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सरकारी स्कूल की छात्रा रितिका ने प्रदेश में पाया दूसरा स्थान
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टोहाना। उपमंडल के गांव गाजूवाला के वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की छात्रा रितिका ने प्रदेश में दूसरा स्थान हासिल कर स्कूल का नाम रोशन किया है। परीक्षा परिणाम के बाद रितिका के स्कूल में खुशी का माहौल रहा और स्कूल स्टाफ ने उसे और उसके परिजनों को सम्मानित किया। इस दौरान रितिका ने अपनी इस सफलता का श्रेय स्कूल स्टाफ की मेहनत व माता के सहयोग को दिया है।
रितिका के पिता चरण सिंह प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते हैं और माता शैलेंद्रा गृहणि है। रितिका की एक बड़ी बहन और एक भाई भी है। रितिका की बहन अंजलि ने पिछले वर्ष इसी स्कूल से दसवीं कक्षा में 95 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। रितिका का छोटा भाई रजत कक्षा आठ में पढ़ाई करता है। रीतिका की इस सफलता के स्कूल की प्रिंसिपल जय सिंह गोदारा, सरपंच विजय हरिपाल ने बधाई दी।
रात के दो बजे तक पढ़ाई करती थी
रितिका ने बताया कि वह अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता व गुरुजनों को देती है। उसने बताया कि स्कूल का शांत माहौल व अच्छा वातावरण अन्य स्कूलों से अहम बनाता है। उसने बताया कि घर में उसके परिजनों ने उसका अलग से कमरा बनाया हुआ है। रितिका ने बताया कि जब वह रात के दो बजे तक पढ़ाई करती थी तो उसकी माता भी रात्रि के समय उसके साथ बैठी रहती थी। उसने बताया कि उसकी माता ने उसका बहुत सहयोग दिया है। रितिका ने बताया कि वह आगे चलकर गणित की अध्यापिका बनना चाहती है। रितिका अपनी बहन को प्रेरणा स्रोत मानती है, क्योंकि उसके भी 95 प्रतिशत नंबर आए थे।
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पढ़ाई के लिए बेटी के साथ मां भी जागती थी रात को
रितिका की माता शैलेंद्रा ने बताया कि जब रितिका रात्रि के समय पढ़ाई करती थी तो उसके लिए दूध देती थी। उसने बताया कि वह बेटी की पढ़ाई के समय रात्रि को जागती थी। उसने बताया कि परिजनों ने रितिका का पूरा सहयोग किया। उसके पिता ने उसकी हर बात को पूरा किया। स्कूल प्रिंसिपल साहब सिंह गोदारा ने बताया कि स्कूल स्टाफ व बच्चों की मेहनत के चलते स्कूल की छात्रा ने यह मुकाम हासिल किया है। उसने बताया कि आरोही स्कूल के सम्मान समारोह में पहुंचे थे तो जिला शिक्षा अधिकारी ने आरोही स्कूल व गाजूवाला स्कूल के बीच कंपीटिशन की बात हुई थी। इस छात्रा ने उनका नाम रोशन किया है इसके लिए वे छात्रा का आभार व्यक्त करते हैं। उन्होंने बताया कि स्कूल के शिक्षक समय पर स्कूल आते तथा बच्चों को पूरा समय पढ़ाई करवाते थे। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन व गांव के सरपंच का पूरा सहयोग इस स्कूल को मिला है।
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रितिका के पिता चरण सिंह प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते हैं और माता शैलेंद्रा गृहणि है। रितिका की एक बड़ी बहन और एक भाई भी है। रितिका की बहन अंजलि ने पिछले वर्ष इसी स्कूल से दसवीं कक्षा में 95 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। रितिका का छोटा भाई रजत कक्षा आठ में पढ़ाई करता है। रीतिका की इस सफलता के स्कूल की प्रिंसिपल जय सिंह गोदारा, सरपंच विजय हरिपाल ने बधाई दी।
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रात के दो बजे तक पढ़ाई करती थी
रितिका ने बताया कि वह अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता व गुरुजनों को देती है। उसने बताया कि स्कूल का शांत माहौल व अच्छा वातावरण अन्य स्कूलों से अहम बनाता है। उसने बताया कि घर में उसके परिजनों ने उसका अलग से कमरा बनाया हुआ है। रितिका ने बताया कि जब वह रात के दो बजे तक पढ़ाई करती थी तो उसकी माता भी रात्रि के समय उसके साथ बैठी रहती थी। उसने बताया कि उसकी माता ने उसका बहुत सहयोग दिया है। रितिका ने बताया कि वह आगे चलकर गणित की अध्यापिका बनना चाहती है। रितिका अपनी बहन को प्रेरणा स्रोत मानती है, क्योंकि उसके भी 95 प्रतिशत नंबर आए थे।
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पढ़ाई के लिए बेटी के साथ मां भी जागती थी रात को
रितिका की माता शैलेंद्रा ने बताया कि जब रितिका रात्रि के समय पढ़ाई करती थी तो उसके लिए दूध देती थी। उसने बताया कि वह बेटी की पढ़ाई के समय रात्रि को जागती थी। उसने बताया कि परिजनों ने रितिका का पूरा सहयोग किया। उसके पिता ने उसकी हर बात को पूरा किया। स्कूल प्रिंसिपल साहब सिंह गोदारा ने बताया कि स्कूल स्टाफ व बच्चों की मेहनत के चलते स्कूल की छात्रा ने यह मुकाम हासिल किया है। उसने बताया कि आरोही स्कूल के सम्मान समारोह में पहुंचे थे तो जिला शिक्षा अधिकारी ने आरोही स्कूल व गाजूवाला स्कूल के बीच कंपीटिशन की बात हुई थी। इस छात्रा ने उनका नाम रोशन किया है इसके लिए वे छात्रा का आभार व्यक्त करते हैं। उन्होंने बताया कि स्कूल के शिक्षक समय पर स्कूल आते तथा बच्चों को पूरा समय पढ़ाई करवाते थे। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन व गांव के सरपंच का पूरा सहयोग इस स्कूल को मिला है।