह वर्ष 2008 से कंपनी से डीलर के रूप में पेस्टिसाइड खरीदता रहा है। डीलिंग शुरू करते समय कंपनी ने सुरक्षा के नाम पर उसकी फर्म के पांच हस्ताक्षरित खाली चेक और पांच लेटरपैड ले लिए थे।
जसबीर सिंह के अनुसार कंपनी अधिकारी एमडी पवन कुमार, चेयरपर्सन लक्ष्मी राज, एनएसएम वीएन राजू, वीपी कानन उपाध्याय, एजीएम रघुचंद्र, सुशील शर्मा, डॉ. गजेंद्र सिंह, डॉ. योगेश प्रताप सिंह, डिपो इंचार्ज सुखविंद्र सिंह, टीएम मनोज कुमार, किरण कैन्डे, जोनल मैनेजर कपिल सहित अन्य कर्मचारियों ने उसकी फर्म के नाम फर्जी बिल जारी किए। बिलों पर नकली मोहर और हस्ताक्षर भी लगाए गए हैं।
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जांच के दौरान जसबीर को बैलेंस स्टेटमेंट में भारी बकाया दिखाया गया जबकि उसके अनुसार इंसेंटिव और क्रेडिट नोट मिलाकर कंपनी पर 1.63 करोड़ रुपये बकाया बनते हैं। आरोप है कि उसकी फर्म के नाम से फर्जी ईमेल बनाकर लगभग 2.25 करोड़ रुपये की गलत पुष्टि भी भेजी गई है। थाना प्रभारी पुष्पा सिहाग ने बताया कि शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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शिकायतकर्ता हरियाणा पेस्टिसाइड के संचालक जसबीर सिंह ने बताया कि वह वर्ष 2008 से कंपनी से डीलर के रूप में पेस्टिसाइड खरीदता रहा है। डीलिंग शुरू करते समय कंपनी ने सुरक्षा के नाम पर उसकी फर्म के पांच हस्ताक्षरित खाली चेक और पांच लेटरपैड ले लिए थे।
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जसबीर सिंह के अनुसार कंपनी अधिकारी एमडी पवन कुमार, चेयरपर्सन लक्ष्मी राज, एनएसएम वीएन राजू, वीपी कानन उपाध्याय, एजीएम रघुचंद्र, सुशील शर्मा, डॉ. गजेंद्र सिंह, डॉ. योगेश प्रताप सिंह, डिपो इंचार्ज सुखविंद्र सिंह, टीएम मनोज कुमार, किरण कैन्डे, जोनल मैनेजर कपिल सहित अन्य कर्मचारियों ने उसकी फर्म के नाम फर्जी बिल जारी किए। बिलों पर नकली मोहर और हस्ताक्षर भी लगाए गए हैं।
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जांच के दौरान जसबीर को बैलेंस स्टेटमेंट में भारी बकाया दिखाया गया जबकि उसके अनुसार इंसेंटिव और क्रेडिट नोट मिलाकर कंपनी पर 1.63 करोड़ रुपये बकाया बनते हैं। आरोप है कि उसकी फर्म के नाम से फर्जी ईमेल बनाकर लगभग 2.25 करोड़ रुपये की गलत पुष्टि भी भेजी गई है। थाना प्रभारी पुष्पा सिहाग ने बताया कि शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।